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रणनीति: RR को बल्लेबाज़ी पावरप्ले का लेना होगा अधिक लाभ, धीमी कटर्स से बनेगी SRH की बात

टॉस जीतकर क्या करना चाहिए? दोनों टीमों में कौन परिस्थितियों का बेहतर लाभ ले सकेगा?

यह रणनीतियों की टक्कर है। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) पावरप्ले में सबसे तेज़ रन बनाने वाली टीम है तो वहीं राजस्थान रॉयल्स (RR) इस मामले में टॉप-5 में भी नहीं है। SRH सबसे अधिक रन खर्च करने वाली गेंदबाज़ी क्रम है तो वहीं RR का गेंदबाज़ी क्रम दूसरा सबसे कंजूस है। शुक्रवार को चेपॉक में होने वाले दूसरे क्वालीफ़ायर में रणनीति में बेहतर रहने वाली टीम फायदा उठा सकती है।

टॉस जीतो और…

लीग चरण में चेन्नई का स्कोर का पीछा करते हुए जीत-हार का रेशियो सबसे अच्छा था जिसमें उन्होंने पांच जीते और दो मैच गंवाए थे। ऐसा इसलिए क्योंकि शुरुआत में पिच मुश्किल होती थी, लेकिन बाद में ओस आने पर यह आसान हो जाती थी। RR को स्कोर का पीछा करने में आसानी होती है और पहले बल्लेबाज़ी करते हुए वे मुश्किल में दिखते हैं। SRH ने पहले बल्लेबाज़ी करके बड़ा स्कोर बनाना आसान पाया है, लेकिन मैच से पहले वाली रात में यदि उन्हें अधिक ओस दिखती है तो वे भी स्कोर का पीछा करने के लिए जा सकते हैं।

बोल्ट और अश्विन करें गेंदबाज़ी की शुरुआत

SRH के ख़िलाफ़ लीग चरण में एक रन से जीत दर्ज करने वाली RR ने उन्हें काफ़ी बांधकर रखा था। ट्रेंट बोल्ट और रवि अश्विन मुख्य कारण थे कि SRH को इस सीज़न पावरप्ले में सबसे धीमी शुरुआत मिली थी। इस सीज़न जिन पारियों में ट्रैविस हेड और अभिषेक शर्मा ने साथ में कम से कम 20 गेंदें खेली हैं उनमें यह उनका भी सबसे कम योगदान था। इसका कारण था कि अश्विन को दो बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों को गेंदबाज़ी करनी थी और बोल्ट हमेशा की तरह एकदम सटीक थे।
भले ही हेड के आंकड़े बोल्ट के सामने काफ़ी अच्छे हैं, लेकिन हैदराबाद में हुए लीग चरण के मैच में उन्हें शांत रखा गया था। पहले मैच में बोल्ट ने लेग साइड में डीप में दो फ़ील्डर लगाए और रूम नहीं देते हुए हेड को ख़ामोश रखा था। पुराना प्लान की ओर जाने से पहले वह ऑफ़ स्टंप पर कुछ स्विंग गेंद डालने का प्रयास करेंगे। अश्विन के ख़िलाफ़ हेड ने 17 गेंदों में केवल 10 रन बनाए हैं और उनके ख़िलाफ़ वह शायद आक्रमण करने नहीं जाएंगे। अभिषेक जरूर अश्विन के पीछे पड़ सकते हैं, लेकिन पिच से मदद मिली तो अश्विन उन्हें परेशान कर सकते हैं।

SRH करेगी चहल को टार्गेट

पिछली भिड़ंत में SRH ने युज़वेंद्र चहल को कोई विकेट नहीं दिया था और उनके चार ओवरों में 62 रन लूटे थे। यह IPL में चहल का सबसे ख़राब और किसी स्पिनर का दूसरा सबसे ख़राब प्रदर्शन था। हाइनरिक क्लासन ने चहल के ख़िलाफ़ केवल 46 गेंदों में 108 रन बनाए हैं। हेड ने भी चहल के ख़िलाफ़ आउट हुए बिना 25 गेंदों में 40 रन बना दिए हैं। यह चहल का सबसे बड़ा टेस्ट होगा क्योंकि क्लासन के अलावा नितीश रेड्डी भी स्पिनर्स के ख़िलाफ़ बड़े शॉट लगाते हैं। चहल उम्मीद करेंगे कि उन्हें पिच से मदद मिले।

सैमसन और पराग के लिए मुश्किल खड़ी करेंगे कमिंस

भले ही KKR ने जमकर पिटाई की थी, लेकिन इसके बाद भी भुवनेश्वर कुमार को पावरप्ले में अच्छा प्रदर्शन करना होगा क्योंकि उनकी टीम में अच्छे स्पिनर्स की कमी है और पैट कमिंस के आंकड़े रियान पराग तथा संजू सैमसन के ख़िलाफ़ ठीक हैं।

कटर्स, कटर्स. कटर्स

RR की गलती नहीं है कि वे चेन्नई में स्पिनर्स की मदददार परिस्थितियों को लेकर खुश हैं क्योंकि SRH स्पिन गेंदबाज़ी में लगातार कमजोर साबित हो रही है, लेकिन यह याद रखना होगा कि चेन्नई में तेज़ गेंदबाज़ों को गति में मिश्रण करने से फायदा मिला है। जिन मैदानों पर इस सीज़न चार से अधिक मैच खेले गए हैं उनमें चेन्नई में धीमी गति की गेंदों पर सबसे कम रन बने हैं। स्पिनर्स के 17 विकेटों के मुक़ाबले तेज़ गेंदबाज़ों ने 60 विकेट चटकाए हैं। अधिक समय नहीं हुआ जब कमिंस ने स्पिनर्स के लिए बनाई गई पिच पर अपनी विपक्षी टीम को पूरी तरह परेशान करके रख दिया था।

पहले बल्लेबाज़ी की तो RR को करना होगा अधिक आक्रमण

RR ने इस IPL में खेली 36.8 प्रतिशत गेंदों पर आक्रमण किया है। केवल CSK ने ही इससे कम गेंदों पर आक्रमण किया है। DC और KKR ने 45 प्रतिशत तो वहीं SRH ने 43.3 प्रतिशत गेंदों पर आक्रमण किया है। संभवतः RR के पास गेंदबाज़ी है तो वे सोचते होंगे कि उन्हें अन्य लोगों की तरह अधिक खतरा लेने की जरूरत नहीं है। हालांकि, यदि वे पहले बल्लेबाज़ी कर रहे होंगे तो इस रणनीति के तहत वे काफ़ी कम स्कोर बना पाएंगे।

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo के सीनियर राइटर हैं