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आईपीएल 2021 सीज़न की समीक्षा : वे चार जो बाहर हो गए

मुंबई इंडियंस, पंजाब किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और सनराइज़र्स हैदराबाद के लिए क्या ग़लत हुआ और अब आगे क्या?

विशाल दीक्षित और श्रुति रवींद्रनाथ
09-Oct-2021
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2021 के लीग चरण के अंत के साथ इन चार टीम - मुंबई इंडियंस, पंजाब किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और सनराइज़र्स हैदराबाद के प्रदर्शन को देखने का समय है। यह चारों टीमें प्लेऑफ़ में जगह नहीं बना पाई।

मुंबई इंडियंस

कहां समाप्त किया
गत चैंपियन टीम इस बार चार पायदान नीचे पांचवें स्थान पर आ गई है। उन्होंने लीग चरण के अंतिम दिन इस स्थान को पाया जहां उनके पास नॉकआउट में पहुंचने का मौक़ा बना हुआ था। हालांकि मैच समाप्त होने से पहले ही उनका यह अवसर ख़त्म हो गया।
कैसा रहा टूर्नामेंट
यह सीज़न मुंबई के लिए ठीक जा रहा जब तक कि टूर्नामेंट संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में स्थानांतरित नहीं हो गया। उन्होंने पहले चरण में भारत में अपने सात मैचों में से चार जीते थे, लेकिन यूएई में पहुंचते ही उनकी बल्लेबाज़ी जूझने लगी, जिसका ख़ामियाज़ा उन्हें भुगतना पड़ा।
क्या ग़लत हुआ
जैसा कि कप्तान रोहित शर्मा ने पिछले लीग मैच से पहले कहा था, "हमने यूएई लेग में अच्छी बल्लेबाज़ी नहीं की और इससे टीम प्लेऑफ़ में जगह बनाने में क़ामयाब नहीं हो पाई।" मुंबई अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी के लिए जानी जाती है और उनके अभियान को झटका लगा जब कई खिलाड़ी फ़ॉर्म से जूझने लगे। क्विंटन ​डिकॉक की स्ट्राइक रेट उनके द्वारा खेले गए पिछले तीन मैचों में 105 से कम हो गई, रोहित दो बार दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके, वो भी तब जब उन्हें जीत की सख़्त ज़रूरत थी, इशान किशन और सूर्यकुमार यादव ने देर से लय पकड़ी और हार्दिक पंड्या का बल्ला तो चला ही नहीं। आईपीएल 2020 के पावरप्ले किंग ट्रेंट बोल्ट लगातार पांच मैचों में पावरप्ले में विकेट नहीं चटका सके।
ख़बरों में
मुश्किल के काले बादल तो हार्दिक पर थे, जो बल्ले से रन नहीं बना रहे थे और टूर्नामेंट में एक भी ओवर नहीं फेंक सके। वह आगामी टी20 विश्व कप के लिए एक ऑलराउंडर के रूप में टीम में हैं, लेकिन बिना किसी ओवर के और उनके रन नहीं बनाने की वजह से प्रशंसकों और कई पूर्व खिलाड़ियों ने टीम में उनकी मौजूदगी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। जब उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होता है, तो भारत में उनके जैसा कोई ऑलराउंडर नहीं होता है, लेकिन वह अभी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से बहुत दूर है।

