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बड़े मैच के बड़े सितारे: आईपीएल प्ले ऑफ़ में कमाल करने वाले युवा अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी

इस सूची में मनविंदर बिस्ला, मनीष पांडे, बिपुल शर्मा, क्रुणाल पंड्या और अब रजत पाटीदार का नाम शामिल हो गया है

लखनऊ सुपर जायंट्स के ख़िलाफ़ एलिमिनेटर मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए अनकैप्ड युवा खिलाड़ी रजत पाटीदार ने शानदार शतक जड़ा और अपनी टीम की जीत की नींव तैयार की। आईपीएल का यह इतिहास रहा है कि नॉकआउट मैचों में कुछ युवा अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी आते हैं और फिर छा जाते हैं। आइए डालते हैं ऐसे ही कुछ प्रदर्शनों पर नज़र।
मनविंदर बिस्ला - 89 (48) बनाम चेन्नई सुपर किंग्स, 2012
चेन्नई सुपर किंग्स के ख़िलाफ़ 2012 के फ़ाइनल में ब्रेंडन मक्कलम की जगह गौतम गंभीर के साथ ओपनिंग करने आए मनविंदर बिस्ला ने इस आईपीएल की शुरुआत में सात मैच खेले थे। 191 रन का पीछा करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स को गंभीर और बिस्ला ने तेज़ शुरुआत दी। बिस्ला कुछ अधिक ही आक्रामक नज़र आ रहे थे और उन्होंने पावरप्ले की 21 गेंदों पर 40 रन जड़े। पावरप्ले के बाद भी उन्होंने अपनी आतिशी बल्लेबाज़ी को जारी रखते हुए 27 गेंदों में अपना पचासा पूरा किया। गंभीर के जल्दी आउट होने के बाद आए जाक कालिस के साथ उन्होंने 13.4 ओवर में 134 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसमें अकेले बिस्ला के 88 रन थे। वह 15वें ओवर में एल्बी मॉर्केल की एक स्लोअर गेंद पर आउट हुए। उस समय कोलकाता को 32 गेंदों पर 52 रनों की ज़रुरत थी, जिसे उन्होंने दो गेंद शेष रहते हुए पा लिया।
मनीष पांडे - 94 (50) बनाम बनाम किंग्स इलेवन पंजाब, 2014
2014 के इस फ़ाइनल में जीत हासिल करने के लिए कोलकाता को 200 रनों की ज़रुरत थी। उन्हें पहले ही ओवर में रॉबिन उथप्पा के रूप में पहला झटका लगा। उथप्पा ने इससे पहले लगातार 10 पारियों में 40+ का स्कोर बनाया था, वहीं मनीष पांडे के नाम 15 पारियों में सिर्फ़ एक अर्धशतक था। उन्होंने 31 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और यूसुफ़ पठान के साथ सिर्फ़ 7.2 ओवर में ही 71 रन की साझेदारी की। उन्होंने करनवीर सिंह और परविंदर अवाना जैसे गेंदबाज़ों पर निशाना बनाया और उनके 29 गेंदों पर 70 रन बनाए। वह 17वें ओवर में करनवीर की गेंद पर आउट हुए, लेकिन तब तक वह अपना काम कर चुके थे। कोलकाता ने यह लक्ष्य तीन गेंद शेष रहते ही हासिल कर लिया था।
बिपुल शर्मा- सनराइज़र्स हैदराबाद, 2016
2016 में सनराइज़र्स हैदराबाद की गेंदबाज़ी तेज़ गेंदबाज़ों पर निर्भर थी। बिपुल शर्मा ने टीम में ना सिर्फ़ स्पिनर की जगह को पूरा किया बल्कि निचले क्रम में आकर बल्ले से भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने प्ले ऑफ़ के तीनों मैच में अपनी छाप छोड़ी। कोलकाता के ख़िलाफ़ एलिमिनेटर में उन्होंने मोर्ने मॉर्केल पर 20वें ओवर में दो छक्के जड़े और सनराइज़र्स को 150 के पार कर 162 के स्कोर तक पहुंचाया।
