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फ़ीचर्स

भारत के लिए कैसा रहा यह साल?

आइए देखते हैं कि इस साल भारतीय पुरुष और महिला टीम का प्रदर्शन कैसा रहा

Rohit Sharma has a chat with Rahul Dravid, Thiruvananthapuram, September 27, 2022

रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ की जोड़ी के लिए यह साल अच्छा नहीं रहा  •  PTI

साउथ अफ़्रीका में टेस्ट सीरीज़ हारना। इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज़ का निर्णायक मैच हारना, जो पिछले साल टलने के बाद इस साल खेली गई थी। एशिया कप से जल्दी बाहर होना। ऑस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप का सेमीफ़ाइनल हारना। बांग्लादेश के ख़िलाफ़ उनके घर में वनडे सीरीज़ हारना - भारतीय पुरुष टीम के नए कप्तान रोहित शर्मा या नए कोच राहुल द्रविड़ ने शायद ही इन परिणामों की उम्मीद की होगी। ख़ासतौर पर ऑस्ट्रेलिया में पिछले साल की ज़बरदस्त टेस्ट सीरीज़ जीत के बाद तो बिल्कुल नहीं।
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फ़ॉर्मेट में आईसीसी के पूर्ण सदस्य देशों में सबसे अच्छी जीत-हार के अनुपात के बावजूद प्रशंसकों और बोर्ड दोनों की निराशा, बदलाव के दौर से गुज़र रही इस टीम को बता सकती है कि उनसे घर से बाहर बड़ी टेस्ट सीरीज़ जीत और आईसीसी टूर्नामेंट जीतने की उम्मीद नहीं की जा रही है।
महिला विश्व कप में भारतीय महिला टीम आठ टीमों में पांचवें स्थान पर रही। उन्होंने इस साल कोई टेस्ट मैच नहीं खेला। वे ऑस्ट्रेलिया से घरेलू टी20 सीरीज़ हारीं। कोचिंग स्टाफ़ से जुड़ी म्यूज़िकल चेयर उत्सुकता का विषय बनी रही। महिला टीम की दो महान खिलाड़ियों झूलन गोस्वामी और मिताली राज इस साल के दौरान रिटायर हुईं।
सुनहरा पल
भारत की महिला टीम वनडे विश्व कप की उपविजेता इंग्लैंड के घर बिना किसी उम्मीद के गई। हालांकि कॉमनवेल्थ गेम्स के सेमीफ़ाइनल में उन्हें हराने के बाद भारतीय टीम ने द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ में अपनी अच्छी फ़ॉर्म बरक़रार रखी, जिससे झूलन को शानदार विदाई मिली। कप्तान हरमनप्रीत कौर सिर्फ़ एक बार आउट हुईं और 221 रन बनाए, रेणुका सिंह एक नई तेज़ गेंदबाज़ी की उम्मीद में उभरीं और भारतीय महिला टीम ने एक बल्लेबाज़, जो गेंद के गेंदबाज़ के हाथ से छूटने से पहले ही क्रीज़ से काफ़ी आगे निकल जा रहा था, को रन आउट कर कुछ बंदिशों को तोड़ा।
ख़राब पल
भारतीय पुरुष टीम को साउथ अफ़्रीका में सीरीज़ जीत की ख़ुशबु आ रही थी। दरअसल पहले टेस्ट में ज़बरदस्त जीत के बाद दूसरे टेस्ट की तीन पारियों के बाद ऐसा लग रहा था कि भारत की जीत निश्चित है। टॉस जीतने पर यह टीम जीतने के लिए जानी जाती है, ख़ासकर जब उनके पास अंतिम पारी में बचाने के लिए 200 से ज़्यादा रन हों। हालांकि टीम इंडिया उस दूसरे टेस्ट में 239 और उसके बाद अगले टेस्ट में 211 रन का बचाव करने में विफल रही वह भी तेज़ और उछाल वाली पिच पर। ऐसा नहीं था कि भारत को बस हार मिली; उन्हें दोनों मैच में सात विकेट से हार मिली और उन्होंने तेज़ी से रन दिए। भारत के पास एक अच्छा आक्रमण था, लेकिन पिच साउथ अफ़्रीका के लंबे गेंदबाज़ों के अनुकूल थी, जिससे मेहमानों का साउथ अफ़्रीका में सीरीज़ जीतने का अब तक का सबसे अच्छा मौक़ा हाथ से निकल गया।
परिणाम
पुरुष टीम
टेस्ट: खेले 7, जीते 4, हारे 3
वनडे: खेले 24, जीते 14, हारे 8
टी20: खेले 40, जीते 28, हारे 10, एक मुक़ाबला टाई रहा और एक का परिणाम नहीं आया
महिला टीम
वनडे: खेले 18, जीते 10, हारे 8
टी20: खेले25, जीते 13, हारे 11 और एक मुक़ाबला टाई रहा

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में असिस्टेंट एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के एडिटोरियल फ़्रीलांसर कुणाल किशोर ने किया है।