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फ़ीचर्स

कैसे RCB टीम और उनके प्रशंसकों के लिए 'यश' बन गए दयाल

पिछले साल रिंकू सिंह पर पांच छक्के खाने के बाद इस साल धोनी जैसे दिग्‍गज को रोका

Yash Dayal, after a dot off the penultimate ball, can finally celebrate, Royal Challengers Bengaluru vs Chennai Super Kings, IPL 2024, Bengaluru, May 18, 2024

पिछले साल रिंकू पर पांच छक्‍के खाने के बाद यश दयाल ने इस साल आख‍िरी ओवर में दिलाई अपनी टीम को जीत  •  AFP/Getty Images

"मेरे करियर में जो मेरे रोड़ा आया वह वो ओवर था, जिसने मेरे को हकीक़त से रूबरू कराया। उस ओवर ने बहुत कुछ सि‍खाया, परिस्‍थति का कैसे सामना करना है उस ओवर ने मुझे सिखाया।" यह बोल रॉयल चैलेंज़र्स बेंगलुरु (RCB) के तेज़ गेंदबाज़ यश दयाल के थे जो पिछले साल कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) के ख़‍िलाफ़ पड़े पांच छक्‍कों पर अपने ज़ज्‍बात बयां कर रहे थे। उन्‍होंने कुछ दिन पहले RCB की सोशल मीडिया टीम को एक इंटरव्‍यू दिया था। वाकई यश को उस एक ओवर ने बहुत कुछ सिखाया, क्योंकि जहां पिछले साल उस एक ओवर के बाद सब धुंधला हो गया था तो शनिवार की रात उस अंधियारे में दयाल RCB टीम और उनके प्रशंसकों के लिए यश बन गए, क्‍योंकि शनिवार की रात उन्‍होंने दुनिया के दो सबसे बड़े फ़ीनिशरों को रोककर अपनी टीम को प्‍लेऑफ़ में जगह दिला दी थी।
प्‍लेऑफ़ में क्‍वा‍ल‍िफ़ाई करने के लिए चेन्‍नई सुपर किंग्‍स (CSK) को अंतिम ओवर में 17 रनों की ज़रूरत थी। महेंद्र सिंह धोनी और रवींद्र जाडेजा एक अच्‍छी साझेदारी करके टीम को क़रीब ला रहे थे। पहली ही गेंद पर फुल टॉस और यश पर धोनी ने 110 मीटर का छक्‍का लगा दिया जो स्‍टेडियम से भी बाहर जाकर गिरा। सामने धोनी हों और पहली ही गेंद पर छक्‍का पड़ जाए तो किसी भी गेंदबाज़ का आत्‍मविश्‍वास डगमगा सकता है। गेंद गीली होने के बाद सटीक यॉर्कर करना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में यश ने दूसरी गेंद मिडिल स्‍टंप पर गुड लेंथ धीमी गति से की, धोनी पहले ही बल्‍ला चला गए और गेंद बल्‍ले के निचले हिस्‍से पर लगकर डीप स्‍क्‍वायर लेग के हाथों में पहुंच गई। अगली गेंद उन्‍होंने शार्दुल को धीमी गति की बैक ऑफ गुड लेंथ की और वह खेलने में सफल नहीं हुए। चौथी गेंद भी कुछ इसी तरह थी लेकिन वह एक रन भाग गए। अगली दो गेंद पर 11 रनों की ज़रूरत थी और सामने जाडेजा थे, लेकिन यश ने पांचवें स्‍टंप पर धीमी गति की फुलर गेंद डालकर दोनों गेंद डॉट निकाल दी और टीम को जीत दिला गए।
