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रॉजर बिन्नी : खिलाड़ियों की चोट कम करना सबसे बड़ी प्राथमिकता

बीसीसीआई के नवनियुक्त अध्यक्ष ने कहा कि खिलाड़ियों का बार-बार चोटिल होना चिंता का सबब है

नवनियुक्त बीसीसीआई अध्यक्ष रॉजर बिन्नी और अन्य बोर्ड अधिकारी  •  AFP via Getty Images

नवनियुक्त बीसीसीआई अध्यक्ष रॉजर बिन्नी और अन्य बोर्ड अधिकारी  •  AFP via Getty Images

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के नवनियुक्त अध्यक्ष रॉजर बिन्नी ने स्वीकार किया है कि भारतीय पुरुष खिलाड़ियों को बार-बार चोट लगना एक बड़ी 'चिंता' है। मंगलवार को मुंबई में अपना कार्यभार संभालने, जिसकी पुष्टि मंगलवार को बीसीसीआई के वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में की गई, के पहले दिन बिन्नी ने कहा कि यह समझना कि खिलाड़ी नियमित रूप से चोटों से क्यों जूझ रहे हैं और उन्हें "कम" करने के तरीक़ों पर कार्य करना उनकी प्राथमिकताओं की सूची में सबसे ऊपर होगा।
विजयनगरम के महाराजा और 2019 के बाद से भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली द्वारा बीसीसीआई अध्यक्ष पद संभालने वाले बिन्नी केवल तीसरे खिलाड़ी हैं। संयोग से, गांगुली इस बैठक में बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद थे, जहां उनके जल्द ही अध्यक्ष के रूप में लौटने की उम्मीद है।
बिन्नी का यह बयान उस समय आया है जब भारत के कई अहम खिलाड़ी चोट के चलते टी20 विश्व कप का हिस्सा नहीं होंगे, जहां 23 अक्तूबर को मेलबर्न में भारत को पाकिस्तान के विरुद्ध मुक़ाबले से अपने अभियान की शुरुआत करनी है। भारत के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह पीठ में चोट के चलते टी20 विश्व कप से बाहर हो गए। जबकि पीठ की चोट के कारण आईपीएल 2022 से बाहर रहने वाले दीपक चाहर भी टी20 विश्व कप से ठीक पहले चोटिल हो गए, जिस वजह से वह विश्व कप में रिज़र्व खिलाड़ी के तौर पर नहीं जा पाए।
बैठक के तुरंत बाद मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में बिन्नी ने कहा, ' हम देखेंगे कि खिलाड़ियों की चोट को कम करने के लिए क्या किया जा सकता है। खिलाड़ियों का बार-बार चोटिल होना एक चिंता का विषय है और हम इसकी तह तक जाना चाहते हैं और देखना चाहते हैं कि इसे कैसे बदला जा सकता है। हमारे पास राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी [बेंगलुरु] में उत्कृष्ट डॉक्टर और प्रशिक्षक हैं लेकिन हमें चोटों को कम करने और रिकवरी में सुधार करने पर ध्यान देना चाहिए।"
67 वर्षीय बिन्नी बीसीसीआई के संविधान में प्रशासकों और पदाधिकारियों के लिए निर्धारित 70 की आयु सीमा को ध्यान में रखते हुए अध्यक्ष के रूप में एक कार्यकाल (तीन वर्ष) के लिए पात्र हैं। कपिल देव की 1983 की विश्व कप विजेता भारतीय टीम का हिस्सा रहे बिन्नी ने कोच और राष्ट्रीय चयनकर्ता के रूप में भी काम किया है।
बिन्नी ने भारत में घरेलू क्रिकेट में पिचों को सुधारने पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, "हमें भारत में पिचों को विकसित करने की ज़रूरत है। घर पर विकेटों में और जान डालने की ज़रूरत है ताकि हमारी टीमों को विदेश यात्रा करते समय समायोजन की समस्या न हो, जैसे ऑस्ट्रेलिया में होती है जहां अधिक गति और उछाल है।
इस बीच, बीसीसीआई ने औपचारिक रूप से महिला आईपीएल को मंज़ूरी दे दी और पदाधिकारियों को इसे अमली जामा पहनाने के लिए भी औपचारिक रूप देने के लिए अधिकृत किया। वहीं पदाधिकारियों को आईसीसी में बीसीसीआई के प्रतिनिधि के बारे में निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया और घोषणा की कि शीर्ष परिषद, क्रिकेट सलाहकार समिति और अगली चयन समिति का चुनाव करेगी। पदाधिकारी देश भर में स्टेडियम के बुनियादी ढांचे में सुधार करके प्रशंसकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर भी ध्यान देंगे।

एस सुदर्शनन ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के एडिटोरियल फ़्रीलांसर नवनीत झा ने किया है।