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महिला आईपीएल : टीमों और खिलाड़ियों की नीलामी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

कितने दावेदार उतरेंगे मैदान में? सभी सवालों के जवाब मिलेंगे यहां

सनराइज़र्स हैदराबाद समेत कुल सात पुरुष आईपीएल फ़्रैंचाइज़ियों ने महिला आईपीएल टीम के लिए बोली लगाई है  •  BCCI

सनराइज़र्स हैदराबाद समेत कुल सात पुरुष आईपीएल फ़्रैंचाइज़ियों ने महिला आईपीएल टीम के लिए बोली लगाई है  •  BCCI

महिला आईपीएल अपने पहले सीज़न की तरफ़ ज़ोरों-शोरों से आगे बढ़ रहा है। 7.09 करोड़ रुपये प्रति मैच के ऐतिहासिक दाम पर अपने प्रसारण अधिकार बेचने के बाद 25 जनवरी को बीसीसीआई महिला आईपीएल टीम के शहरों और उनके लिए सर्वाधिक बोली लगाने वाले मालिकों का अनावरण करने के लिए तैयार है। यहां ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो में हम टीमों की नीलामी प्रक्रिया, ख़रीददारों की सूची और खिलाड़ियों की नीलामी से जुड़ी अहम जानकारी दे रहे हैं।
सबसे पहले यह बताइए कि टीम ख़रीदने के लिए कितने दावेदार मैदान में उतरेंगे?
सभी 10 आईपीएल फ़्रैंचाइज़ी सहित कुल 33 इच्छुक पार्टियों ने टेंडर दस्तावेज़ ख़रीदकर प्रारंभिक रुचि व्यक्त की थी। हालांकि सोमवार को उनमें से केवल 17 दावेदारों ने तकनीकी बोलियां प्रस्तुत की। इन 17 दावेदारों में मुंबई इंडियंस, कोलकाता नाइट राइडर्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, राजस्‍थान रॉयल्‍स, पंजाब किंग्‍स, सनराइज़र्स हैदराबाद और दिल्‍ली कैपिटल्‍स के रूप में सात पुरुष आईपीएल फ़्रैंचाज़ियां शामिल हैं। अडानी ग्रुप, कैपरी ग्‍लोबल, हल्‍दीराम ग्रुप, टॉरेंट फ़ार्मा, अपोलो पाइप्‍स, अमृत लीला एंटरप्राइज़ेस, श्रीराम ग्रुप और स्लिंगशॉट 369 वेंचर्स प्राइमेट लिमिटेड जैसे बड़े व्यावसायिक संस्थाओं ने भी बोली लगाई है।
क्या टीम ख़रीदने के लिए कोई न्यूनतम मूल रक़म निर्धारित की गई है? नीलामी की प्रक्रिया के बारे में भी बताइए
बीसीसीआई ने कोई बेस प्राइस निर्धारित नहीं किया है। दावेदार सीलबंद लिफ़ाफ़े में अपनी बोलियां प्रस्तुत करेंगे। बोलियां 10 साल की अवधि के लिए स्वीकार की जाएंगी, लेकिन विजेता पुरुषों की आईपीएल फ़्रैंचाइज़ी के मालिकों की तरह हमेशा के लिए टीम के मालिक होंगे। बोली लगाने वाले उन 10 शहरों में से एक के लिए प्रयास करेंगे जिन्हें बीसीसीआई ने उनके घरेलू बेस के रूप में चुना है।
इस सूची में अहमदाबाद (नरेंद्र मोदी स्टेडियम, क्षमता 112,560), कोलकाता (ईडन गार्डंस, 65,000), चेन्नई (एमए चिदंबरम स्टेडियम, 50,000), बेंगलुरु (एम चिन्नास्वामी स्टेडियम, 42,000), दिल्ली (अरुण जेटली स्टेडियम, 55,000), धर्मशाला ( एचपीसीए स्टेडियम, 20,900), गुवाहाटी (बरसापारा स्टेडियम, 38,650), इंदौर (होल्कर स्टेडियम, 26,900), लखनऊ (अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम, 48,800) और मुंबई (वानखेड़े/डीवाई पाटिल/ब्रेबॉर्न स्टेडियम)।
क्या एक से ज़्यादा शहरों के लिए बोली लगाई जा सकती है?
