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शाकिब : स्पिनर का नो-बॉल डालना एक 'बड़ा अपराध'

बांग्लादेश कप्तान ने अपनी टीम की अनुशासनहीनता पर खेद जताया

बांग्लादेश की टीम श्रीलंका से एक रोमांचक मुक़ाबले में हारकर एशिया कप से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई। गुरुवार रात को दुबई में खेले गए मैच में बांग्लादेश लगभग अंत तक या बराबरी पर थे और मुक़ाबले में हावी थे लेकिन उनसे फ़ील्ड पर कई ग़लतियां हुईं, और कप्तान शाकिब अल हसन के अनुसार महेदी हसन के दो नो-बॉल ने टीम को सबसे ज़्यादा क्षति पहुंचाई।
महेदी की पहले नो-बॉल पर चार स्पष्ट जीवनदान पाने वाले बल्लेबाज़ कुसल मेंडिस सातवें ओवर में ही आउट हो जाने चाहिए थे। इसके बजाय उन्होंने श्रीलंकाई पारी की नींव रचाते हुए 37 गेंदों पर 60 रन बनाए और आख़िरकार प्लेयर ऑफ़ द मैच भी रहे।
उनका दूसरा नो-बॉल तब आया जब श्रीलंका को चार गेंदों पर तीन रन चाहिए थे। जैसे ही असिथा फ़र्नांडो और महीश थीक्षना ने दूसरा रन पूरा किया उन्हें सायरन की आवाज़ से पता चला कि महेदी ने बोलिंग क्रीज़ की सीमा को लांघ दी थी। जब स्टेडियम पर जायंट स्क्रीन पर रिप्ले के ज़रिए इस बात की पुष्टि भी हो गई तो बांग्लादेश को पता था कि टूर्नामेंट में उनका सफ़र समाप्त हो चुका है।
शाकिब ने कहा, "कोई भी कप्तान नहीं चाहता कि उसकी टीम में कोई नो-बॉल डाले। एक स्पिनर के लिए नो-बॉल डालना तो किसी बड़े अपराध से कम नहीं। आज हम अनुशासित खेल नहीं दिखा पाए। हमें पता नहीं था कि हम दबाव को कैसे संभालेंगे। हम जानते थे कि कुसल स्पिन को अच्छे से खेलते हैं और ऐसे में उन्हें जल्दी आउट करना ज़रूरी था ताकि हमारे स्पिनर गेम में आ सकें। उन्हें हमने दो पर ड्रॉप किया और फिर जब वह आउट हुए तो गेंद नो-बॉल थी। आम तौर पर हमारे स्पिनर नो-बॉल नहीं करते लेकिन आज हमने दिखाया हम दबाव में बिखर जाते हैं। अगर हम क़रीबी मुक़ाबलों के 50 प्रतिशत मैच भी जीतते, तो आज इस प्रारूप में हमारा रिकॉर्ड काफ़ी बेहतर होता।"
बांग्लादेश के लिए डेब्यू कर रहे इबादत हुसैन के आख़िरी दो ओवर भी बहुत महंगे साबित हुए। इबादत ने अपने पहले दो ओवर में 13 रन देकर तीन विकेट लेते हुए दमदार शुरुआत की थी लेकिन उन्होंने आख़िरी दो ओवर में 38 रन लुटाए। पारी के 19वें ओवर में उन्होंने एक वाइड और नो-बॉल भी डाला और कुल 17 रन दिए जिससे पूरी गतिशीलता श्रीलंका के तरफ़ चली गई।
इस मैच ने हमें सिखाया कि दबाव वाली परिस्थितियों में कैसे गेंदबाज़ी की जाए। आप ऐसे पिचों पर तेज़ गेंदबाज़ों से 10-12 अच्छे ओवर की आशा कर सकते हैं। जो गेंदबाज़ ऐसा कर सकते हैं उन्हें ही टीम में मौक़ा मिलेगा।
शाकिब अल हसन
शाकिब ने कहा, "इबादत ने इस स्तर का दबाव वाला मैच कभी नहीं खेला था। उन्हें अभी काफ़ी कुछ समझना है। उनके पहले दो ओवरों ने हमें मैच में वापसी करने का अवसर दिया था। हमें लगा शायद आज उनका दिन है। जब कोई ऐसी शुरुआत करता है तो आप उनसे अपनी लय बनाए रखने की उम्मीद रखते हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हमारा प्लान था लगातार विकेट लेते रहना और हमने ऐसा ही किया। उन्हें आख़िर के दो ओवरों में 25 रन चाहिए थे। सात विकेट जब गिरें हों तो आप अपने प्रमुख गेंदबाज़ों से यह उम्मीद रखते हैं कि वह पुछल्ले बल्लेबाज़ों के विरुद्ध यह डिफ़ेंड कर लेंगे।"
टी20 विश्व कप की ओर देखते हुए शाकिब ने तेज़ गेंदबाज़ों द्वारा बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताते हुए कहा, "इस मैच ने हमें सिखाया कि दबाव वाली परिस्थितियों में कैसे गेंदबाज़ी की जाए। आप ऐसे पिचों पर तेज़ गेंदबाज़ों से 10-12 अच्छे ओवर की आशा कर सकते हैं। जो गेंदबाज़ ऐसा कर सकते हैं उन्हें ही टीम में मौक़ा मिलेगा। गणित काफ़ी सरल है - हमने यहां पर चार तेज़ गेंदबाज़ों को आज़माया है और न्यूज़ीलैंड में त्रिकोणीय श्रृंखला में कुछ और को भी देख सकते हैं। इससे हमें यह अंदाज़ा मिल जाएगा कि ऑस्ट्रेलिया में कौन सफल होगा।"
शाकिब ने टूर्नामेंट में मिले कुछ आशावादी पहलुओं को भी उजागर किया। मसलन मेहदी हसन, जिन्हें चार साल में पहली बार किसी टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में ओपनर के तौर पर उतारा गया। उन्होंने केवल 26 गेंदों पर 38 बनाए, जिसमें दो चौके और दो छक्के शामिल थे।
शाकिब ने कहा, "वह घरेलू क्रिकेट में इसे अच्छे से करते हैं इसलिए हमें उनपर विश्वास था। पहले मैच में भी हम उनसे शीर्ष क्रम में बल्लेबाज़ी करवाने की सोच रहे थे लेकिन वह आख़िरकार खेले ही नहीं। उन्होंने आज अपने हुनर और मनोवृत्ति को दर्शाया। वह बिलकुल विचलित नहीं थे और पहले छह ओवरों को दबाव को उन्होंने बड़ी आसानी से संभाला।"
शाकिब ने विश्व कप से पहले टीम के साथ धीरज से काम लेने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, "मैं इन दो मुक़ाबलों के साथ टी20 कप्तानी में लौटा हूं। एक नई शुरुआत हमेशा कठिन होती है। हम एक योजना के तहा आगे बढ़ रहे हैं और अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ मैच उसकी पहली ही कड़ी थी। हमें अपने लक्ष्य को धीरे-धीरे हासिल करना है। लेकिन अगर आप हमारे शारीरिक भाषा और मानसिकता को देखें, तो हम पिछले तीन या चार सीरीज़ के मुक़ाबले इन दो मैचों में उसमें सुधार ला चुके हैं।"

मोहम्मद इसाम ESPNcricinfo के बांग्लादेशी संवाददाता हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सहायक एडिटर और स्थानीय भाषा लीड देबायन सेन ने किया है।