पंजाब किंग्स

कहां समाप्त किया
लगातार दूसरे वर्ष वे 12 अंकों के साथ तालिका में छठे स्थान पर रहे।
कैसा रहा टूर्नामेंट
एक नए नाम के साथ सीज़न की शुरुआत करते हुए, पंजाब किंग्स ने जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की, लेकिन अपने अगले सात मैचों में से पांच में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। यूएई में, एक जीत हासिल करने के लिए उनका संघर्ष जारी रहा और वे अंक तालिका के बीच में एक जटिल स्थिति में फंस गए। उन्होंने अपने पिछले तीन मैच जीते लेकिन ख़राब नेट रन रेट के कारण प्लेऑफ़ की दौड़ से बाहर हो गए। उनकी बल्लेबाज़ी में समस्याएं बनी रहीं, जो केएल राहुल और मयंक अग्रवाल की सलामी जोड़ी के आउट होने के बाद विफल होती दिख रही थी। लेकिन सकारात्मक पक्ष पर बात करें तो उनके अनकैप्ड भारतीय गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई और हरप्रीत बराड़ हर मौक़े पर खरे उतरे।
क्या ग़लत हुआ
राहुल और मयंक पर उनकी अधिक निर्भरता। जबकि वह दोनों टीम की रीढ़ बने रहे, निकोलस पूरन को अपने 2020 के आईपीएल फ़ॉर्म को फिर से हासिल करने में असमर्थ होने की वजह से बाहर तक होना पड़ा। मध्य क्रम में अनकैप्ड भारतीय दीपक हुड्डा, सरफ़राज़ ख़ान और शाहरुख ख़ान भी पर्याप्त प्रदर्शन नहीं कर सके। उनका मध्य क्रम (नंबर 4-7) वास्तव में, इस सीज़न में दूसरा सबसे ख़राब बल्लेबाज़ी औसत (16.68) वाला था।
राहुल लगातार चौथे साल टूर्नामेंट में शीर्ष तीन स्कोररों में शामिल थे, उन्होंने 13 मैचों में 626 रन बनाए, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट फिर से एक बड़ा चर्चा का विषय था। उन्होंने 2021 सीज़न की शुरुआत 50 गेंदों में 91 के साथ की, लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ख़िलाफ़ 57 गेंद में 91 नाबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के ख़िलाफ़ 42 गेंद पर नाबाद 98 रनों की दो पारियों को छोड़कर, धीरे-धीरे स्कोर करने के कारण उनका स्ट्राइक रेट खिसकता चला गया। बाक़ी दस मैचों में उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ़ 114 के क़रीब था। उनके रूढ़िवादी दृष्टिकोण का हमेशा टीम पर वांछित प्रभाव नहीं पड़ा, जिसे उन्होंने स्वीकार भी किया।
ख़बरों में
बायो-बबल की थकान का हवाला देते हुए पंजाब किंग्स के अनुभवी बल्लेबाज़ क्रिस गेल ने यूएई में टीम का साथ छोड़ दिया। सीपीएल बायो-बबल से बाहर आने के बाद गेल ने कहा कि वह टी20 विश्व कप से पहले मानसिक रूप से ख़ुद को तरोताज़ा करना चाहते हैं।

राजस्थान रॉयल्स

कहां समाप्त किया
राजस्थान रॉयल्स का एक और सुस्त सीज़न था, जहां वह 14 मैचों में पांच जीत के साथ सातवें स्थान पर रहे, पिछले सीज़न में आख़िरी स्थान से मामूली वृद्धि।
कैसा रहा सीज़न
रॉयल्स ने पहले चरण में सात मैचों में से सिर्फ़ तीन में जीत हासिल की और यूएई में भी उनकी यही स्थिति बनी रही, अपने सात मैचों में से सिर्फ़ दो में उन्होंने जीत हासिल की। दूसरे चरण में कुछ भी उनके अनुकूल नहीं रहा। वे अपनी कुछ बड़े नामों के बिना थे। मध्य क्रम में जान नहीं थी और गेंदबाज़ी में उनके पास ज़्यादा विकल्प मौजूद नहीं थे।
क्या ग़लत हुआ
सीज़न के पहले भाग में रॉयल्स को सब कुछ ठीक नहीं मिला, लेकिन जॉस बटलर, क्रिस मॉरिस और कप्तान संजू सैमसन ने अपने दो सबसे बड़े नामों बेन स्टोक्स और जोफ़्रा आर्चर के अनुपलब्ध होने के बावजूद टीम को अंक तालिका में मध्य में रखा।
बटलर दूसरे भाग में खेले नहीं, लेकिन उन्हें एविन लुईस में एक सक्षम विकल्प मिला, जिन्होंने यशस्वी जायसवाल के साथ मिलकर टीम को तेज़ शुरुआत दिलाई। सैमसन, जिन्होंने अपने नौ साल के आईपीएल करियर में 14 मैचों में 484 रन बनाकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, वह भी शीर्ष क्रम में एक ताक़त थे।
लेकिन मध्य क्रम उनकी कमज़ोर कड़ी बना रहा और लियम लिविंगस्टन और ग्लेन फ़िलिप्स ज़्यादा मदद नहीं कर सके। मॉरिस भी अपने दाम के अनुरुप काम नहीं कर सके। वह गेंद और बल्ले दोनों से ठीक-ठाक दिखे। मॉरिस न केवल यूएई में पहले तीन मैचों में बिना विकेट लिए रह गए, बल्कि महंगे भी थे, उन्होंने पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स के ख़िलाफ़ क्रमशः 47 और 50 रन लुटाए, और परिणाम स्वरूप उन्हें टीम से हटाया गया। कार्तिक त्यागी, चेतन साकरिया और मुस्तफ़िज़ुर रहमान के कुछ अच्छे व्यक्तिगत प्रदर्शन थे, टूर्नामेंट के आख़िरी लीग मैचों में लगातार फेरबदल भी उनके लिए काम नहीं आया। इससे और ख़राब क्या हो सकता है कि वह अपने अंतिम दो लीग मुक़ाबलों में नौ विकेट पर 90 और 85 रन पर ढेर हो गए।
ख़बरों में
दो अलग लेग में रॉयल्स अपने तीन सबसे बड़े विदेशी सितारों के बिना थे। आर्चर को शुरुआत में कोहनी की चोट के कारण बाहर होना पड़ा, स्टोक्स ने मानसिक-स्वास्थ्य कारणों से खेल से ब्रेक लिया और बटलर अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण यूएई लेग से बाहर रहे। इसकी भरपाई करना रॉयल्स के लिए मुश्किल था।

