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रेटिंग्स: अक्षर और हुड्डा ने मारा परफ़ेक्ट टेन, कप्तान शिखर को मिले सबसे कम अंक

जानिए दूसरे वनडे में भारतीय एकादश में हर खिलाड़ी को 10 में कितने अंक मिलते हैं?

वेस्टइंडीज़ की मुट्ठी से जीत छीनकर अक्षर ने एक मैच पहले ही सीरीज़ भारत के नाम कर दी। आइए हम करते हैं एकादश में हर एक खिलाड़ी के प्रदर्शन का आकलन।
क्या सही और क्या ग़लत?
ऐसे कम ही मैच रहे हैं जिसमें निचले मध्यक्रम ने भारत को जीत दिलाई हो। सैमसन और हुड्डा ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी का मुज़ायरा पेश करते हुए भारत को मैच में बनाए रखा जिसे अंजाम दिया अक्षर पटेल ने। इनके अलावा निचले मध्यक्रम के बल्लेबाज़ों ने दबाव वाली परिस्थितियों में जिस सूझबूझ का परिचय दिया वह क़ाबिल-ए-तारीफ़ है।
इस सीरीज़ में भारत की तेज़ गेंदबाज़ी यूनिट में सिराज को छोड़कर उतना पैनापन नहीं दिख रहा है। पहले मैच में जहां कृष्णा महंगे रहे थे तो उनके स्थान पर आए डेब्यूटंट आवेश ख़ान भी प्रभावित नहीं कर पाए। शार्दुल विकेट तो ले रहे हैं लेकिन रनगति पर लगाम लगाने में विफल रहे हैं।
प्लेयर रेटिंग्स (1 से 10, 10 सर्वश्रेष्ठ रेटिंग)
शुभमन गिल, 7.5 : पहले मैच की तरह गिल ने इस मैच में भी भारत को अच्छी शुरुआत दी और लय में भी दिख रहे थे, लेकिन सामने से अपने साथी बल्लेबाज़ों को संघर्ष करते देख वे भी अपना लय खो बैठे। अपने अंदाज़ के विपरीत कीपर के ऊपर से स्कूप करने के प्रयास में वे आउट हुए।
शिखर धवन, 6 : शिखर ने आज कप्तानी में भी कुछ ग़लतियां की। स्लॉग ओवरों में बाएं हाथ के बल्लेबाज़ के सामने अक्षर को लेकर आए, हालांकि यह ओवर महंगा नहीं पड़ा। लक्ष्य का पीछा करते हुए वे कभी भी लय में नहीं दिखे। हालांकि उन्होंने कुछ अच्छे कैच ज़रूर लपके।
श्रेयस अय्यर, 8.5 : शुरू में संघर्ष करने के बाद श्रेयस ने दबाव में बेहतरीन पारी खेली। छोटी गेंदों से परेशानी में रहने के बावजूद वे डटे रहे और सीरीज़ का लगातार दूसरा अर्धशतक जड़ा। पगबाधा आउट होने से पहले उन्होंने संजू के साथ मिलकर काफ़ी हद तक भारत को मैच में वापस ला दिया था।
सूर्यकुमार यादव, 6 : अपनी पारी की शुरुआत में ही कलाईयों का बेहतरीन उपयोग करते हुए सूर्या ने वाइड लॉन्ग ऑन के ऊपर से छक्का लगाकर बता दिया था कि वे किस तरह की फ़ॉर्म में हैं, लेकिन एक बार फिर अपनी शानदार फ़ॉर्म को वे नहीं भुना पाए और पहले वनडे की तरह इस मैच में भी वह गेंद को अपने विकेटों पर खेल गए।
संजू सैमसन, 8.5 : विकेटकीपिंग में संजू ने कुछ ग़लतियां ज़रूर की लेकिन बल्लेबाज़ी के समय आज भाग्य उनके साथ था। श्रेयस के साथ साझेदारी में वह संजू ही थे जिन्होंने आक्रामक रूख़ अख़्तियार कर रनगति को चलायमान रखा। अपने वनडे करियर का पहला अर्धशतक जड़ने के बाद वह दूर्भाग्यपूर्ण तरीक़े से रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
