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कैसे शाकिब ने एक नीरस सत्र में अपने जादू से जान फूंक दी

हाल ही में तीनों प्रारूप नहीं खेलने के संकेत देने वाले शाकिब को ऐसे दिन इस पर विचार करने को मजबूर करेंगे

Shakib Al Hasan successfully appeals for lbw against Lasith Embuldeniya, Bangladesh vs Sri Lanka, 1st Test, Chattogram, 2nd day, May 16, 2022

शाकिब ने इस टेस्‍ट में अपने पुराने दिनों की याद दिलाई  •  AFP/Getty Images

शाकिब अल हसन ने गेंद को इतनी फ़्लाइट दिलाई कि वह बल्लेबाज़ की आंखों के स्तर से ऊपर जाते हुए गिरना शुरू करे। 80 नाबाद पर खेल रहे दिमुथ करुणारत्ना को यह रन बनाने का आसान मौक़ा दिखा और उन्होंने गेंद की तरफ़ क़दम बढ़ाया। और फिर हुई अनहोनी।
अब करुणारत्ना को छकाना आसान नहीं। पिछले दो सालों में वह टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में निरंतर शीर्ष पर आते रहे हैं। आम तौर पर उनका और शाकिब का मुक़ाबला बराबर का होता लेकिन यहां शाकिब इस सीरीज़ में अब तक कुछ ख़ास नहीं कर पाए थे। पहले टेस्ट से पूर्व उन्हें कोविड हुआ था और निगेटिव होने के बाद वह चटगांव टेस्ट खेले थे लेकिन उनकी गेंदबाज़ी में कोई जादू नहीं थी।
ढाका में शाकिब की भूमिका हमेशा अहम होती लेकिन क्या वह शारीरिक और मानसिक तौर पर टेस्ट के लिए तैयार थे? यह आजकल एक बड़ा सवाल बन गया है। शाकिब का परिवार अमेरिका के विस्कॉन्सिन में रहता है और उन्हें लगातार वहां और ढाका के बीच अपना समय बांटना पड़ता है। वह साल में बहुत सफ़ेद गेंद क्रिकेट भी खेलते हैं और ख़ासकर फ़्रैंचाइज़ी टी20 प्रारूप। ऐसे में टेस्ट क्रिकेट के लिए आप को अपने अनुभव पर भरोसा जताना होता है।
करुणारत्ना को पहले दिन के खेल में पीठ के दर्द ने परेशान किया था लेकिन इस दिन वह आसानी से श्रीलंका को एक अच्छी स्थिति में ले जा रहे थे। दिन के 10वें ओवर में शाकिब की गेंद पर उन्हें रन बनाने का अवसर दिखा लेकिन गेंद ने बल्ले और पैड के बीच ढूंढते हुए मिडिल स्टंप को जाते हुए चूम लिया।
इस गेंद ने सच में करुणारत्ना को छकाया। अगर आप उनकी आख़िरी पोज़िशन की तस्वीर देखते तो आपको लगता यह कोई नया बल्लेबाज़ होगा जिसने शाकिब को कभी नहीं खेला है। इस विकेट ने एक नीरस सत्र में जान फूंक दी। अचानक यही चर्चा शुरू हुई कि क्या मीरपुर की पिच परंपरागत तरीक़े से फ़िंगर स्पिनरों को मदद देने लगी है?
ऐसे विकेट पर आपकी पहली प्रतिक्रिया होती है कि ज़रूर गेंदबाज़ ने बल्लेबाज़ को इस गेंद के लिए तैयार किया था। करुणारत्ना के इस विकेट में फ़ील्ड के सजावट या पिछली गेंदों को देख कर ऐसा कुछ स्पष्ट नहीं दिख रहा था। हालांकि शाकिब ने दूसरे दिन के खेल में भी कुछ ख़ास कर दिखाया था जब एक तेज़ फिरकी खाती गेंद पर उन्होंने कुसल मेंडिस को पगबाधा आउट किया था। शाकिब ने तीसरे दिन करुणारत्ना को कुल 12 गेंदें डाली जिनमें कुछ राउंड द विकेट से थे। शाकिब आम तौर पर रन रोकने के उद्देश्य से अपना कोण नहीं बदलते। अगर वह ऐसा कर भी लें तो गेंद स्टंप्स के पास से ही डालते हैं।
शाकिब के बारे में बांग्लादेश के गेंदबाज़ी कोच ऐलन डॉनल्ड ने कहा, "ऐसे बंदे को आप क्या ही बता सकते हैं? शेन वॉर्न की तरह वह इतने परिपक्व हैं और इतनी सटीक गेंदबाज़ी करते हैं । मुझे पता है वह और [स्पिन गेंदबाज़ी कोच रंगना] हेराथ काफ़ी बातचीत करते रहते हैं। मैं हमेशा शाकिब का प्रसंशक रहा हूं। जब एबी [डीविलियर्स] कहते हैं कि उनको खेलना मुश्किल है तो यह सच तो होगा ही। आज उन्होंने फिर यही दिखाया। उम्मीद है वह कल पांच विकेट पूरे करेंगे और टीम का नेतृत्व करते रहेंगे।"
शाकिब को कमाल की गेंदों पर विकेट लेने की पुरानी आदत है और इस बात की पुष्टि जाक कालिस और इयन बेल कर सकते हैं। उन्होंने 2016 में इंग्लैंड और 2017 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ भी लाजवाब गेंदबाज़ी की थी। यह समय उल्लेखनीय है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ के बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में निरंतर हिस्सा नहीं लिया है ख़ासकर 2021 में आईसीसी के लगाए प्रतिबंध से लौटने के बाद। यह उसके बाद बांग्लादेश का 13वां टेस्ट है लेकिन शाकिब के पांचवां। समर्थकों के लिए करुणारत्ना का विकेट एक ऐसे युग की याद दिला गया जब अक्सर शाकिब इकलौते गेंदबाज़ होते थे जो विपक्ष के बल्लेबाज़ों को छकाने की क़ाबिलियत रखते थे।
सोचने वाली बात है कि क्या इस विकेट से उनके अंदर नियमित टेस्ट क्रिकेट खेलने का उत्साह और उल्लास जाग उठेगा? शाकिब जैसे बड़े खिलाड़ियों को इस तरह की प्रेरणा की ज़रूरत पड़ती है। हालांकि उन्होंने कभी टेस्ट क्रिकेट ना खेलने की बात नहीं छेड़ी है लेकिन उन्होंने पर्याप्त संकेत दिए हैं कि वह करियर के इस पड़ाव पर तीनों प्रारूप शायद नहीं खेल पाएंगे। शायद एक सनसनीखेज़ गेंद डालकर या एक यादगार पारी खेलकर वह टेस्ट क्रिकेट के मोह में फिर से मग्न हो जाएंगे। बांग्लादेश को उनके प्रतिभा की खिलाड़ी की ज़रूरत तो है ही लेकिन यह देखना बाक़ी है कि क्या उन्हें ख़ुद पांच दिन के कठोर क्रिकेट की दरकार है?

मोहम्‍मद इसाम ESPNcricinfo में बांग्‍लादेश के संवाददाता हैं। अनुवाद ESPNcricinfo में स्‍थानीय भाषा प्रमुख देबायन सेन ने किया है।