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बाबर बनाम रशीद, मोईन बनाम शादाब : कौन जीतेगा महामुक़ाबला?

आंकड़ों और मैच-अप्स के ज़रिए जानते हैं विश्व कप फ़ाइनल की तस्वीर

शाहीन नई गेंद से ख़तरनाक साबित हो सकते हैं  •  AFP via Getty Images

शाहीन नई गेंद से ख़तरनाक साबित हो सकते हैं  •  AFP via Getty Images

पाकिस्तान और इंग्लैंड इससे पहले 1992 विश्व कप फ़ाइनल में एक-दूसरे से भिड़ चुके हैं, जो कि मेलबर्न में ही 30 साल पहले हुआ था। पाकिस्तान उस मैच को जीतकर पहली बार विश्व विजेता बना था।
कैसी रहेगी मेलबर्न की पिच?
सुपर 12 के छह मैचों में से तीन मैच बारिश के कारण रद्द हुए थे। इंग्लैंड को इसी मैदान पर आयरलैंड के हाथों हार मिली थी, वहीं भारत ने भी पाकिस्तान को अंतिम ओवर में इसी मैदान पर हराया था।
2019-20 से अब तक यहां पर 29 टी20 मैच हुए हैं, जिसका परिणाम निकला है। यहां पर पहली पारी का औसत स्कोर 167 है, लेकिन अगर आपको यहां पर पहली पारी में बल्लेबाज़ी कर मैच जीतना है तो आपको औसतन 181 रन बनाने होंगे क्योंकि 181 यहां पर पहली पारी का मैच विनिंग टोटल है। यहां पर पहले पारी में बल्लेबाज़ी करने वाली टीम को बढ़त प्राप्त है और उन्होंने दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी करने वाली टीम के 13 जीत के मुक़ाबले 16 मैच जीते हैं।
स्पिनर यहां पर बेहद कसी हुई और किफ़ायती गेंदबाज़ी करते हैं और उनका इकॉनमी रेट (7.43), तेज़ गेंदबाज़ों के 8.34 के मुक़ाबले कहीं कम हैं। इसके अलावा स्पिनर यहां पर हर 23.1 गेंदों पर विकेट लेते हैं, जबकि तेज़ गेंदबाज़ों के लिए यह आंकड़ा (18.9) बहुत कम है। हालांकि इस साल तीन विश्व कप मैचों में स्पिनरों (7.75 रन प्रति ओवर) के मुक़ाबले तेज़ गेंदबाज़ (7.70 रन प्रति ओवर) अधिक किफ़ायती रहे हैं। स्पिनरों का स्ट्राइक रेट (17.9) भी इस विश्व कप में तेज़ गेंदबाज़ों के मुक़ाबले (15) कहीं अधिक है।
जाने-पहचाने चेहरे
वैसे तो पाकिस्तान-इंग्लैंड ने हाल ही में सात मैचों की टी20 सीरीज़ खेली है, लेकिन यह पहली बार है जब दोनों टीमें ऑस्ट्रेलियाई मैदान पर किसी टी20 मैच में भिड़ रही हैं। नसीम शाह, मोहम्मद हारिस और बेन स्टोक्स जैसे खिलाड़ी विपक्षी टीम के ख़िलाफ़ टी20 मैचों में सिर्फ़ एक ही बार उतरे हैं। जॉस बटलर ने शाहीन शाह अफ़रीदी और हारिस रउफ़ को क्रमशः सात और पांच गेंद ही खेला हैं।
पाकिस्तानी स्पिनरों से कैसे निपटेगा इंग्लैंड?
इस विश्व कप की 16 टीमों में से 15 टीमों ने पावरप्ले में कम से कम एक ओवर स्पिन गेंदबाज़ी की है। हालांकि पाकिस्तान ने ऐसा कभी नहीं किया है। उनके पास अफ़रीदी, नसीम, रउफ़ और मोहम्मद वसीम जूनियर जैसे चार तेज़ गेंदबाज़ हैं, जिनके बीच में पावरप्ले के छह ओवर बच जाते हैं।
हालांकि रविवार को यह परिपाटी बदल सकती है। इंग्लैंड के ख़िलाफ़ हुए द्विपक्षीय घरेलू सीरीज़ में मोहम्मद नवाज़ ने पावरप्ले में गेंदबाज़ी की थी ताकि ऐलेक्स हेल्स को शांत रखा जा सके। उन्होंने उस सीरीज़ में हेल्स के ख़िलाफ़ 19 गेंदों पर 19 रन दिए थे और एक बार आउट भी किया था।
ऐसा भी हो सकता है कि शादाब ख़ान को भी खेल में जल्दी लाया जाए क्योंकि उन्होंने बटलर को टी20 मैचों में दो बार आउट किया है और 21 गेंदों पर सिर्फ़ 21 रन दिए हैं। पाकिस्तान को अगर बटलर और हेल्स को शांत रखना है तो दोनों स्पिनर जल्दी ही खेल में आ सकते हैं। बटलर और हेल्स का इस टूर्नामेंट में स्पिनरों के ख़िलाफ़ पावरप्ले स्ट्राइक रेट सिर्फ़ 125.49 का रहा है, जो तेज़ गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ बढ़कर 154.08 हो जाता है।
