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पोलार्ड में अभी बहुत क्रिकेट बाक़ी है: बिशप

"बस उन्हें अपने 'खेल का पुनर्निर्माण' कर नए सिरे से शुरुआत करनी होगी"

यश झा
12-May-2022
Kieron Pollard's IPL to forget continued, Gujarat Titans vs Mumbai Indians, IPL 2022, Brabourne Stadium, Mumbai, May 6, 2022

यह पोलार्ड के लिए अब तक निराशाजनक आईपीएल रहा है  •  BCCI

मुंबई इंडियंस के हरफ़नमौला कायरन पोलार्ड भले ही अपने सबसे निराशाजनक आईपीएल अभियान के बीच में हैं लेकिन पूर्व वेस्टइंडीज़ तेज़ गेंदबाज़ और ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो एक्सपर्ट इयन बिशप के हिसाब से अब भी उनसे अच्छे खेल की उम्मीद की जा सकती है।
'टी20 टाइम आउट' कार्यक्रम में बिशप ने कहा, "पोलार्ड को अपने गेम का पुनर्निर्माण करना होगा। यह अति आवश्यक है क्योंकि वह इस गेम में अपना भविष्य देखते हैं। लोगों का मानना है कि वह बतौर खिलाड़ी ख़त्म हो चुके हैं लेकिन मैं वहां जाना भी नहीं चाहता। वह नए सिरे से शुरुआत कर सकते हैं।"
आईपीएल 2022 में 11 मैचों के बाद पोलार्ड ने 14.40 के औसत और 107.46 के स्ट्राइक रेट से केवल 144 रन बनाए हैं। यह स्ट्राइक रेट उनके लिए किसी भी आईपीएल सीज़न में सबसे कम है। इस टूर्नामेंट में 130 से कम का स्ट्राइक रेट उनके लिए केवल 2011 में था। पोलार्ड गुरुवार को 35 साल के होंगे। वह 2010 से ही मुंबई के टीम का अभिन्न हिस्सा रहे हैं और उन्होंने मुंबई के पांच विजयी अभियान में भी बड़ा रोल अदा किया है।
बिशप ने कहा, "उन्होंने अपने एक महान खिलाड़ी पर भरोसा जताया है और उनके प्रति वफ़ा दिखाई है। हम सबको काफ़ी कुछ याद रखना चाहिए, फिर चाहे वह मीडिया हो या समर्थकों में ही हो। जब भी मुंबई ने टाइटल जीता है तब पोलार्ड का योगदान रहा है। 2013 में 42 के औसत से 420 रन और 2019 और 2020 तक औसत को 30 के ऊपर रखना जब उनका स्ट्राइक रेट अक्सर 160 और 190 तक [2019 में 156.74 और अगले साल 191.42] हुआ करता था। बतौर एक फ्रैंचाइज़ आप ऐसी चीज़ें याद रखेंगे और उन्हें भरपूर मौक़ा देंगे।"
पोलार्ड के लिए पांच सबसे तेज़ी से रन बनाने सीज़न में से चार (2013, 2015, 2019 और 2020) में मुंबई ने टाइटल जीता है। पिछले कुछ सालों से वह टीम के नेतृत्व समूह का हिस्सा भी रहे हैं। इस साल मुंबई ने 11 में केवल दो ही मैच जीते हैं और ज़ाहिर है फ़ैंस में भी नाराज़गी है। इसके बावजूद पोलार्ड को विश्राम देकर बाक़ी खिलाड़ियों को मौक़ा देने पर पूर्व न्यूज़ीलैंड कप्तान डैनियल वेटोरी भी असहमत हैं।
वेटोरी ने कहा, "फ्रैंचाइज़ एक फ़ैन की तरह भावनात्मक तरीके से नहीं सोच सकते। जैसा कि बिश [बिशप] ने कहा उन्हें पुरानी बातें याद रखनी होगी और साथ में भविष्य पर भी नज़र रखनी होगी। क्या पोलार्ड उस भविष्य का हिस्सा हैं? मेरे हिसाब से तो वह ज़रूर भविष्य का हिस्सा हैं। पहले भी कुछ ऐसे सीज़न रहे हैं जहां उनकी शुरुआत अच्छी नहीं हुई लेकिन उन्होंने ज़बरदस्त वापसी की है। यह बहुत ज़रूरी है कि वह बचे हुए मैच भी अवश्य खेलें क्योंकि वह भविष्य में भी इस फ्रैंचाइज़ का हिस्सा रहेंगे।"
इस साल पोलार्ड की सबसे बड़ी कमज़ोरी रही है स्पिन गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़। उन्होंने स्पिन के सामने केवल 6.80 की औसत और 82.92 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं और ऐसी स्थिति आ गई है कि उनके आते ही विपक्ष उनके विरुद्ध स्पिनर लगा देते हैं। ख़ुद पोलार्ड को गेंदबाज़ी कर चुके वेटोरी का मानना है कि यह संघर्ष उनके खेल में गिरावट से नहीं बल्कि उनके मानसिक असहजता का फल है।
वेटोरी ने कहा, "बतौर स्पिन बोलर वह एक ख़तरनाक बल्लेबाज़ हैं क्योंकि उनकी पहुंच काफ़ी लंबी है और वह पहले या दूसरे गेंद से ही आप पर प्रहार शुरू कर सकते हैं। हम [इस सीज़न] देख रहे हैं कि वह स्पिन को सुरक्षात्मक तरीक़े से खेल रहे हैं। जब आप उन्हें ओवरपिच कर देते हैं तो वह अपने रंग में आते हैं और आपको सीधा छक्के के लिए मार सकते हैं। फ़िलहाल उनकी गेम में एक तनाव साफ़ है और शायद यह टीम के पूरे प्रदर्शन का प्रतिबिंब है। ऐसा हो सकता है वह टीम की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर लेना चाहते हैं और बीते सीज़नों की तरह टीम को जीत तक ले जाना चाह तो रहे हैं लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा।"
बिशप ने कहा, "बतौर गेंदबाज़ अगर आपको पता है कि एक बल्लेबाज़ असहज है तो आप और आत्मविश्वास के साथ अपने प्लान पर टिके रह सकते हैं। मैंने पोलार्ड को अच्छे फ़ॉर्म में देखा है कि वह लेग स्पिनर और बाएं हाथ के स्पिनर के धागे खोल देते हैं। उन्हें बस आत्मविश्वास की ज़रूरत है। अगर टीम उन्हें बैक करेगा तो अच्छा होगा।"
जब बिशप से पूछा गया कि क्या चारों ओर चल रही आलोचना पोलार्ड के मन में जगह कर रहा होगा तो उन्होंने कहा, "शत प्रतिशत। पोलार्ड बड़े निराश होंगे और अपने फ़ॉर्म पर चिंतित होंगे। हम मुंबई की उनके प्रति वफ़ादारी की बात करते हैं लेकिन वह ख़ुद भी इस विश्वास का हक़ अदा करना चाहते होंगे। वह मुंबई इंडियंस के महानतम खिलाड़ियों में ज़रूर हैं लेकिन इस बारे में वह ज़रूर सोच रहे होंगे। वह आलोचकों को दिखाना चाहते होंगे कि अभी भी उनमें वह बात है।"