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दो भागों वाले रणजी ट्रॉफ़ी सीज़न में टीमों को अच्छी लय की तलाश

अभिमन्यु ईश्वरन और करुण नायर इस चुनौती के लिए तैयार हैं

Bengal reached their first Ranji Trophy final since the 2006-07 season

बंगाल इकलौती टीम है जिसने इस सीज़न के लीग चरण में तीन मैचों में तीन जीत दर्ज की  •  PTI

2020-21 के सीज़न में कोरोना महामारी के कारण पहली बार रणजी ट्रॉफ़ी का आयोजन नहीं किया गया। अगले सीज़न में इस टूर्नामेंट की वापसी हुई लेकिन बीसीसीआई ने इसे छोटी अवधी में आयोजित करने का निर्णय लिया। टीमों को आठ की बजाय केवल तीन मैच खेलने का मौक़ा मिला और अगले चरण में प्रवेश करने के लिए उन्हें कम से कम दो जीत की आवश्यकता थी।
बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन ने ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो को बताया, "यह एक अलग चुनौती थी क्योंकि पहले मैच से ही आपको अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना था। आठ मैचों वाले सीज़न में टीमें सही समय (पांचवें मैच) पर अपने असली रंग में आती थी और दो या तीन मैच जीतकर आप अगले दौर में पहुंच जाते। साथ ही नॉकआउट में जाना आसान था क्योंकि प्रत्येक ग्रुप से कई टीमें क्वालीफ़ाई करतीं।"
इसके बावजूद कि टीमों को अंतिम आठ में जगह बनाने के लिए अपने ग्रुप के शिखर पर रहना था, कर्नाटका के वरिष्ठ बल्लेबाज़ करुण नायर ने सकारात्मक पहलुओं पर रोशनी डाली। अपने ग्रुप को टॉप करने के बाद भी झारखंड को प्री-क्वार्टर-फ़ाइनल में नागालैंड का सामना करना पड़ा क्योंकि अन्य सात टीमों ने उनसे बेहतर प्रदर्शन किया था।
करुण ने कहा, "फ़ॉर्मेट काफ़ी अच्छा था कि टॉप पर रहने वाली टीम नॉकआउट के लिए क्वालीफ़ाई करेगी। इससे टीमों पर मैच जीतने का अतिरिक्त दबाव था। हालांकि हम हर मैच को जीतने के इरादे से मैदान पर उतरते हैं जिस वजह से हमारे लिए चीज़ें ज़्यादा बदली नहीं।"
बात केवल कम मैचों की नहीं थी। इस सीज़न में लीग चरण और नॉकआउट के बीच आईपीएल भी खेला गया। इसके चलते अच्छी लय में चल रही टीमों तथा आईपीएल में भाग नहीं ले रहे खिलाड़ियों को अनचाहा ब्रेक मिला। उदाहरणस्वरूप बंगाल जिन्होंने लीग चरण में तीन दमदार जीत दर्ज की।
बंगाल के कप्तान ने कहा, "हमारे पास अच्छी लय थी। हम अच्छी क्रिकेट खेल रहे थे और हमने तीन मैचों में जीत दर्ज की। हालांकि यह हाल अंतिम आठ में पहुंचने वाली अन्य टीमों का भी है। हम इसको लेकर चिंतित नहीं हैं।"
जब अन्य खिलाड़ी आईपीएल में अपना लोहा मनवा रहे थे, ईश्वरन और छह अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने सरहद पार जाकर बांग्लादेश की ढाका प्रीमियर लीग वनडे प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। ईश्वरन ने बताया कि वह अच्छे स्तर की क्रिकेट खेलना चाहते थे।
रणजी ट्रॉफ़ी के बीच में आईपीएल के आयोजन के बाद खिलाड़ियों के कार्यभार पर सवालिया निशान उठ खड़े हुए। लीग चरण के तीन मैच खेलने के बाद कई खिलाड़ी 14 मैचों वाले आईपीएल सीज़न में भाग लेने के लिए अपनी टीमों के साथ जुड़े। इसके बाद अब जब नॉकआउट शुरू हो रहे हैं, कर्नाटका के स्टार तेज़ गेंदबाज़ प्रसिद्ध कृष्णा ने क्वार्टर-फ़ाइनल में नहीं खेलने का निर्णय लिया। प्रसिद्ध को 1 जुलाई से इंग्लैंड के ख़िलाफ़ खेले जाने वाले टेस्ट मैच के लिए 17 सदस्यीय टीम में चुना गया है।
इस बात को ध्यान में रखते हुए एक सवाल खड़ा होता है कि क्या भविष्य में भी रणजी ट्रॉफ़ी को दो हिस्सों में आयोजित किया जा सकता है? इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया तो कई सालों से अपने प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट के बीच ब्रेक देकर सीमित ओवर के मैच आयोजित करते आ रहे हैं।
इसके अलावा भारत में रणजी ट्रॉफ़ी का फ़ाइनल अमूमन फ़रवरी-मार्च में खेला जाता है जब दिन लंबा होता है। इस बार मानसून का आगमन मैचों को प्रभावित कर सकता है।
इस पर ईश्वरन ने कहा, "अगर हम मई या जून में खेलते हैं तो हमें ज़्यादातर मैदान नहीं मिलेंगे क्योंकि मुझे नहीं लगता आप जून महीने में बंगाल में क्रिकेट खेल सकते हैं।"

हिमांशु अग्रवाल ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।