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गंभीर : निःसंदेह किशन को वनडे क्रिकेट में रोहित का साथी सलामी बल्लेबाज़ होना चाहिए

पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ी की एकादश में राहुल के लिए कोई स्थान नहीं

गौतम गंभीर - "इशान को अधिक मौक़े मिलने चाहिए। वह विकेटकीपिंग भी कर सकते हैं जिससे दो काम हो जाएंगे"  •  Associated Press

गौतम गंभीर - "इशान को अधिक मौक़े मिलने चाहिए। वह विकेटकीपिंग भी कर सकते हैं जिससे दो काम हो जाएंगे"  •  Associated Press

पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ गौतम गंभीर के अनुसार केवल और केवल इशान किशन को वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा का साथी सलामी बल्लेबाज़ होना चाहिए।
किशन ने इस महीने की शुरुआत में बांग्लादेश के विरुद्ध लगाए गए अपने पहले वनडे शतक को दोहरे शतक में तब्दील किया था। अब शिखर धवन के वनडे टीम से बाहर होने के बाद गंभीर को लगता है कि किशन के साथ जाना चाहिए।
जब गंभीर से रोहित के साथी सलामी बल्लेबाज़ के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मुझे आश्चर्य हो रहा है कि हम इस बारे में बात कर रहे हैं क्योंकि किसी ने पिछली पारी में दोहरा शतक बनाया है। बात ख़त्म हो गई। निःसंदेह, इशान किशन ही होने चाहिए। घर पर खेल रहे गेंदबाज़ी क्रम के विरुद्ध उन परिस्थितियों में दोहरा शतक लगाने वाले किसी खिलाड़ी को खेलना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "उन्होंने 200 रन 35वें ओवर के आसपास पूरे किए। आप इशान किशन के अलावा किसी और की तरफ़ देख ही नहीं सकते। उन्हें लंबे समय तक मौक़े दिए जाने चाहिए। वह विकेटकीपिंग भी कर सकते हैं जिससे दो काम हो जाएंगे। मेरे लिए तो यह बात होनी ही नहीं चाहिए। अगर किसी और ने दोहरा शतक बनाया होता तो मुझे लगता है कि हम उस व्यक्ति को लेकर बहुत उत्साहित होते लेकिन इशान किशन के साथ ऐसा नहीं है। वह इसलिए क्योंकि हम अब भी दूसरे खिलाड़ियों की बात कर रहे हैं। मेरे लिए यह बात ख़त्म हो गई है।"
वनडे क्रिकेट में अब तक टी20 जैसी छाप छोड़ने में नाकाम रहने के बावजूद गंभीर को लगता है कि सूर्यकुमार यादव चौथे नंबर पर एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। 16 वनडे मैचों में सूर्यकुमार ने केवल दो अर्धशतकों की मदद से 384 रन बनाए हैं। न्यूज़ीलैंड दौरे पर दो पारियों में वह 10 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए थे। वहीं मुंबई के उनके साथी खिलाड़ी श्रेयस अय्यर वनडे क्रिकेट में बेहतरीन फ़ॉर्म में रहे हैं। इस साल खेली गई 15 पारियों में श्रेयस ने 55.69 की औसत और 91.52 के स्ट्राइक रेट से 724 रन बनाए हैं। स्ट्राइक रोटेट तथा स्पिन के ख़िलाफ़ मध्य ओवरों में शॉट लगाने की क्षमता उनकी बल्लेबाज़ी की विशेषता रही है।
अपनी सर्वश्रेष्ठ भारतीय एकादश पर गंभीर ने कहा, "रोहित और इशान किशन के अलावा किसी और को पारी की शुरुआत करते देखना कठिन है। नंबर तीन पर विराट, चार पर सूर्या। पांच पर श्रेयस क्योंकि पिछले डेढ़ साल में वह बेहतरीन रहे हैं। हां, शॉर्ट गेंदों पर उनकी समस्या रही है लेकिन उन्होंने इसे संभाल लिया है। आप हर चीज़ के विरुद्ध सर्वश्रेष्ठ नहीं हो सकते हैं लेकिन अगर आप इसे संभाल रहे हैं और आंकड़े आपके साथ है, तो आप नंबर पांच पर श्रेयस और नंबर छह पर हार्दिक (पंड्या) के अलावा किसी और की तरफ़ नहीं देख सकते।"
क्या इसका अर्थ यह है कि वह के एल राहुल को अपनी एकादश से बाहर रखेंगे?
गंभीर ने कहा, "संभवतः वह बैक-अप विकेटकीपर और बैक-अप बल्लेबाज़ होंगे। देखिए, जब आप अपने मौक़ों को भुना नहीं पाए और किसी और ने वैसा किया तो आपको अपने मौक़े का इंतज़ार करना होगा। मुझे नहीं लगता कि आप नंबर चार पर सूर्या के अलावा किसी और की तरफ़ देख सकते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हां, उनके आंकड़े टी20 अंतर्राष्ट्रीय की तरह नहीं है लेकिन हम जानते हैं कि वह कितने ख़तरनाक हो सकते हैं। जब पांच खिलाड़ी घेरे में होते हैं, वह आपको नंबर चार से मैच जिता सकते हैं। हालिया फ़ॉर्म पर श्रेयस और छह पर हार्दिक - यह मेरी कोर होगी। शुभमन गिल को मौक़े का इंतज़ार करना होगा।"