गुजरात लायंस के ख़िलाफ़ क्वालीफ़ायर मैच में उन्होंने अपने हरफ़नमौला खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने गेंदबाज़ी में मक्कलम का महत्वपूर्ण विकेट लिया और फिर आठवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हुए तीन महत्वपूर्ण छक्के जड़े। उन्होंने 11 गेंदों में 27 रन बनाए और डेविड वॉर्नर के साथ टीम को जीत दिलाई। हाई स्कोरिंग फ़ाइनल में बेंगलुरु को अंतिम सात ओवरों में 68 रन की ज़रुरत थी और एबी डिविलियर्स ख़तरनाक ढंग से बल्लेबाज़ी कर रहे थे। 14वें ओवर में बिपुल आए और उन्होंने डीविलियर्स का महत्वपूर्ण विकेट झटक लिया। इस मैच में हैदराबाद की नौ रन से जीत हुई।
क्रुणाल पंड्या- 47 (38) और 0/31 बनाम राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स, 2017
मुंबई इंडियंस 2017 के लीग स्टेज़ में शीर्ष पर थे लेकिन उन्हें पुणे के ख़िलाफ़ दोनों लीग मैच में हार मिली थी। पहले क्वालीफ़ायर में भी पुणे ने अपने पड़ोसी मुंबई को हराया था। फ़ाइनल में जब मुंबई के सामने पुणे था तो ऐसा लग रहा था कि कहीं वे फिर से बाज़ी ना मार जाए। ऐसा होता संभव भी दिख रहा था जब उन्होंने 15वें ओवर तक मुंबई के सात विकेट ले लिए, जबकि मुंबई का स्कोर उस समय तक सिर्फ़ 79 रन था।
इसके बाद सीनियर पंड्या ने अपना जौहर दिखाना शुरु किया और मिचेल जॉनसन के साथ मिलकर 35 गेंदों में 50 रन जोड़े। अंतिम तीन ओवर में 37 रन बने और एक समय 100 के भीतर आउट होती दिख रही मुंबई ने पुणे को 130 रन का लक्ष्य रखा। क्रुणाल ने मुंबई की तरफ़ से गेंदबाज़ी की शुरुआत की और पहले तीन ओवरों में सिर्फ़ 17 रन दिए। इस मैच में मुंबई को एक रन की जीत हासिल हुई थी।
रजत पाटीदार- 112* (54) बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स, 2022
रजत पाटीदार टूर्नामेंट शुरु होने से पहले किसी भी टीम का हिस्सा नहीं थे। उन्हें किसी भी टीम ने नीलामी में नहीं ख़रीदा था, लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में लवनीत सिसोदिया चोटिल हुए और पाटीदार को टीम में लाया गया। इसके बाद तो पाटीदार ने कमाल ही कर दिया। लखनऊ सुपर जायंट्स के ख़िलाफ़ एलिमिनेटर में उन्होंने शानदार शतकीय पारी खेलते हुए सिर्फ़ 54 गेंदों में 200 के ऊपर की स्ट्राइक रेट से 112 रन बनाए। उन्होंने अपना पहला पचासा 28 और दूसरा सिर्फ़ 21 गेंदों में बनाया। यह पारी तब और महत्वपूर्ण हो जाती है जब बेंगलुरु के तीन बड़े नाम फ़ाफ़ डुप्लेसी, विराट कोहली और ग्लेन मैक्सवेल ने मिलकर सिर्फ़ 35 रन बनाए थे।
वह स्पिनरों के ख़िलाफ़ कुछ अधिक ही आक्रामक थे। उन्होंने क्रुणाल पंड्या और रवि बिश्नोई की 22 गेंदों पर 58 रन जड़े, जिसमें छह चौके और चार छक्के शामिल थे। उन्होंने अंतिम पांच ओवरों में दिनेश कार्तिक के साथ मिलकर 84 रन बनाए।

संपत बंडारुपल्ली ESPNcricinfo में स्टैट्स एक्सपर्ट हैं