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आंकड़े: चार शतक, 500 रन और सबसे तेज़ ओपनिंग साझेदारी

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच रावलपिंडी टेस्ट के पहले दिन हुई विश्व रिकार्ड्स की बारिश

इंग्लैंड के चार बल्लेबाज़ों ने शतक लगाए  •  Getty Images

इंग्लैंड के चार बल्लेबाज़ों ने शतक लगाए  •  Getty Images

506/4 इंग्लैंड ने रावलपिंडी टेस्ट के पहले दिन चार विकेट खोकर 506 रन बनाए, जो कि विश्व रिकॉर्ड है। इससे पहले 1910 में ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ सिडनी टेस्ट में पहले दिन छह विकेट खोकर 494 रन बनाए थे। यह टेस्ट क्रिकेट में पहली बार है, जब किसी टीम ने पहले दिन ही 500 रन बनाए हैं। हालांकि किसी टेस्ट मैच के एक दिन में बनाए गए सबसे अधिक रन का रिकॉर्ड श्रीलंका के नाम है, जब 2002 के एक टेस्ट मैच में उन्होंने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ दूसरे दिन 509 रन बनाए थे।
1 इंग्लैंड ऐसी पहली टीम बन गई है, जिसके चार बल्लेबाज़ों ने पहले दिन ही शतक लगाया हो। 1938 और 2007 के बाद ऐसा तीसरी बार हुआ है जब चार इंग्लिश बल्लेबाज़ों ने एक ही पारी में शतक लगाया है। यह पहली बार है, जब पाकिस्तान के ख़िलाफ़ किसी टेस्ट पारी में चार शतक लगे हों।
174 रावलपिंडी टेस्ट में लंच से पहले 174 रन बने, जो कि किसी टेस्ट के पहले सत्र में बना एक रिकॉर्ड है। इससे पहले यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के ही नाम था, जब उन्होंने 1938 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट में 169 रन बनाए थे।
6.53 इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज़ों ज़ैक क्रॉली और बेन डकेट के बीच 6.53 के रनरेट से 233 रन की साझेदारी हुई, जो कि टेस्ट क्रिकेट में 200 प्लस रन की सबसे तेज़ ओपनिंग साझेदारी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के जो बर्न्स और डेविड वॉर्नर के नाम था, जब उन्होंने 2015 में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ 6.29 के रनरेट से रन बनाए थे। यह किसी भी विकेट के लिए तीसरी सबसे तेज़ साझेदारी भी है।
80 हैरी ब्रूक को शतक बनाने में 80 गेंदें लगीं, जो कि इंग्लैंड के लिए तीसरा सबसे तेज़ शतक है। गिल्बर्ट जेसॉप के नाम 76 और जॉनी बेयरस्टो के नाम 77 गेंद में शतक का रिकॉर्ड है। यह पाकिस्तान में पाकिस्तान के विरुद्ध सबसे तेज़ शतक का भी रिकॉर्ड है। इस मामले में ब्रूक ने ब्रायन लारा का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2006 के मुल्तान टेस्ट में 77 गेंदों में शतक लगाया था।
5 इस पारी में पांच बल्लेबाज़ों ने एक ओवर में चार चौके जड़े। इस दौरान ब्रूक ने सऊद शकील की छह गेंदों पर छह चौके लगाए। छह गेंदों में छह चौके लगाने का कारनामा इससे पहले अंतिम बार 2007 में हुआ था, जब सनत जयसूर्या ने जेम्स एंडरसन पर निशाना साधा था।
3 इस पारी में चार में से तीन शतक 100 से कम गेंदों में बने। शतक पूरा करने के लिए ब्रूक ने 80, क्रॉली ने 86 और ऑली पॉप ने 90 गेंदे ली। ऐसा भी टेस्ट क्रिकेट में पहली बार हुआ। 2006 के लाहौर टेस्ट में पाकिस्तान के शाहिद अफ़रीदी (78) व कामरान अकमल (81) और भारत के वीरेंद्र सहवाग (93) ने अलग-अलग पारियों में ऐसा किया था।

संपत बंडारुपल्ली ESPNcricinfo में स्टैटिस्टिशियन हैं।