मैच (28)
भारत बनाम न्यूज़ीलैंड (1)
साउथ अफ़्रीका बनाम इंग्लैंड (1)
बीबीएल (1)
महिला अंडर-19 विश्व कप (2)
बीपीएल 2023 (2)
रणजी ट्रॉफ़ी (17)
सुपर स्मैश (1)
सुपर स्मैश (W) (1)
आईएलटी20 (1)
ऑस्ट्रेलिया बनाम पाकिस्तान (1)
ख़बरें

करियर के आख़िरी दिनों में भी हावी रहीं हैं ब्रंट

इंग्लैंड की तेज़ गेंदबाज़ संन्यास लेने के बहुत क़रीब हैं लेकिन राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक की प्रेरणा लिए ग़ज़ब की गेंदबाज़ी कर रहीं हैं

ब्रंट ने राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान ही अपना 100वां टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला  •  Getty Images

ब्रंट ने राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान ही अपना 100वां टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला  •  Getty Images

इन दिनों कैथरीन ब्रंट के मन में बहुत हलचल है।
राष्ट्रमंडल खेलों में उन्हें विपक्षी बल्लेबाज़ों के स्टंप उखाड़ते देख आपको शायद इसका अंदाज़ा नहीं लगेगा। लेकिन घरेलू परिस्थितियों में राष्ट्रमंडल खेल का स्वर्ण पदक जीतना और साथ ही ब्रंट का संन्यास लेने का समय जैसे नज़दीक आ रहा है, उनके दिल की धड़कनें और तेज़ हो रही होंगी।
वैसे तो ब्रंट ने कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन जनवरी में ऐशेज़ के दौरान उन्होंने यह कहा था कि वह अपने करियर का आख़िरी टेस्ट मैच खेल चुकीं हैं। ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो से एक साक्षात्कार में उनका कहना था कि संन्यास भले ही राष्ट्रमंडल खेलों के बाद हो या अगले वर्ष होने वाले टी20 विश्व कप के पश्चात, इसमें "बहुत समय नहीं बचा" है।
ब्रंट ने कहा, "सबके उतार चढ़ाव आते हैं। मैंने इस टूर्नामेंट से पहले तीन महीनों तक जी-तोड़ मेहनत की है। ऐसे में मैं अच्छे लय में हूं और अच्छा खेल रही हूं। इस सब से दूर चले जाना आसान नहीं होगा। इसीलिए मेरे मन में बहुत से विचार फ़िलहाल घूम रहे हैं।"
ब्रंट ने न्यूज़ीलैंड के विरुद्ध अपने पहले दो ओवर में दो रन देकर दो विकेट झटके। उनकी गेंदबाज़ी की मदद से इंग्लैंड ने न्यूज़ीलैंड को केवल 71 के स्कोर पर रोक लिया और सेमीफ़ाइनल में विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से मुक़ाबला करने से ख़ुद को बचा लिया। अब शनिवार को उनका मैच भारत से स्थानीय समयानुसार सुबह के मैच में होगा (भारत में दोपहर के 3.30 बजे) और बाद में शाम दूसरे सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की भिड़ंत होगी।
कुल मिलाकर ब्रंट का टूर्नामेंट बेहद अच्छा रहा है। गुरुवार को उन्होंने तीन ओवर में चार रन देकर दो विकेट लिए। इससे पहले साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ उन्होंने 16 रन देकर एक विकेट लिया और बल्ले से 23 गेंदों पर 38 नाबाद बनाए। श्रीलंका के विरुद्ध पांच विकेट की जीत में भी उनके तीन ओवर में आठ रन देकर एक विकेट था। न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ उनकी चौथी गेंद पर सोफ़ी डिवाइन बोल्ड हो गईं थीं। यह एक ऑफ़ कटर था जो अंदर आकर लेग स्टंप से जा टकराई। इस गेंद का श्रेय ब्रंट ने पूर्व महिला टीम कोच मार्क रॉबिंसन को दिया।
उन्होंने कहा, "उन्होंने मुझे बेहतर खिलाड़ी बनने की चुनौती दी। उनका मानना है कि 30 की उम्र के बाद कई खिलाड़ी अपनी गेम को सुधार नहीं पाते। मैं उन्हें ग़लत साबित करना चाहती थीं और इसके लिए मैंने कुछ गेंदें अपनी तरकश में डाली। इनका उपयोग सही समय पर सही खिलाड़ियों के विरुद्ध ही होता है और मैं करियर के इस पड़ाव में उन्हें शामिल करने को लेकर बहुत उत्साहित हूं।"
ब्रंट की आठवी गेंद तेज़ गति से अंदर आई और उसने अमीलिया कर के मिडिल स्टंप को झकझोर दिया। अब न्यूज़ीलैंड का स्कोर 10 रन पर दो विकेट था। इसके बाद 20-वर्षीय इसी वॉन्ग ने तीन ओवर में 10 रन देकर दो विकेट लिए, जिसमें टूर्नामेंट की सर्वाधिक स्कोरर सूज़ी बेट्स शामिल थीं और न्यूज़ीलैंड के वापसी के सारे रास्ते बंद कर दिए। वॉन्ग, बाएं हाथ की 17-वर्षीय सीमर फ़्रेया केंप और 17 साल की ही बल्लेबाज़ ऐलिस कैप्सी ने इन खेलों में बहुत प्रभावित किया है। तीनों ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण इस टूर्नामेंट से पहले साउथ अफ़्रीका के विरुद्ध खेली गई सीरीज़ में ही किया था।
ब्रंट ने कहा, "इन सभी युवा खिलाड़ियों के पास बहुत आत्मविश्वास हैं और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अच्छा करने के लिए आपके पास आत्मविश्वास और थोड़ा स्वाभिमान होना अच्छी बात है। जैसे मुक्केबाज़ मैच से पहले कहते हैं वह कभी नहीं हारते। हज़ारों की संख्या में दर्शकों के सामने आकर अच्छा खेलने के लिए उसी प्रकार के स्वाभिमान की ज़रूरत है। मैं बहुत ख़ुश हूं कि उनमें इतनी कम उम्र में यह मानसिकता है क्योंकि मेरे करियर का यह एक अहम हिस्सा रहा है।"
न्यूज़ीलैंड की कप्तान डिवाइन ने मज़ाक़ में कहा कि वह ब्रंट के संन्यास लेने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहीं हैं। उन्होंने कहा, "सूज़ी [बेट्स] और मैं बहुत निश्चिंत होंगे जब वह संन्यास ले लेंगीं। वह हमें 15 साल से परेशान करती आई हैं। वह बहुत चतुर गेंदबाज़ हैं। हालांकि उनकी गति अब पहले जितनी नहीं रही है, फिर भी वह अपनी चतुराई से इस टीम की अगुआई करतीं हैं। उनके जाने के बाद इंग्लैंड की टीम में एक बड़ी शून्यता रह जाएगी।"

वैल्केरी बेंस ESPNcricinfo में जनरल एडिटर हैं, अनुवाद ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो हिंदी के एडिटर देबायन सेन ने किया है