बोलीदाताओं को एक से अधिक फ़्रैंचाइज़ी/शहर के लिए बोली लगाने का विकल्प दिया गया है, लेकिन बीसीसीआई ने कहा है कि सफल बोलीदाता को सिर्फ़ एक फ़्रैंचाइज़ी दी जाएगी। बीसीसीआई ने कहा है कि उच्चतम बोली राशि वाले स्टेडियम को पहले टीम दी जाएगी। इसके बाद अगली उच्चतम बोली राशि वाले स्टेडियम को टीम मिलेगी। यदि किसी एक वेन्यू के लिए दो उच्चतम बोलियां बराबर होती हैं, तो बीसीसीआई ने कहा है कि फिर से बोली लगाई जाएगी। यदि दो अलग-अलग बोलीदाताओं की दो वेन्यू के लिए उच्चतम बोली समान है, तो बीसीसीआई के पास "आदेश तय करने का विवेकाधिकार" होगा। एक से अधिक मैदानों के लिए कोई बोलीदाता टॉप बोली हासिल कर लेता है, तो बीसीसीआई के पास वेन्यू तय करने की स्वतंत्रता है।
क्या सर्वाधिक बोली लगाने वाले को टीम मिल जाएगी?
टेंडर दस्तावेज़ में बीसीसीआई ने कहा है कि वह "सबसे ज़्यादा रक़म वाली बोली को स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है" और विजेता को चुनने से पहले कुछ उद्देश्यों को सूचीबद्ध किया है। इन उद्देश्यों को दर्शाते हुए बीसीसीआई ने कहा : "लीग में भाग लेने के लिए एक स्थिर, सफल, आर्थिक रूप से सुरक्षित, दीर्घकालिक फ़्रैंचाइज़ी की स्थापना करना; लीग के लिए व्यापक कवरेज और व्यापक संभव दर्शकों को सुनिश्चित करना; भारत में सभी स्तरों पर महिला क्रिकेट के खेल के विकास में सहायता करना; लीग के आधिकारिक प्रायोजकों में से प्रत्येक के लिए, जहां भी संभव हो, एक्सपोजर को अधिकतम करना और बढ़ाना; भारत और बाक़ी दुनिया में भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक्सपोजर बढ़ाना।"
यह तो हुई टीमों की बात लेकिन खिलाड़ियों की नीलामी कब होगी?
बीसीसीआई द्वारा कोई निश्चित तारीख़ की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इसके फ़रवरी के पहले सप्ताह में होने की उम्मीद है। बीसीसीआई ने नीलामी कराने की दिशा में पहले क़दम के तौर पर खिलाड़ी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर ली है।
नीलामी में टीमें कितने पैसे ख़र्च करेंगी?
पहले सीज़न के लिए अपनी टीम बनाने के लिए प्रत्येक टीम के पास 12 करोड़ रुपये का पर्स होगा। बोली डॉक्‍यूमेंट में बीसीसीआई ने बताया है कि प्रत्येक टीम में 15 से 18 खिलाड़ी होंगे। हर टीम में कुल सात विदेशी खिलाड़ी (एसोसिएट देशों सहित) शामिल किए जा सकते हैं। एकादश में पांच विदेशी खिलाड़ी शामिल किए जा सकते हैं, जिसमें एक एसोसिएट देश की होगी।
टूर्नामेंट कब शुरू हो रहा है?
आधिकारिक तौर पर इसकी कोई घोषणा नहीं हुई है लेकिन ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो को मिली जानकारी के अनुसार 3 से 26 मार्च की विंडो तैयार की गई है।
यह तो बता दीजिए कि टूर्नामेंट का फ़ॉर्मेट क्या होगा?
पहले सीज़न में कुल 22 मैच खेले जाएंगे। लीग चरण में प्रत्येक टीम आठ (अन्य चार टीमों के विरुद्ध दो-दो) मैच खेलेगी। अंक तालिका की शीर्ष टीम सीधे फ़ाइनल में प्रवेश करेगी जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम के बीच क्वालीफ़ायर मैच के माध्यम से फ़ाइनल में जाने वाली दूसरी टीम तय की जाएगी।