सनराइज़र्स हैदराबाद

कहां समाप्त किया
सनराइज़र्स हैदराबाद ने 2020 सीज़न की तुलना में सबसे ज़्यादा गिरावट दर्ज की, वह तीसरे स्थान से सीधा सबसे निचले स्थान पर रहे। उन्होंने 2021 के संस्करण को 14 मैचों में सिर्फ़ तीन जीत के साथ समाप्त किया।
कैसा रहा सीज़न
सनराइज़र्स के लिए कुछ ठीक नहीं रहा। यहां तक ​​कि जब भारत में पहला चरण शुरू हुआ, तो उन्होंने अपनी पहली जीत दर्ज़ करने के लिए चार मैच लगा दिए। आईपीएल स्थगित होने से पहले वे तीन मैच और हार गए, और फिर दो और हार के साथ यूएई लेग की शुरुआत की। उनके पहले नौ मैचों में से केवल एक जीत का मतलब था कि उनका सीज़न वास्तव में पहले ही ख़त्म हो गया था।
क्या ग़लत हुआ
डेविड वॉर्नर के लिए फ़ॉर्म बहुत दूर रही और यूएई के लेग में जॉनी बेयरस्टो की अनुपलब्धता का मतलब था कि उनके गेंदबाज़ों को फिर से भारी ज़िम्मेदारी उठानी पड़ी, लेकिन सनराइज़र्स के 150 रनों तक लगातार नहीं पहुंचने की असमर्थता ने उन्हें काफ़ी नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने सीज़न की शुरुआत उन मैचों में लक्ष्य पीछा करने से की जो वे जीत सकते थे। यह पुराने कारणों से नहीं हुआ - एक अनुभवहीन और कमजोर मध्य क्रम। और जब उन्होंने पहले बल्लेबाज़ी की, तो पांच प्रयासों में केवल दो बार 135 रन बनाए और उनमें से केवल एक बार वह इस स्कोर को बचा सके।
गेंदबाज़ी में भी टी नटराजन के कोविड पॉज़िटिव पाए जाने ने उन्हें उनकी योजनाओं में सफल नहीं होने दिया। ग़ैर-स्विंग परिस्थितियों में संदीप शर्मा और भुवनेश्वर कुमार भी महंगे साबित हुए। राशिद ख़ान एक बार फिर उनके प्रमुख विकेट लेने वाले गेंदबाज़ थे और जेसन होल्डर ने भी अपनी गेंदबाज़ी से उन्हें यूएई लेग में प्रेरित किया, लेकिन अगर कोई टीम है जिसे बड़े बदलावों की दरक़ार है तो वह सनराइज़र्स ही है।
ख़बरों में
वॉर्नर, पिछले कुछ वर्षों में आईपीएल में लगातार रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों में से एक रहे हैं, लेकिन इस समय बुरी तरह से फ़ॉर्म से जूझने के बाद अंतिम 11 में भी जगह नहीं बना सके। न केवल उन्होंने अपनी कप्तानी खो दी, बल्कि यूएई लेग में 2 और 0 के स्कोर के बाद वह सनराइज़र्स की योजनाओं से पूरी तरह से बाहर हो गए। लीग चरण के अंतिम मैच में स्टैंड से सनराइज़र्स का झंडा लहराते हुए देखे जाने से पहले, उन्हें कुछ मैचों के लिए टीम होटल में छोड़ दिया गया था। जिसका मतलब है कि वार्नर-सनराइजर्स का गठबंधन समाप्त हो सकता है।

स्‍टैट्स इंपुट गौरव संदुरारमन। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।