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पोंटिंग: कोहली का तरोताज़ा होकर लौटना अच्छा संकेत

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान के अनुसार पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ऋषभ पंत को बाहर रखना भारतीय टीम की शक्ति को दर्शाता है

विराट कोहली ने 42 दिनों के ब्रेक के बाद एशिया कप से मैदान पर वापसी की थी  •  Getty Images

विराट कोहली ने 42 दिनों के ब्रेक के बाद एशिया कप से मैदान पर वापसी की थी  •  Getty Images

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने भारतीय बल्लेबाज़ विराट कोहली द्वारा अपने मानसिक स्वास्थ्य पर हालिया ख़ुलासे के बारे में कहा है कि वह अपने करियर के आख़िरी पड़ाव में भी "ख़ुद पर काफ़ी दबाव" डाल रहे थे। पोंटिंग के अनुसार कोहली ने एशिया कप से पहले क़रीबन एक महीने का ब्रेक लेकर "आत्म-चिंतन" के लिए समय निकालकर अच्छा किया है और वह अब बेहतर खेल दिखा पाएंगे।
भारत के पाकिस्तान पर पांच विकेट की जीत के बाद पोंटिंग ने 'आईसीसी रिव्यू' पर कहा, "सबसे पहले तो मैं उन्हें रन बनाते हुए देख कर बहुत ख़ुश हुआ हूं। उन्होंने चेज़ में रन बनाए इसमें तो कोई आश्चर्य की बात नहीं थी। यह हम सब जानते हैं कि लक्ष्य का पीछा करते हुए उनका रिकॉर्ड ख़ासा प्रभावशाली है। जब मैंने उनकी पारी को देखा और हाल में सोशल मीडिया पर जो मैंने पढ़ा तो ऐसा लगा कि वह मानसिक तौर पर काफ़ी अंधेरे में चले गए थे। काफ़ी पुरुषों की तरह शायद वह इसे पहचानने या इसके बारे में बात करने से कतरा रहे थे। ऐसा लगता है जब से वह इस बारे में बात करने लगे हैं और शेयर करने लगे हैं, तब से वह थोड़ा आज़ाद महसूस कर रहे हैं और उनकी सोच भी सकारात्मक बन गई है।
"मैं उम्मीद करता हूं कि एशिया कप और आनेवाले विश्व कप में हम उन्हें सर्वश्रेष्ठ फ़ॉर्म में देखेंगे। मैं चाहूंगा विराट यहां (ऑस्ट्रेलिया) आएं और टूर्नामेंट के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक बनें, बशर्ते वह ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ज़्यादा रन नहीं बनाएं।"
कोहली अपने सर्वश्रेष्ठ फ़ॉर्म पर भले ही नहीं लौटे हों लेकिन 35 और 59 नाबाद के स्कोर के साथ वह फ़िलहाल एशिया कप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं। उन्होंने 28 अगस्त को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ हुए मैच से पहले एक साक्षात्कार में बताया था कि इस टूर्नामेंट से पहले "10 साल में पहली बार" उन्होंने महीने-भर के लिए बैट को हाथ नहीं लगाया था। साथ ही उन्होंने अपने मानसिक स्वास्थ्य के बारे में कहा कि वह अपनी "तीव्रता का नाटक" करने लगे थे।
पोंटिंग ने कहा, "मैं शायद उनकी 'तीव्रता' लेकर टिप्पणी के साथ ज़्यादा इत्तेफ़ाक़ नहीं रख सकता। जब चीज़ें आपके हित में नहीं होती और आप रन नहीं बना रहे होते तब यह गेम बहुत कठिन लगने लगता है। ऐसा कुछ मेरे साथ मेरे करियर के आख़िरी दो सालों में हुआ था। मैं सब कुछ सही तरीक़े से करने में इतनी ऊर्जा लगा रहा था कि मैं ख़ुद पर काफ़ी दबाव डाल रहा था और गेम को अपने ढंग से नहीं खेल रहा था। शायद यही चीज़ विराट को भी सताने लगी थी। यह इंसान के साथ होता है कि जब आपके लिए चीज़ें सही नहीं जातीं तो आप और कोशिश करते हैं, और आप जितनी कोशिश करते हैं वही चीज़ और कठिन हो जाती है।"
कोहली ने अपने साक्षात्कार में यह भी कहा कि जब वह मानसिक तौर पर संघर्ष कर रहे थे तब उन्हें पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री की वह बात याद आई कि कोहली "पिछले 10 साल में किसी भी खिलाड़ी से 40 या 50 प्रतिशत" ज़्यादा क्रिकेट खेल रहे थे।
इस बारे में पोंटिंग बोले, "आज का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर, और ख़ासकर आधुनिक भारतीय क्रिकेटर, अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम और आईपीएल मिलाकर इतनी भारी मात्रा में क्रिकेट खेलता है कि कभी-कभी आपको ताज़ा बने रहने का ढोंग करना ही पड़ता है। आप थके होते हैं लेकिन आपको अगले दिन फिर मैच खेलना होता है। जब आप एक ब्रेक लेते हैं और कुछ दिन या हफ़्ता गेम से दूर रहते हैं, तब आपको शारीरिक और मानसिक थकान का अंदाज़ा लगता है। विराट जैसे व्यक्ति के लिए एक हफ़्ता ब्रेक लेना काफ़ी नहीं था। उन्होंने एक महीना क्रिकेट से ख़ुद को दूर रखा, काफ़ी आत्म-चिंतन में समय गुज़ारा और अब तरोताज़ा होकर लौटे हैं और यह एक अच्छा संकेत है।"
भारत ने पाकिस्तान के विरुद्ध मुक़ाबले में एकादश में ऋषभ पंत की जगह दिनेश कार्तिक को जगह दी थी। 31 अगस्त को हॉन्ग कॉन्ग के ख़िलाफ़ उन्हें टीम में हार्दिक पंड्या के स्थान पर जगह मिली लेकिन पंत और कार्तिक दोनों को बल्लेबाज़ी करने का अवसर नहीं मिला। पोंटिंग ने बताया कि दिल्ली कैपिटल्स में साथ काम करते हुए पंत उनके पसंदीदा क्रिकेटरों में एक तो हैं लेकिन पाकिस्तान के ख़िलाफ़ उनके बाहर बैठने से उन्हें काफ़ी आश्चर्य हुआ।
पोंटिंग ने कहा, "वह हर गेम में अपनी टीम को जिताना चाहते हैं, चाहे वह भारत के लिए हो या दिल्ली कैपिटल्स के लिए। अगर आप इस टीम के संतुलन को देखें तो कार्तिक को भी बाहर बैठाना आसान नहीं क्योंकि वह अपने जीवन के श्रेष्ठ फ़ॉर्म में हैं। फ़िलहाल चयनकर्ताओं के पास हर मैच में कुछ बड़े सवाल हैं। अगर आप ऋषभ पंत जैसे स्टार को एकादश से बाहर रख सकते हैं तो इसका मतलब है आपके पास बहुत शक्तिशाली टीम मौजूद है।"
भारत सुपर 4 पड़ाव में अपना पहला मुक़ाबला रविवार, 4 सितंबर को खेलेगा और उसके सामने होगी शुक्रवार को खेली जा रही हॉन्ग कॉन्ग बनाम पाकिस्तान मैच की विजेता टीम।

देबायन सेन ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सहायक एडिटर और स्थानीय भाषा लीड हैं।