वैसे यश का करियर 2022 में उड़ान भर गया था जब उनको गुजरात टाइटंस (GT) ने अपनी टीम में चुना और वे पहली बार में ही चैंपियंस बन गए। उस सीज़न उन्‍होंने नौ मैचों में 11 विकेट लिए थे और इसके बाद बांग्‍लादेश के सीमित ओवर दौरे के लिए उन्‍हें भारतीय टीम में चुन लिया गया, लेकिन कहते हैं ना किस्‍मत कब कोई करवट ले चले पता नहीं चलता है। चोट की वजह से वह बांग्‍लादेश दौरे से बाहर हुए और 2023 आईपीएल शुरू होने से पहले कोई भी मैच नहीं खेले थे, फ‍िर रिंकू सिंह के उन पांच छक्‍कों ने यश को शारीरिक ही नहीं मानसिक तौर पर भी तोड़कर रख दिया था।
कुछ दिन पहले RCB द्वारा अपने इंस्टाग्राम चैनल पर डाले वीडियो में यश ने कहा था, "2022 सीज़न मेरा अच्‍छा गया था और मुझे बांग्‍लादेश दौरे पर चुना गया, तो चोटिल होने की वजह से मैं दौरे पर नहीं जा सका। 2023 आईपीएल जब आया तो मैंने एक भी मैच नहीं खेला था, उस दौरान मैं एनसीए में था। KKR वाले मैच से पहले तीन मैच हुए थे और सभी में एक-एक ओवर किया था। मुझे 11-12 या 13 ओवर मिला था। मुझे लग रहा था कि मैं मैच से जुड़ नहीं पा रहा हूं। टूर्नामेंट जब शुरू हुआ था तो मुझे बुखार भी था। तबीयत ख़राब के बाद भी मैं खु़द को खुश रखने का काम कर रहा था। उस मैच में मुझे याद है कि मैं 19वां ओवर डाल रहा था लेकिन बाद में मुझे 20वां ओवर डालने को कहा गया। अगर मैं उस मैच के बाद टीम प्रबंधन से बात करता तो और मैच खेल पाता। हर क्रिकेटर की ज़‍िंदगी में वह दिन कभी ना कभी तो आता ही है।"
रिंकू के उन पांच छक्‍कों के बाद क्‍या हुआ था, कैसे यश ने खु़द को संभाला, किसने उनका साथ दिया। यश ने अच्‍छे से उन दिनों को याद किया।
यश ने कहा, "मैच के बाद सबने मुझे समझाया था, लेकिन जब मैच ख़त्‍म हुआ और ड्रेसिंग रूम में गया तो गुजरात टाइटंस का प्रबंधन, प्‍लेयर इतने अच्‍छे हैं कि उस ओवर के बारे में बात ही नहीं की। ऐसा दिखाया कि कुछ हुआ ही नहीं है। तब मुझे 'नेहरा भाई (आशीष नेहरा, GT के प्रमुख कोच) ने कहा जो हुआ है वह हो गया अब आगे और मेहनत करेगा। थोड़ा और मेहनत करेगा तो चीज़ें अच्‍छी होने लगेगी और यह सब भूल जाएगा। अभी जो आगे है उस पर फ़ोकस कर। जितनी मेहनत करता है, उससे अधिक मेहनत कर।' अगले दिन रिंकू का मैसेज आया कि कैसा चल रहा है, तो मैंने बस यही कहा भाई बस सब सही चल रहा है। मैं तुम दोस्‍त हैं, तुम अपनी टीम के लिए अच्‍छा सोचोगे और मैं अपनी टीम के लिए, तो तुमने पूछा तो मुझे अच्‍छा लगा। खिलाड़ी के तौर पर मैंने वह स्‍वीकार कर लिया था। मुझे जो नहीं करना चाहिए था वह यही था कि सुझाव सुनना चाहिए था।"
यह आशीष नेहरा का सुझाव और यश के हार नहीं मानने की ज़‍िद थी कि उन्‍होंने पहले से कहीं अधिक मेहनत शुरू कर दी। यश उत्‍तर प्रदेश की टीम के ऐसे खिलाड़‍ियों में से हैं जो शांत रहना पसंद करते हैं, जिन्‍हें अधिक बात नहीं करनी आती। उत्‍तर प्रदेश रणजी टीम के क्षेत्ररक्षण कोच मूसी रज़ा ने भी उनमें आए इस बदलाव को अच्‍छे से गौर कर लिया था।
