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ड्रॉप होने के बाद वरुण वापसी करने के लिए और प्रेरित होंगे : वेटोरी

इयन बिशप को इस फ़ैसले पर कोई आश्चर्य नहीं हुआ लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वरुण वापसी ज़रूर करेंगे

Varun Chakravarthy in a pensive mood, Kolkata Knight Riders vs Punjab Kings, IPL 2021, Dubai, October 1, 2021

वरुण चक्रवर्ती इस सीज़न में अब तक आठ मैचों में केवल चार विकेट ले पाए हैं  •  BCCI

न्यूज़ीलैंड और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पूर्व कप्तान डेनियल वेटोरी का मानना है कि वरुण चक्रवर्ती को 'प्लान बी की सख़्त ज़रूरत है।' ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो के विशेष शो टी20 टाइम-आउट पर वेटोरी ने कहा कि शीर्ष गुणवत्ता वाले बल्लेबाज़ों के विरुद्ध, जो उनकी गेंदबाज़ी को समझने लगे हैं, नहीं चल पाना इस सीज़न में वरुण की ख़राब फ़ॉर्म का कारण बन चुका है।
मंगलवार को कोलकाता नाइट राइडर्स ने वरुण को एकादश से बाहर रखा था। उनकी जगह युवा तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा को मौक़ा दिया गया क्योंकि कोलकाता लगातार चार हार के बाद अंक तालिका में आगे बढ़ने का प्रयास कर रही थी।
वेटोरी ने कहा, "उनके आंकड़े अच्छे नहीं हैं। उनकी गेंदबाज़ी पिछले सीज़नों की तरह घातक भी नहीं नज़र आ रही है। वह गेंद को ज़्यादा स्पिन नहीं करवाते जिससे बल्लेबाज़ उनपर आसानी से आक्रमण कर सकते हैं। शायद इन सब कारणों की वजह से कोलकाता ने (उन्हें ड्रॉप करने का) यह निर्णय लिया है।"
उन्होंने आगे कहा, "शायद वह उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करना चाहते थे। वह पिछले साल की तुलना में एक अलग ही गेंदबाज़ नज़र आ रहे हैं।"
इस सीज़न में वरुण ने आठ मैचों में केवल चार विकेट अपने नाम किए हैं, वह भी 8.82 की इकॉनमी के साथ। पिछले तीन मैचों में उन्होंने चार ओवरों का स्पेल पूरी नहीं किया हैं और विकेट भी उनके हाथ नहीं लगी है। इस दौरान उन्होंने 12 की इकॉनमी से रन लुटाए हैं।
यह आईपीएल 2021 की सफलता के बाद उनके फ़ॉर्म में भारी गिरावट है। 17 मैचों में 18 विकेट लेकर वरुण ने कोलकाता को फ़ाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
वेस्टइंडीज़ के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ इयन बिशप ने टी20 टाइम-आउट पर कहा, "सच कहूं तो मुझे आश्चर्य बिल्कुल भी नहीं हुआ। वह पिछले तीन मैचों में प्रति ओवर 12 रन दे रहे थे। आठ मैचों में चार विकेट ने कोलकाता को ऐसी स्थिति में डाल दिया जहां ग़लतियां की बहुत कम गुंजाइश बची थी।"
उन्होंने आगे कहा, "इस सीज़न में केवल छह अंक अर्जित करने के बाद उन्हें वानखेड़े स्टेडियम पर अपनी सबसे अच्छी एकादश को मैदान पर उतारना था। यह दो अंक महत्वपूर्ण थे क्योंकि यहां से स्थिति और कठिन होती चली जाएगी। इसलिए मुझे बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं हुआ कि उन्होंने इन परिस्थितियों में यह निर्णय लिया।"
बिशप को लगता है कि इस सीज़न में पिच उम्मीदानुसार धीमी नहीं हुई है। वरुण गेंद को कम घूमाते हैं लेकिन वह विविधता और पिच से मिल रही मदद पर निर्भर करते हैं।
उन्होंने कहा, "मैं इतनी आसानी से किसी खिलाड़ी पर विश्वास करना नहीं छोड़ता। मुझे लगता है कि अपने करियर के किसी भी पड़ाव पर आप सीख सकते हैं। (युज़वेंद्र) चहल और कुलदीप (यादव) को अच्छा प्रदर्शन करते देखने के बावजूद मुझे लगता है कि कुछ पिचों ने (वरुण) चक्रवर्ती की मदद नहीं की है। शायद वह आने वाले मैचों में वापसी करेंगे। शायद वह उन्हें आराम दे रहे हैं ताकि वह अपना समय लेकर पुराने रंग में वापस लौट सकें, फिर चाहे वह इस सीज़न में हो या अगले सीज़न में।"
वेटोरी को लगता है कि ड्रॉप करना वरुण की फ़ॉर्म को पुनर्जीवित करने का एक तरीक़ा हो सकता है। आईपीएल में बेंगलुरु और बीबीएल में ब्रिस्बेन हीट के कोच होने के नाते उन्हें भी ऐसे कठिन निर्णय लेने पड़े हैं।
वरुण को ड्रॉप करने के बावजूद कोलकाता को इस सीज़न में लगातार पांचवीं और कुल मिलाकर अपनी छठी हार का सामना करना पड़ा। यहां से उनके लिए प्लेऑफ़ की राह और कठिन हो चुकी है।
वेटोरी ने कहा, "जब आप ख़राब फ़ॉर्म से गुज़रते हैं तो आपको ड्रॉप होने का इंतज़ार रहता है। जब आप लगातार खेलते रहते हैं, आपको पता लगाने का मौक़ा नहीं मिलता कि आख़िर क्या ग़लत हो रहा है। इसलिए यदि आप किसी खिलाड़ी को बातचीत करने के बाद ड्रॉप करते हैं तो वह लगभग ख़ुद को रीसेट कर सकता है।"