दीपक हुड्डा, 10 : इन्होंने बल्ले और गेंद से बेहतरीन ऑलराउंड खेल दिखाया। पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी कर वेस्टइंडीज़ के प्रारंभिक बल्लेबाज़ पूरी तरह से सेट दिख रहे थे, ख़ासकर काइल मेयर्स, जो कुछ ज़्यादी ही आक्रामक हो रहे थे। फिर दूसरे बदलाव के तौर पर आए दीपक हुड्डा ने आते ही पहली ही गेंद पर भारत को सफलता दिला दी। उसके बाद हुड्डा ने किफ़ायती गेंदबाज़ी करते हुए मिडिल ओवरों में वेस्टइंडीज़ को बांधे रखा। बल्लेबाज़ी की बारी आई तो हुड्डा ने समझदारी से बल्लेबाज़ी करते हुए अहम समय पर महत्वपूर्ण 33 रन जोड़े और पहले सैमसन और फिर अक्षर का बखूबी साथ निभाया।
अक्षर पटेल, 10 : अपनी फिरकी से वेस्टइंडीज़ को थिरकाने वाले अक्षर ने जब बल्लेबाज़ी की बारी आई तो ख़ूब बल्ला चलाया। शीर्ष और मध्यक्रम के पवेलियन लौटने के बाद भारत की हार लगभग तय माने जानी लगी थी, लेकिन अक्षर कहां हार मानने वाले थे, पांच साल बाद वनडे में पहली बार बल्लेबाज़ी जो कर रहे थे। सारी कसर उन्होंने इसी मैच में निकाल दी। अक्षर जब बल्लेबाज़ी करने आए तो उस समय भारत को 68 गेंद में 107 रन की ज़रूरत थी। अक्षर ने शुरू में कुछ गेंदों को परखा और फिर एक बार आक्रमण करना शुरू किया तो भारत को जीत दिलाकर ही रुके। उनकी यह पारी इसलिए और ख़ास थी क्योंकि उन्होंने निचले क्रम के साथ मिलकर भारत को जीत की दहलीज़ तक पहुंचाया।
शार्दुल ठाकुर, 8 : पावरप्ले में पहले बदलाव के तौर पर आए शार्दुल को 13 रन पड़े। इसके बाद उनको लंबे अंतराल तक गेंदबाज़ी से दूर रखा गया। हालांकि जब धवन ने जब उन्हें वापस बुलाया तो उन्होंने अपने कप्तान को निराश नहीं किया और स्लॉग ओवरों में अहम समय पर विकेट चटकाए। बल्लेबाज़ी में शार्दुल ने निराश किया।
आवेश ख़ान, 7 : वनडे डेब्यू पर आवेश ख़ान अपनी गेंदबाज़ी को ज़रूर भूलना चाहेंगे लेकिन मैच के आख़िरी क्षणों में लगाए गए अपने दो चौके को संभवत: वह हमेशा याद रखेंगे।
मोहम्मद सिराज, 7.5 : इन्होंने भले ही गेंदबाज़ी में कोई विकेट नहीं लिया हो लेकिन उन्होंने कसी हुई गेंदबाज़ी करते हुए पावरप्ले और स्लॉग ओवरों में वेस्टइंडीज़ के बल्लेबाज़ों को खुलकर नहीं खेलने दिया। आख़िरी ओवर में अक्षर को वापस स्ट्राइक पर लाना भी इस मैच में उनका एक महत्वपूर्ण योगदान रहा।
युज़वेद्र चहल, 7 : लेगस्पिन ग्रैंडमास्टर युज़वेंद्र चहल को इस मैच में पूरी तरह से ऑफ़ कलर नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कठिन ओवर डाले और ब्रैंडन किंग को अपने स्पिन के जाल में फंसाया।

कुणाल किशोर ESPNcricinfo हिंदी में एडिटोरियल फ़्रीलांसर हैं। @ImKunalKishore