ड्रॉ हुए ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि वे पहला टेस्ट जीतने के बेहद करीब थे। भारत को अंतिम दिन 157 रन की जरूरत थी। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह भारत ने चौथे दिन की शाम आक्रामक बल्लेबाज़ी की, उससे पूरी सीरीज़ का टोन सेट हो गया। इसके अलावा उन्होंने यह भी संकेत दिए कि भारत अगले टेस्ट में भी इसी टीम संयोजन के खाके (चार तेज़ गेंदबाज़+ एक स्पिनर) के साथ जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पिच और परिस्थितियों को देखकर ही आख़िरी निर्णय लिया जाएगा।

209 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने केएल राहुल और रोहित शर्मा की मदद से ठोस शुरुआत की। चेतेश्वर पुजारा ने भी दिन की अंतिम गेंद पर चौका लगाकर अपने इरादे जाहिर किए थे। यह सिर्फ पुजारा का इरादा नहीं बल्कि भारतीय शीर्ष क्रम के आत्मविश्वास का भी प्रतीक था, जिसने अंतिम घंटे की सबसे कठिन परिस्थितियों से निपटने के लिए अच्छी तकनीक, ठोस मानसिकता और साहस दिखाया।

मैच के बाद प्रजेंटेशन समारोह के दौरान कोहली ने कहा, "हम तीसरे और चौथे दिन बारिश की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन बारिश सबसे महत्वपूर्ण पांचवें दिन हुई। हमने सोचा कि हम लक्ष्य प्राप्त करने में एक अच्छी स्थिति में है। यह सीरीज़ में एक मजबूत शुरुआत करना चाहते थे और ऐसा ही हुआ।"

"पांचवें दिन के हमारे सामने जीत की बहुत अच्छी संभावना थी। एक अच्छी साझेदारी से हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने के करीब थे। हमने निश्चित रूप से महसूस किया कि हम मैच में आगे हैं। हमने मैच में बने रहने के लिए अच्छी बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी की। पहली पारी की बढ़त बहुत महत्वपूर्ण थी, जिससे हम पूरे मैच के दौरान आगे रहे।"

मैच से दो दिन पहले ही भारत को एक करारा झटका लगा था, जब अभ्यास के दौरान चोटिल होकर भारत के सलामी बल्लेबाज़ मयंक अग्रवाल पहले टेस्ट से बाहर हो गए। इसके बाद केएल राहुल को उनकी जगह लेनी पड़ी, जिन्होंने अगस्त 2019 से टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला था।

इंग्लैंड में पहली बार ओपनिंग कर रहे रोहित के साथ राहुल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली पारी में 84 महत्वपूर्ण रन बनाए। उन्होंने ना सिर्फ रन बनाए बल्कि टीम के अनुभवी बल्लेबाज़ों पुजारा, कोहली और अजिंक्य रहाणे के असफल होने के बाद भी भारत को मैच में आगे रखा।

जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड और ऑली रॉबिन्सन के विरुद्ध भारत को ऐसी ही शुरुआत की जरूरत थी। दूसरी पारी में भी भारत ने 14 ओवरों के दौरान सिर्फ एक विकेट खोया। कोहली ने माना कि हम खेल के एक महत्वपूर्ण चरण में थे।

कोहली ने आगे कहा, "दूसरी पारी के दौरान सिर्फ 14 ओवरों में ही 50 रन तक पहुंचना हमारे लिए बड़ा सकारात्मक है। हमने लगातार बाउंड्रीज़ प्राप्त की, जो हमारी मंशा को दिखलाता है। इसी इंटेंट ने हमें खेल में आगे रखा। हम आज भी वैसी ही शुरुआत करते।"

लेकिन तथ्य यह भी है कि भारत ने सिर्फ राहुल की ही बदौलत पहली पारी में 95 रनों की बढ़त नहीं प्राप्त किया था। इसका श्रेय रवींद्र जाडेजा को जाता है, जिन्होंने 56 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने भी 46 रन और जोड़े।

कोहली ने पुछ्छले बल्लेबाज़ों के इस प्रदर्शन के बारे में कहा कि यह पिछले तीन सप्ताह की कड़ी मेहनत है। "वे नियमित रूप से नेट्स में अभ्यास कर रहे हैं और बल्लेबाज़ी में भी अपना योगदान देना चाहते हैं। इन तीन गेंदबाज़ों ने 50 से अधिक रन बनाए, जो कि सोने पर सुहागा था। हम 40 रन की बढ़त के बारे में बात कर रहे थे लेकिन उनके प्रयासों के कारण हम 95 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर पाए।

"उनका धैर्य और दृढ़ संकल्प क़ाबिल-ए-तारीफ़ था। आप जानते हैं कि जब गेंदबाज़ रन बनाते हैं, तो यह विपक्षी टीम के लिए सबसे परेशान करने वाली बात होती है।" ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में निचले क्रम से रनों की कमी भारत के लिए एक समस्या रही है और भारत इस वजह से ही अपने टीम संयोजन में लगातार छेड़छाड़ करता है।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में भारत अश्विन और जाडेजा के रूप में दो स्पिनरों के साथ उतरा था ताकि बल्लेबाज़ी में भी गहराई हो। इस टेस्ट के लिए अश्विन की जगह शार्दुल ठाकुर को टीम में लाया गया, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ब्रिस्बेन में ऐतिहासिक जीत के दौरान गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन किया था। हालांकि इस मैच में वह बल्ले से योगदान नहीं दे पाए, लेकिन मैच में चार विकेट हासिल कर फिर से अपनी उपयोगिता ज़ाहिर की।

यह पूछे जाने पर कि क्या भारत शेष श्रृंखला के लिए भी एक स्पिनर सहित पांच गेंदबाज़ों को खिला सकता है, कोहली ने कहा कि यह एक संभावना है। उन्होंने कहा, "इसकी सबसे सबसे अधिक संभावना है कि हम इसी संयोजन के साथ आगे बढें, लेकिन अंतिम निर्णय हम पिच और परिस्थितियों के अनुसार करेंगे, जो कि हमारी ताकत भी रही है।"

नागराज गोलापुड़ी ESPNcricinfo में ग्लोबल एडिटर हैं, अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के दया सागर ने किया है