मूसी ने ESPNcricinfo से बातचीत में कहा, "यश हमेशा से शांत स्‍वभाव का खिलाड़ी रहा है। वह मेहनती रहा है इसी वजह से यूपीसीए ने उनको पूरा समर्थन किया है। उन्‍हें अधिक से अधिक मैच खेलने को मिले हैं। उस ओवर के बाद पूरी टीम के सदस्‍यों ने उसका हौसला बढ़ाया। रिंकू खु़द टीम में था और दोनों अच्‍छे दोस्‍त हैं। उस ओवर से निकलने में टीम ने पूरी मदद की। मुझे आज भी याद है कि रणजी ट्रॉफ़ी क्‍वार्टरफ़ाइनल खेलने हम पंजाब के चंडीगढ़ में थे और नेट सत्र में वह गेंदबाज़ी करते हुए बहुत थक गया था। मैंने उससे आराम करने को कहा था लेकिन उसने आराम करने से मना कर दिया।"
उन्‍होंने आगे कहा, "यश की गेंदबाज़ी की सबसे बड़ी क़ाबिलियत उसकी बाउंसर है, जो उस लेंथ पर गिरती है जिसको खेलना बल्‍लेबाज़ों के लिए मुश्किल होता है। उनके पास पहले से ही इन स्विंग और आउट स्विंग तो है ही। हालांकि मैंने देखा कि आईपीएल ने जो उसको दिया, वह उसको गंवाना नहीं चाहता था। उसने विव‍िधताओं पर काम किया। चाहे वह यॉर्कर हों, या भी धीमी गति की बैक ऑफ़ द हैंड गेंद। वह हर क़ीमत पर वापसी करना चाहता था।"
GT 2023 आईपीएल के बाद यश को रिलीज़ कर चुकी थी लेकिन वह नहीं जानते थे कि आने वाली नीलामी में कौन सी टीम उनको लेना चाहेगी।
यश ने कहा, "RCB में होने पर मैं बहुत खुश हूं। इसकी वजह यह भी है कि यहां पर विराट भैया है। तो बचपन से जब से क्रिकेट देख रहा हूं, सोचा नहीं था कि उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करूंगा। इस बार जब KKR से हमारा मैच हुआ तो नर्वस था, लेकिन मैंने गेंदबाज़ी शुरू की, फ‍िर से अच्‍छी शुरुआत नहीं कर पाया, रिंकू का भी सामना किया। तब सौरभ भैया (यूपी रणजी टीम में वरिष्ठ स्पिनर) ने मुझे एक सलाह दी थी कि जब तक तू मजे नहीं लेगा तो तुझे मजा नहीं आएगा। खेल की तरह ले तो ज़ि‍ंंदगी का लुत्‍फ़ ले पाएगा। अब जब भी मैं मैदान पर होता हूं तो यही करता हूं। सपना अभी भी यही है कि मुझे देश का प्रतिनिधित्‍व करना है। मैं उसके लिए हमेशा लड़ता रहूंगा जो भी मुमकिन होगा मैं करता आऊंगा।"
सौरभ कुमार ने ESPNcricinfo से कहा, "जब पिछले साल उसके साथ यह सब हुआ तो वह बीमार भी पड़ गया था। तब मेरी उससे इतनी बात नहीं हो पाई थी। मैंने बस उससे यही कहा था कि यह सब मैच का हिस्‍सा है, आईपीएल में कोई ऐसा गेंदबाज़ नहीं है जो नहीं पिटा है। सोशल मीडिया से भी कोई नहीं बचा है, लेकिन बस इतना कहना चाहूंगा कि जो मीम सोशल मीडिया पर बने या बनते हैं, उन पर परेशान मत हो, बस उसका लुत्‍फ़ ले तो ही अच्‍छा रहेगा और फ‍िर एक दिन आएगा जब तू ही अपनी क़ाबिलियत के दम पर चमक उठेगा।"
सौरभ की यह बात सच हुई और आज एक साल के अंदर यश के पास सुनाने के लिए दो कहानियां हैं, जहां वह आने वाली पीढ़‍ियों या युवा क्रिकेटरों को फ़र्श से अर्श तक जाने की कहानी सुना सकता है।

निखिल शर्मा ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर हैं। @nikss26