इंग्लैंड के दोनों सलामी बल्लेबाज़ों ने मिलकर टूर्नामेंट में 410 रन बनाए हैं, जबकि बेन स्टोक्स के नाम सिर्फ़ 56 रन हैं। इंग्लैंड के पास लंबा बल्लेबाज़ी क्रम है, लेकिन अगर पाकिस्तान जल्दी विकेट निकाल लेता है तो इंग्लैंड का बल्लेबाज़ी क्रम ढह भी सकता है।
इंग्लैंड की रणनीति
इस टूर्नामेंट में पाकिस्तानी बल्लेबाज़ों ने मिश्रित प्रदर्शन किया है, हालांकि गेंदबाज़ छाए हुए हैं। सुपर 12 में उनकी इकॉनमी और स्ट्राइक रेट सबसे बेहतर है। उनके दो युवा तेज़ गेंदबाज़ों नसीम और वसीम जूनियर ने क्रमशः 6.00 और 6.61 के इकॉनमी से रन दिए हैं। हालांकि उनके कम अनुभव के कारण हेल्स-बटलर उन पर निशाना साधने की कोशिश कर सकते हैं। हेल्स ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ टिम साउदी और श्रीलंका के ख़िलाफ़ कसुन रजिता को लक्ष्य बनाया था।
कैसा रहेगा पाकिस्तान का मध्य क्रम?
पाकिस्तान ने पिछले तीन महीनों में मध्य क्रम में नवाज़ और शादाब को 'फ़्लोटर' के रूप में खिलाया है ताकि वे विपक्षी टीमों के स्पिनरों को निशाना बना सके। हालांकि इस विश्व कप में यह काम नहीं किया है। नवाज़ इस विश्व कप में सिर्फ़ एक बार शीर्ष पांच में बल्लेबाज़ी करने आए हैं, लेकिन उनका स्कोर 11 गेंद में चार रन था। वहीं शादाब ने साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ एक बेहतरीन पारी की थी, लेकिन वग नंबर सात पर आया था।
मोहम्मद हारिस के आने के बाद पाकिस्तान की मध्य क्रम की चिंता थोड़ी कम हुई है। हालांकि उनका भी स्पिनरों के ख़िलाफ़ टी20 रिकॉर्ड कुछ ख़ास नहीं है। उन्होंने स्पिनरों के ख़िलाफ़ 16 गेंदों में सिर्फ़ 12 रन बनाए हैं, जबकि दो बार आउट भी हुए हैं। ऐसे में आदिल रशीद, लियम लिविंगस्टन और मोईन अली की स्पिन तिकड़ी हारिस पर भारी पड़ सकती है।
वहीं शान मसूद ने इस टूर्नामेंट में एंकर की भूमिका को बख़ूबी निभाया है। उनका स्पिनरों के ख़िलाफ़ रिकॉर्ड भी बढ़िया है और उन्होंने घरेलू सीरीज़ में रशीद और मोईन के ख़िलाफ़ 150 के ऊपर के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। अगर पाकिस्तान अच्छी शुरुआत करता है तो मसूद नंबर तीन पर आ सकते हैं और हारिस को इफ़्तिख़ार अहमद से भी नीचे भेजा जा सकता है। गौरतलब है कि इसी मैदान पर ख़िलाफ़ इफ़्तिख़ार ने भारतीय स्पिनरों अक्षर पटेल और आर अश्विन को आड़े हाथों लिया था।
मैच-अप्स
बाबर आज़म बनाम आदिल रशीद
रशीद ने बाबर को तीन बार आउट किया है, जबकि बाबर ने रशीद के ख़िलाफ़ 61 गेंदों में 126.22 के स्ट्राइक रेट से 77 रन बनाए हैं। बाबर, रशीद के गूगली को ठीक से पढ़ नहीं पाते हैं और तीन में से दो बार गूगली गेंद पर ही आउट हुए हैं। बाबर का लेग स्पिन के ख़िलाफ़ रिकॉर्ड भी कुछ ख़ास नहीं रहा है और इस साल उनके ख़िलाफ़ उन्होंने सिर्फ़ 113.69 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं।
लियन लिविंगस्टन बनाम हारिस रउफ़
लिविंगस्टन ने इंग्लैंड के लिए पिछले दो टी20 विश्व कप के सभी मैच खेले हैं, लेकिन इस दौरान उन्होंने सिर्फ़ 72 गेंदों का सामना किया है। पाकिस्तान उनकी पसंदीदा टीम है और जुलाई 2021 में उन्होंने इसी टीम के ख़िलाफ़ अपना एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय शतक लगाया था। उन्हें रउफ़ को खेलना अच्छा लगता है और टी20 मैचों में रउफ़ के ख़िलाफ़ उनके 19 गेंदों में 51 रन है, जिसमें पांच छक्के शामिल हैं।
मोईन अली बनाम शादाब ख़ान
इस विश्व कप में मोईन अली अभी तक अपनी कुछ ख़ास छाप नहीं छोड़ पाए हैं। उन्होंने बस 33 गेंदें खेली हैं। हालांकि पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच में लेग स्पिनर शादाब के ख़िलाफ़ उन्हें ऊपर भेजा जा सकता है। मोइन ने शादाब के ख़िलाफ़ 36 गेंदों में 64 रन बनाए हैं, हालांकि वह इस दौरान दो बार आउट भी हुए हैं।
गौरव सुंदरम के इनपुट के साथ

मैट रोलर ESPNcricinfo में असिस्टेंट एडिटर हैं