ख़बरें

मैं जीवन के उस पड़ाव में हूं जहां फ़ील्ड पर उत्साह या निराशा नहीं ढूंढता : कोहली

पूर्व कप्तान ने कहा कि वह फ़ाफ़ डुप्लेसी को सुझाव ज़रूर देते हैं

Virat Kohli's season went from bad to worse as he collected another golden duck, Royal Challengers Bangalore vs Sunrisers Hyderabad, IPL 2022, Wankhede Stadium, Mumbai, May 8, 2022

कोहली ने आईपीएल 2022 के पहले 13 मैचों में केवल 236 रन बनाए हैं  •  BCCI

विराट कोहली ने कहा है कि वह अपने जीवन के "सबसे सुखास्पद पड़ाव" में हैं और फ़ील्ड पर क्या होता है उसमें वह "उत्साह या निराशा" नहीं ढूंढते। साथ ही उन्होंने कहा है कि आईपीएल में लगभग नौ सीज़न बाद सिर्फ़ एक खिलाड़ी के रूप में खलेते हुए भी वह एक ज़िम्मेदार वरिष्ठ खिलाड़ी की भूमिका निभा रहे हैं और कप्तान फ़ाफ़ डुप्लेसी को सुझाव देने से नहीं कतराते हैं।
स्टार स्पोर्ट्स पर 'इनसाइड आरसीबी' कार्यक्रम पर कोहली ने कप्तानी त्यागने के बाद खेलने के बारे में कहा, "सच कहूं तो थोड़ा अलग है। मैं यह नहीं कहूंगा कि यह कठिन है क्योंकि आप लगातार प्रक्रिया में योगदान देते रहते हैं। सौभाग्य से फ़ाफ़ और मुझमें दोस्ती हमेशा अच्छी रही है। टीम में एक नेतृत्व समूह है जिसमें हम सब अपने सुझाव देते हैं। मैदान पर भी जब फ़ाफ़ आउटफ़ील्ड में होते हैं तो उन्होंने मुझे कोण और खिलाड़ियों के स्थान में छोटे-मोटे परिवर्तन करने की छूट दे रखी है। ऐसा मैं एमएस [धोनी] के साथ खेलते हुए भी किया करता था। एक ज़िम्मेदार वरिष्ठ खिलाड़ी के तौर पर खेल में अधिक योगदान देने और कप्तान को सुझाव देने में मुझे बहुत मज़ा आता रहा है और यहां भी ऐसा ही है।"
कोहली ने आईपीएल 2022 के पहले 13 मैचों में केवल 236 रन बनाए हैं और सीज़न के बीच ओपनर के रूप में खेलते हुए भी उनके प्रदर्शन में ख़ासा फ़र्क नहीं पड़ा है। वह कुल छह बार 10 से कम के स्कोर पर आउट हुए हैं और इसमें तीन गोल्डन डक शामिल हैं जहां गेंदबाज़ो ने उन्हें उनकी पारी की पहली गेंद पर पवेलियन भेज दिया है।
केवल एक अर्धशतक लगाने के बावजूद कोहली ने इस पड़ाव पर एक दार्शनिक दृष्टिकोण दिखाते हुए कहा, "भले ही यह अनुभव हो या इससे पहले घटे अनुभव, मैं उनकी वजह से ख़ुद को ज़्यादा मूल्यवान मानता हूं। मैं वास्तव में अपने जीवन के सबसे सुखास्पद पड़ाव पर हूं और मुझे मैदान पर घट रही चीज़ों में कोई मोल या आत्म मूल्य नहीं दिखाई देता। इसका मतलब यह नहीं कि मुझमें सफल होने की भूख़ नहीं रही। जिस दिन वह भूख़ चली जाएगी मैं यह गेम छोड़ दूंगा। मैं केवल अपने जीवन के सबसे संतुलित जगह पर हूं जहां मैदान पर घटनाओं से मैं उत्साहित या निराश नहीं होता। तो यह [ख़राब फ़ॉर्म की चर्चा] मेरे बारे में नहीं है बल्कि मैं इस बात से दुखी हूं कि मैंने अपनी टीम के लिए उतना योगदान नहीं दिया है जितना मैं देना चाहता हूं या जितने में मुझे गर्व हो।"