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पूर्व ऑस्ट्रेलियाई हरफ़नमौला ऐलन डेविडसन का 92 साल की उम्र में निधन

उन्होंने 44 टेस्ट में 20.53 की औसत से 186 विकेट लिए थे

Alan Davidson enjoys his lunch, Australia v West Indies, 2nd Test, Melbourne, 3rd day, January 2, 1961

वह एक टेस्ट मैच में 100 रन बनाने और 10 विकेट लेने वाले पहले खिलाड़ी थे  •  Getty Images

1950 के दशक के ऑस्ट्रेलिया के मशहूर हरफ़नमौला खिलाड़ी ऐलन डेविडसन का 92 साल के उम्र में निधन हो गया। उन्होंने वेस्टइंडीज़ और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिस्बेन में हुए टाई टेस्ट मैच की दोनों पारियों में पांच विकेट लिए थे और बल्ले से भी दोनों पारियों में 40 से अधिक का स्कोर खड़ा किया था।
उन्होंने 1953 से 1963 के दौरान 44 टेस्ट मैचों में 20.53 की बेहतरीन औसत से 46 विकेट लिए थे। 150 से अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों में यह दूसरा सबसे कम औसत है। टेस्ट मैचों में उनके नाम पांच अर्धशतक है। इसके अलावा उनका प्रथम श्रेणी बल्लेबाज़ी औसत भी 32.96 का है।
वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ टाई हुए टेस्ट में उन्होंने 11 विकेट लिए थे और 124 रन बनाए थे। वह किसी टेस्ट में 10 विकेट और 100 रन का डबल बनाने वाले विश्व के पहले खिलाड़ी थे। उनके बाद सिर्फ इयन बॉथम, इमरान ख़ान और शाकीब अल हसन ने यह उपलब्धि हासिल की है।
2012 में ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो से इंटरव्यू में डेविडसन ने कहा था, "मैं दूसरी पारी में 80 रन बनाकर अच्छा खेल रहा था, लेकिन महत्वपूर्ण मौक़े पर ही रिची बेनो ने मुझे आउट करा दिया। तब मैच में दो ओवर बचे थे और हमें सात रन की ज़रूरत थी। उस ओवर में रिची ने तीन या चार गेंद खेल लिए थे। इसके बाद उन्होंने एक शॉट खेला और मैं रन लेने के लिए दौड़ पड़ा, लेकिन वे नहीं दौड़े और मुझे पवेलियन जाना पड़ा। मेरे आउट होने के बाद बेनो भी वेस हॉल के एक बॉउंसर पर विकेट के पीछे लपके गए और मैच अंततः टाई हुआ। यह मेरे करियर का सबसे दुखदायी मैच था।"
डेविडसन न्यू साउथ वेल्स में पैदा हुए थे और उन्होंने घर में बने पिच पर ही क्रिकेट खेलने की शुरुआत की थी। कुछ समय के बाद उनका परिवार सिडनी में बस गया। 1950 के दशक के अंतिम और 1960 के दशक के शुरुआती वर्षों में वह अपने करियर के चरम पर थे।
भारत के ख़िलाफ़ 1959 के कानपुर टेस्ट मैच में उन्होंने 12 विकेट लिए, जिसमें दूसरी पारी के दौरान 93 रन पर सात विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी प्रदर्शन है।
उन्होंने अपने करियर के अंतिम गेंद पर भी विकेट लिया था, यह मैच 1963 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ खेला गया था। संन्यास लेने के बाद वह क्रिकेट प्रशासन में आए और 33 साल तक न्यू साउथ वेल्स के अध्यक्ष रहे। वह 1979 से 1984 तक ऑस्ट्रेलिया के चयनकर्ता भी रहे थे।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के चेयरमैन रिचर्ड फ़्रॉयडेनस्टाइन ने कहा, "यह सिर्फ़ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट ही नहीं बल्कि विश्व क्रिकेट के लिए भी क्षति है। वह ना सिर्फ़ एक बेहतरीन क्रिकेटर, बल्कि एक अच्छे प्रशासक और मेंटॉर भी थे। क्रिकेट के लिए उनका जज़्बा और समर्पण महान था। वह प्रत्येक क्रिकेटर के लिए एक उदाहरण हैं। मैं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की तरफ़ से उनके परिवार, मित्रों और साथियों के लिए गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
न्यू साउथ वेल्स क्रिकेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ली जर्मेन ने कहा, "वह न्यू साउथ वेल्स के सार्वकालिक महान क्रिकेटरों में से एक हैं। हम उनके निधन पर बहुत दुःखी हैं। क्रिकेट में उनके योगदान के लिए क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स उनका आभारी है। हम उनके लिए श्रद्धांजलि और परिवार के लिए संवेदना प्रकट करते हैं। वह जेंटलमैन गेम के जेंटलमैन थे। उनकी यादें वर्षों तक हमारे साथ रहेंगी।"

ऐंड्रयू मक्ग्लैशन ESPNcricinfo के डिप्टी एडिटर हैं, अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर दया सागर ने किया है