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बांग्लादेश की चुनौतियों को मिला श्रीराम का भरोसा

कई मायनों में श्रीराम का दृष्टिकोण आधुनिक है जो बांग्लादेश को सही परिणाम दिला सकता है

तकनीकी सलाहकार के रूप में नियुक्त किए जाने के बाद श्रीधरन श्रीराम को बांग्लादेश की टी20 अंतर्राष्ट्रीय टीम की ज़िम्मेदारी दी गई हैं  •  BCB

तकनीकी सलाहकार के रूप में नियुक्त किए जाने के बाद श्रीधरन श्रीराम को बांग्लादेश की टी20 अंतर्राष्ट्रीय टीम की ज़िम्मेदारी दी गई हैं  •  BCB

"अगर मैं समझदारी वाली बात करूंगा तो वह मेरी सुनेंगे। अगर मैं बकवास करूंगा तो वह मेरी नहीं सुनेंगे। बात इतनी सरल है।"
फ़रवरी 2017 में ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों के दमदार प्रदर्शन के बाद श्रीधरन श्रीराम की यह प्रतिक्रिया थी। थोड़ी देर पहले ही बाएं हाथ के स्पिनर स्टीव ओकीफ़ ने पुणे में 12 विकेट लेकर भारत को मात देने के बाद श्रीराम के प्रभाव और रणनीतियों की प्रशंसा की थी।
ऑस्ट्रेलिया के साथ स्पिन सलाहकार के रूप में सात सालों तक काम करने के दौरान श्रीराम के पास खिलाड़ियों के साथ संबंध बनाने का समय था। अब जब वह एशिया कप से पहले टी20 अंतर्राष्ट्रीय टीम के वास्तविक मुख्य कोच के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं, उनके पास टीम को कठिनाई से बाहर निकालने के लिए मुश्किल से तीन अभ्यास सत्र होंगे।
साल 2021 से बांग्लादेश ने इस प्रारूप में 35 में से 23 मैच हारे हैं। इसमें पिछले साल के विश्व कप में सुपर 12 चरण के दौरान गंवाए सभी मैच और पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, वेस्टइंडीज़ और ज़िम्बाब्वे के विरुद्ध गंवाई सीरीज़ शामिल हैं।
बांग्लादेश का सेटअप जटिल हो सकता है। शक्तियों और स्वतंत्रता के साथ प्रमुख कोच के सिर के ऊपर हमेशा बोर्ड अध्यक्ष का साया रहता है। यह अपने आप में काफ़ी दबाव है। हम बांग्लादेश के कट्टर प्रशंसकों की अपेक्षा के वज़न को गिन भी नहीं रहे हैं।
हालांकि श्रीराम इस बात से परेशान नहीं हैं। उन्हें चुनौतियों का सामना करना पसंद है। खिलाड़ियों की तरह, उन्हें खेल के साथ विकसित होने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। श्रीराम का प्रथम श्रेणी रिकॉर्ड आपको बताएगा कि उन्होंने लगभग 10,000 प्रथम श्रेणी रन बनाए, लेकिन स्पिन गेंदबाज़ी पर उनकी विशेषज्ञता के लिए वह अधिक प्रसिद्ध हैं।
बांग्लादेश बोर्ड द्वारा नियुक्त किए जाने के बाद श्रीराम ने कहा, "मैं इस तथ्य को भूल गया हूं कि मैं एक खिलाड़ी था, इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि मैंने कितने रन बनाए हैं। मैं यहां अन्य लोगों की मदद करने के लिए हूं। (कोच के रूप में आप) खिलाड़ियों को अलग नज़रों से देखते हैं। आईपीएल में विभिन्न संस्कृतियों, भारतीय खिलाड़ियों और ऑस्ट्रेलिया का मेरा अनुभव मेरी मदद करेगा। पूर्व और पश्चिम का अच्छा मिश्रण है। बांग्लादेश जैसी संस्कृति में आकर, मैं उनकी परवरिश, खेल के प्रति उनके दृष्टिकोण को समझता हूं।"
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के क्रिकेट निदेशक माइक हेसन, श्रीराम की कार्यप्रणाली के लाभार्थियों में से एक रहे हैं। पहले किंग्स इलेवन पंजाब और अब बेंगलुरु के लिए उसके साथ चार साल तक काम करने के बाद, वह श्रीराम की विशेषताओं का वर्णन कर रहे हैं।
हेसन ने ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो को बताया, "भले ही श्री अनुभवी हैं, वह हमेशा आगे बढ़ना चाहते है और मानदंडों को चुनौती देते हैं। यह एक कोचिंग समूह में महत्वपूर्ण है, जहां आप सीमाओं को तोड़ना चाहते हैं। वह हमेशा आधुनिक खेल के रुझानों को देखते हैं और नए विचारों के साथ आते हैं।"
