मैच (12)
IND v ENG (1)
रणजी ट्रॉफ़ी (4)
CWC Play-off (3)
BPL 2023 (2)
PSL 2024 (1)
WPL (1)
फ़ीचर्स

आंकड़े झूठ नहीं बोलते : पंजाब के लिए लिविंगस्टन और रबाडा हैं अहम खिलाड़ी

बेंगलुरु की ओर से वनिंदु हसरंगा जल्द ही रच सकते हैं कुछ यादगार कीर्तिमान

फाफ पिछले कुछ मैच से अच्‍छी लय में है  •  BCCI

फाफ पिछले कुछ मैच से अच्‍छी लय में है  •  BCCI

ब्रेबोर्न स्टेडियम में जहां पंजाब किंग्स को प्लेऑफ़ की उम्मीद को जगाए रखने के लिए जीतना लगभग अनिवार्य होगा वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु भी ख़ुद हारकर अपने आख़िरी मैच तक अंतिम चार की आशाओं को लटकाए रखना नहीं चाहेगा
फ़ाफ़ चले तो सूपड़ा साफ़
बेंगलुरु के कप्तान और ओपनर फ़ाफ़ डुप्लेसी का फ़ॉर्म निरंतर नहीं कहा जा सकता। उन्होंने इस सीज़न पांच बार 10 का आंकड़ा भी नहीं छुआ है जो किसी भी ओपनर के लिए सबसे कम है, हालांकि इस सूची में केन विलियमसन, रोहित शर्मा, केएल राहुल और शुभमन गिल जैसे नाम भी हैं। बात यह है कि डुप्लेसी जब 30 का आंकड़ा पार करते हैं तो उनके औसत और स्ट्राइक रेट में ज़मीन आसमान का फ़र्क़ पैदा हो जाता है। 30 के नीचे स्कोर वाले आठ पारियों में उन्होंने 11.8 के औसत और 94 के स्ट्राइक रेट से केवल 94 रन बनाए हैं। जब वह 30 पार कर जाते हैं तो उनके नाम 98.3 की औसत और 153 के स्ट्राइक रेट से 295 रन हैं।
लिविंगस्टन से बचना है ज़रूरी
अगर डुप्लेसी बेंगलुरु के लिए एक बड़े खिलाड़ी हैं तो पंजाब की सफलता की कुंजी शायद लियम लिविंगस्टन के हाथों में है। लिविंगस्टन ने 11 पारियों में 31.5 के औसत से 315 रन बनाए हैं और न्यूनतम 100 रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों में 184 का उनका स्ट्राइक रेट केवल इस मैच में विपक्षी टीम के दिनेश कार्तिक (200) से कम है। वैसे एक चीज़ में लिविंगस्टन, कार्तिक के भी आगे हैं और वह है अपने पहले 10 गेंदों में बनाए रन के मामले में। लिविंगस्टन ने 11 पारियों में 170 रन अपने पहले 10 गेंदों में बनाए हैं और इनमें 16 छक्के शामिल हैं। हालांकि इस पड़ाव में उनका 183 का स्ट्राइक रेट भी कार्तिक (194) से कम ही है लेकिन याद रहे लिविंगस्टन इस सीज़न अक्सर बल्लेबाज़ी करने काफ़ी जल्दी उतर रहे हैं। ब्रेबोर्न में उन्होंने इस सीज़न के अपने तीन में से दो अर्धशतक ठोके हैं और 203 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं और यह भी उनमें विश्वास का संचार करेगा।
मिडिल ओवर के सरताज हैं हसरंगा
वनिंदु हसरंगा ने इस सीज़न अपने लेग स्पिन का जादू बिखेरा है और बेंगलुरु के लिए एक सीज़न में सर्वाधिक विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज़ बनने से केवल तीन विकेट दूर हैं। युज़वेंद्र चहल ने 2015 में बेंगलुरु के लिए 14 पारियों में 23 विकेट लिए थे और हसरंगा ने केवल 12 पारियों में 21 ले लिए हैं। इमरान ताहिर का किसी भी विदेशी स्पिनर द्वारा लिए गए सर्वाधिक विकेटों का रिकॉर्ड (2019 में 26) भी उनके निशाने पर है। हसरंगा ने मिडिल ओवर (हमारे आंकड़ों के हिसाब से 7-16 ओवर) में इस सीज़न संयुक्त रूप से सर्वाधिक 17 विकेट लिए हैं। इस सूची में उनका साथ दे रहे हैं चहल और कुलदीप यादव।
रबाडा बन सकते हैं तुरुप का इक्का
तेज़ गेंदबाज़ों में इस सीज़न कगिसो रबाडा ने अब तक सर्वाधिक 18 विकेट लिए हैं। मज़े की बात यह है कि 18 में से 15 विकेट दाएं हाथ के बल्लेबाज़ों के हैं। उन्होंने बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों के ख़िलाफ़ 40.3 के औसत, 9.9 की इकॉनमी से औसतन हर 24.9 गेंद पर विकेट लिए है और यही आंकड़े दाएं हाथ के बल्लेबाज़ के विरुद्ध 13.5, 8.1 और 9.9 गेंदें बन जाती हैं। बेंगलुरु के शीर्ष सात में महिपाल लोमरोर और शाहबाज़ अहमद के सिवाय बाक़ी बल्लेबाज़ों के लिए यह ख़तरे की घंटी समान है।

देबायन सेन ESPNcricinfo में स्‍थानीय भाषा प्रमुख हैं।