"पृथ्वी शॉ की देखभाल करनी चाहिए"


गंभार मुंबई के बल्लेबाज़ पृथ्वी शॉ के लिए अपने समर्थन में काफ़ी स्पष्ट थे जो एक बार फिर चयन का हिस्सा नहीं हैं। शॉ पिछले साल जुलाई के बाद से कोई अंतर्राष्ट्रीय मैच नहीं खेल पाए हैं।
अपने छोटे अंतर्राष्ट्रीय करियर में शॉ को ख़राब फ़ॉर्म के साथ कई चीज़ों से जूझना पड़ा है। 2019 में डोपिंग संबंधित निलंबन के बाद से उनकी फ़िटनेस और जीवनशैली की आलोचना होती रही है।
इस साल मार्च में ख़बर आई थी कि शॉ यो-यो टेस्ट में फ़ेल हो गए थे। उनका 15 का स्कोर बीसीसीआई द्वारा पुरुषों के लिए निर्धारित 16.5 के मानक से काफ़ी कम था। अब तक इस सीज़न में वह चोट-मुक्त और मुंबई टीम का नियमित हिस्सा रहे हैं।
सैयद मुश्ताक़ अली टी20 मैचों में वह इस सीज़न 10 पारियों में 181.42 के स्ट्राइक रेट स 336 रन बनाकर दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज़ थे। विज़य हज़ारे ट्रॉफ़ी के आंकड़े इसकी तुलना में कम थे। हालिया रणजी ट्रॉफ़ी में पहले दो मैचों में उनके बल्ले से 13, छह और 19 रन निकले हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या यह धारणा कि शॉ को संभालना मुश्किल था, उनके खिलाफ गई होगी, गंभीर ने उन्हें मार्गदर्शन देने और उन्हें अपनी योजनाओं में बनाए रखने की ज़िम्मेदारी कोचों और चयनकर्ताओं पर डाल दी।
गंभीर ने सवाल करते हुए कहा, "कोच किस लिए है? चयनकर्ता किस लिए है? न सिर्फ़ दल चुनने या थ्रो-डाउन देने या मैच के लिए उन्हें तैयार करने के लिए। अंततः यह चयनकर्ताओं, कोचों और प्रबंधन को इन खिलाड़ियों की मदद करनी चाहिए। पृथ्वी शॉ जैसे किसी की प्रतिभा हमें पता है और संभवतः उन्हें सही रास्ते पर लाया जाना चाहिए और यह प्रबंधन की ज़िम्मेदारियों में से एक है।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि अगर यह बात (फ़िटनेस और जीवनशैली) है, तो राहुल द्रविड़ या चयनकर्ताओं के अध्यक्ष, किसी को उनसे बात करनी चाहिए, उन्हें स्पष्टता देनी चाहिए और समूह के इर्द-गिर्द रखना चाहिए। सही मार्ग पर लाने वाले लोग समूह के आसपास होने चाहिए ताकि उनकी बेहतर देखरेख हो सके। वह इसलिए क्योंकि जब आप उन्हें दूर रखेंगे तो वह कहीं भी जा सकते हैं।"
गंभीर ने आगे बताया, "पृथ्वी शॉ के अंतर्राष्ट्रीय करियर की जो शुरुआत हुई और जिस तरह की प्रतिभा उनमें है, आप प्रतिभा के आधार पर खिलाड़ी पर भरोसा करते हैं। हां, आपको उनकी परवरिश को भी देखना होता है, वह कहां से आते हैं और उनकी क्या चुनौतियां रही हैं। समझ वाली बात होगी अगर प्रबंधन और चयनकर्ता उन्हें समूह के आसपास रखते हुए सही रास्ते पर आने में उनकी मदद करें।"
क्या यह ज़िम्मेदारी खिलाड़ी की भी होनी चाहिए?
गंभीर ने कहा, "सौ प्रतिशत। यदि आप देश के लिए खेलने के लिए समर्पित और जुनूनी हैं, तो आपको सभी मापदंडों पर सक्षम होना चाहिए, चाहे वह फ़िटनेस हो या अनुशासन। यह दोनों तरह से होना है। आपको एक युवा लड़के को कम से कम एक मौक़ा या कुछ मौक़े देने होंगे, और अगर वह अभी भी ऐसा नहीं करता है, तो वह देश के लिए खेलने के लिए पर्याप्त जुनूनी नहीं है और शायद आप उससे परे देख सकते हैं।"
अपनी बात के अंत में गंभीर ने कहा, "हालांकि अगर वह मेहनत करने के लिए तैयार है और मैं जानता हूं वह कितना ख़तरनाक हो सकता है। अगर वह आपके लिए मैच जिता सकता है तो चाहे ट्रेनर हो, प्रबंधन, प्रमुख कोच या चयनकर्ताओं के अध्यक्ष, इन सभी को इन युवा लड़कों को सही मार्ग पर लाने की कोशिश करनी चाहिए।"

शशांक किशोर ESPNcricinfo में सीनियर सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।