श्रीराम की पहचान यह है कि वह खिलाड़ियों के साथ मज़बूत संबंध बनाते हैं। स्पिन उनकी विशेषता है लेकिन उनके पास बल्लेबाज़ी के भी अन्य अमूल्य गुण हैं। वह पृष्ठभूमि में और व्यवस्थित तरीक़े से काम करने को तैयार हैं।
मार्नस लाबुशेन के साथ श्रीराम का तालमेल एक प्रमुख उदाहरण है। 2017 में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के साख अपने पहले भारत दौरे पर श्रीराम ने लाबुशेन के स्पिन के विरुद्ध एक विशिष्ट कमज़ोरी को दूर करने में मदद की। उन्होंने उछाल लेने वाली पिच बनाई, स्वीप करने की रणनीति बनाई और कई बार लाबुशेन को तैयार करने के लिए, निर्धारित समय के बाद भी अतिरिक्त सत्रों की सुविधा भी दी।
इसके अलावा उन्होंने ग्लेन मैक्सवेल को आश्वस्त किया कि वह अपनी गेंदबाज़ी क्षमता को कम आंक रहे हैं। उन्होंने स्पिन के ख़िलाफ़ मैक्सवेल को अधिक संपूर्ण बल्लेबाज़ बनाने के लिए कुछ बदलाव अपनाने में मदद भी की।
श्रीराम ने जिस दूसरे पहलू पर कड़ी मेहनत की है, वह है उभरती प्रवृत्तियों के साथ तालमेल बिठाना। डाटा और एनालिटिक्स उनकी कोचिंग पद्धति का एक अभिन्न अंग हैं। बेंगलुरु में टैलेंट स्काउट मालोलन रंगराजन एक उदाहरण के साथ यह समझाते हैं।
"तकनीकी दृष्टिकोण से, डेटा की बहुत बड़ी भूमिका होती है," उन्होंने समझाया। "वह हमेशा अपने आईपैड या लैपटॉप में वीडियो देखते हैं और अगले गेम, अगले परिदृश्य की योजना बनाते हैं।"
रंजराजन ने आगे कहा, "जैसे इस साल के आईपीएल में पहले मैच में मयंक अग्रवाल का विकेट निकालने की योजना रची गई थी। मुझे पता है कि श्री ने कई वीडियो देखे, लेकिन हमारे द्वारा सेट किए गए फ़ील्ड को निर्धारित करने के लिए बहुत अधिक डेटा नहीं था। यह गेंदबाज़ (वनिंदु हसरंगा) की ताक़त पर अधिक आधारित था, और हम विकेट पाने के लिए एक अपरंपरागत फ़ील्ड के साथ आए। और पावरप्ले के एक ओवर बाद हमने विकेट लिया।"
"मैं यह नहीं कह रहा हूं कि श्री अकेले व्यक्ति हैं जो ऐसा करते हैं, लेकिन ऐसी योजनाओं को व्यक्तिगत रूप से सच होते देखना आश्चर्यजनक है। एक कोच के रूप में, जब आप काम करने वाली योजनाओं के साथ आते हैं, तो यह विशिष्ट होता है।"
श्रीराम के लिए, प्रत्येक चुनौती को एक अंतिम लक्ष्य द्वारा परिभाषित किया जाता है। और इसे हासिल करने की प्रक्रिया ठोस आधार से शुरू होती है। इसमें खिलाड़ियों के साथ बातचीत करना शामिल है कि उन्हें यहां क्या लाया है, उनके लिए क्या काम करता है और क्या नहीं, मैचों से पहले उनकी आदतें और मार्ग और सामान्य तौर पर यह समझ विकसित करना कि उनका खेल कहां है और वे इसे कहां बढ़ाना चाहते हैं।
श्रीराम ने कहा, "मैं अपने विचार और नई ऊर्जा लेकर आ रहा हूं। मैं टीम को एक साथ लाना और नए सिरे से शुरुआत करना चाहता हूं। मैं यह आंकड़ा देखा कि पहले तीन विकेट लेने में बांग्लादेश की औसत विश्व भर में सर्वश्रेष्ठ में से एक है।"
"बात यह नहीं है कि उन्होंने क्या ग़लत किया है। यह इस बारे में है कि उन्होंने क्या अच्छा किया है। मेरा ध्यान उनकी ताक़त पर और वहां से आगे बढ़ते जाने पर है। अगर हम बेहतर होते रहेंगे तो जो हम अच्छा नहीं कर रहे हैं वह अपनेआप सही हो जाएगा", उन्होंने आगे बताया।
कई मायनों में श्रीराम का दृष्टिकोण आधुनिक है जो वांछित परिणाम दे सकता है। बड़ा सवाल यह है कि क्या बांग्लादेश उन्हें समय देने को तैयार है।

शशांक किशोर ESPNcricinfo के सीनियर सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।