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बाबर आज़म की क्षमता विश्व क्रिकेट में ख़ास है

गॉल में उन्होंने आख़िरी तीन बल्लेबाज़ों के साथ 82 रन बनाते हुए अपनी टीम को टेस्ट में बनाए रखा

बाबर आज़म ने श्रीलंका के ख़िलाफ़ अपना सातवां टेस्ट शतक बनाया  •  AFP/Getty Images

बाबर आज़म ने श्रीलंका के ख़िलाफ़ अपना सातवां टेस्ट शतक बनाया  •  AFP/Getty Images

बाबर आज़म वनडे रैंकिंग्स के हिसाब से सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ हैं। दूसरे स्थान पर इमाम-उल-हक़ उनसे 77 रैंकिंग प्वाइंट पीछे हैं। ऐसे ही टी20 रैंकिंग्स के शीर्ष पर उनके और मोहम्मद रिज़वान के बीच 24 प्वाइंट्स का फ़ासला है।
टेस्ट क्रिकेट में कहानी कुछ और है। जिस फ़ॉर्मैट को क्रिकेट प्रेमी सबसे ऊंचा दर्जा देते हैं उसमें बाबर जो रूट, स्टीव स्मिथ और मार्नस लाबुशेन के पीछे चौथे स्थान पर हैं।
अब उनकी तुलना विश्व के सबसे असरदार बल्लेबाज़ों से होती है। क्या 'बिग फ़ोर' अब 'बिग फ़ाइव' बन चुका है? रुट, स्मिथ, विराट कोहली, केन विलियमसन, और अब बाबर? ऐसा करना तो बनता है। खेल का यही तो उसूल है। कोई खिलाड़ी अपने-आप से तो महान नहीं कहा जा सकता? लेकिन यह याद रखिए कि बाक़ी के बल्लेबाज़ उनसे कम से कम चार या पांच साल बड़े हैं। क्रिकेट में बल्लेबाज़ी का मानदंड उन चारों ने कुछ सालों से बना रखा है। इसमें बाबर को ठूसने की शायद कोई हड़बड़ाहट नहीं होनी चाहिए।
वैसे भी, क्या इंग्लैंड, भारत, ऑस्ट्रेलिया और कुछ हद तक न्यूज़ीलैंड जैसे टीमों के किसी भी बल्लेबाज़ को पाकिस्तान के एक बल्लेबाज़ के साथ तोला जा सकता है? क्रिकेट के वाणिज्य को अगर इस तुलना में ले आएं तो यह बाबर के साथ और बड़ी नाइंसाफ़ी हो जाएगी।
गॉल टेस्ट की इस पारी में बाबर ने 119 रन बनाए। श्रीलंका कोई 'बिग थ्री' टीम नहीं है और ना ही साउथ अफ़्रीका जैसी मज़बूत गेंदबाज़ी क्रम वाली टीम। हालांकि इससे बाबर को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता। उन्होने एक कठिन पिच पर एक और बेहतरीन पारी खेलते हुए अपनी टीम को मैच में बनाए रखा। प्रभात जयसूर्या की सीधी आती गेंद ने उनके साथियों को छकाया लेकिन उन्होंने बाएं हाथ के स्पिनर को धैर्य से अपने शरीर के पास से खेला। उन्होंने अपने डिफ़ेंस पर भरोसा जताया और कई गेंदों को बिना रन बनाए खेला।
बाबर की ख़ासियत है कि उन्होंने इस पिच पर वैसे खेला जैसा उन्हें उचित लगा। इसी सतह पर हाल ही में स्मिथ और लाबुशेन ने बल्लेबाज़ी की थी। लाबुशेन ने इससे आसान पिच पर शतक ज़रूर जड़ा था लेकिन उस पारी में उन्हें काफ़ी जल्दी एक जीवनदान भी मिला था। उन दोनों ने शायद बाबर जितना अपनी शैली पर पूरा भरोसा नहीं दर्शाया था।
और तो और पाकिस्तान का कोई भी बल्लेबाज़ उनके साथ टिकने पर राज़ी नहीं दिख रहा था। बाबर ने 244 गेंदें खेलीं और दूसरे नंबर पर यासिर शाह ने 56 गेंदों का सामना किया। अगर आप बाबर के 119 को छह से विभाजित करेंगे तो भी वह अपनी टीम के टॉप स्कोरर होंगे।
जब सातवां विकेट गिरा तब वह 28 पर थे, और फिर क्रमशः 38 और 55 पर उन्होंने अगले दो साथी गंवाएं। यहां से उन्होंने लगभग 72 प्रतिशत गेंदों को खेलते हुए अपने व्यक्तिगत स्कोर को दोगुना से अधिक तक बढ़ाया। यह एक ऐसी पिच थी जहां उनकी टीम में किसी और ने 20 रन तक नहीं बनाएं। बावजूद इसके आप ऐसा कोई समय याद नहीं कर पाएंगे जहां बाबर ने कोई जोखिम भरी बल्लेबाज़ी की हो। दूसरे सत्र के अंत की ओर कसुन रजिता के ओवर में तीन लगातार चौक्के लगाकर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया था।
आज से कुछ साल बाद शायद इस पारी को बाबर आज़म के पूरे करियर के संदर्भ में उतना महत्वपूर्ण स्थान नहीं मिलेगा। लेकिन नंबर 9, 10 और 11 के साथ एक जटिल पिच पर 82 रन जोड़ना कोई साधारण बात नहीं है। और बड़े खिलाड़ियों के साथ उनकी तुलना होना शायद उचित ना हो लेकिन ऐसा करने से किसी को कैसे रोका जाए? शायद हमें यह मान लेना चाहिए कि बाबर आज़म अलग परिस्थितियों, विपक्षी टीमों और मैच के हालात में ऐसा कुछ करने की क्षमता रखते हैं जो फ़िलहाल विश्व क्रिकेट में बहुत ख़ास है।

ऐंड्रयू फ‍़िडेल फ़र्नांडो ESPNcricinfo के श्रीलंकाई संवाददाता हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सहायक एडिटर और स्थानीय भाषा लीड देबायन सेन ने किया है।