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महिला क्रिकेट में एशेज स्टाइल तीन प्रारुप सीरीज के पक्ष में मिताली राज

हो सकता है कि आने वाले सालों में महिलाओं की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप भी हो। आप नहीं जानते हो।

Mithali Raj is all business at a pre-game warm-up session, India vs South Africa, 1st Women's ODI, Lucknow, March 7, 2021

अपने करियर की शुरुआत में मैं ज्यादा टेस्ट खेलना चाहती थी : मिताली  •  UPCA

भारतीय महिला ​टेस्ट टीम की कप्तान मिताली राज को लगता है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की टेस्ट क्रिकेट में करीब सात साल बाद वापसी मल्टी फॉर्मेट प्रारुप का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, जहां पर अंकों के आधार पर ​द्विपक्षीय सीरीज महिला क्रिकेट कैलेंडर में लगातार आयोजित हो सकती हैं। पुरुषों के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के बाद महिला टीमों के लिए यह मल्टी टीम ग्लोबल टूर्नामेंट के तौर पर शुरू किया जा सकता है।
ब्रिस्‍टल में बुधवार से शुरू होने वाले एकमात्र टेस्ट से पहले राज ने कहा कि मुझे लगता है कि यह टेस्ट मैच और पिंक बॉल टेस्ट मैच जो ऑस्‍ट्रेलिया में आने वाले महीनों में होना है यह तीन प्रारुप की द्विपक्षीय सीरीज की शुरुआत हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह द्विपक्षीय सीरीज में एक और प्रारुप को जोड़ने का जरिया हो सकता है और इससे पूरे तौर पर महिला क्रिकेट का स्तर ऊपर उठ सकता है।
खिलाड़ियो के लिए भी, मेरा कहने का मतलब है कि अगर आप किसी भी आधुनिक दौर के क्रिकेटर से पूछो तो वह अब भी सबसे लंबे प्रारुप में खेलना चाहते हैं क्योंकि आमतौर पर इसी प्रारुप में क्रिकेटरों के कौशल की असल परीक्षा होती है।
पिछली बार भारतीय टीम ने दो या उससे ज्यादा टेस्ट एक वर्ष में 2014 में खेले थे, यह वह समय था जब भारतीय टीम आखिरी बार इस प्रारुप में खेली थी। ब्रिस्टल टेस्ट मैच में भारतीय टीम 2041 ​दिनों के बाद लाल गेंद के क्रिकेट में उतरेगी। मल्टी फॉर्मेट सिस्टम में इस टेस्ट में जीत भारतीय टीम को चार अंक दिलाएगी। जबकि तीन वनडे और तीन टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में प्रत्येक को जीतने में दो अंक मिलेंगे।
ड्रॉ मुकाबले में दोनों टीमों को दो-दो अंक मिलेंगे, जबकि परिणाम नहीं निकलने पर एक-एक अंक बांटा जाएगा। जबकि महिलाओं की एशेज सीरीज में भी इसी ग्रेडिंग सिस्टम का इस्तेमाल हुआ था।
राज ने कहा कि सीरीज में टेस्ट मैच का होना बहुत अच्छा है। हम पहले ही वनडे और टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं। हो सकता है आने वाले सालों में महिलाओं की भी डब्ल्यूटीसी आयोजित हो सकती है। आप कुछ नहीं जानते। यह सिर्फ शुरुआत है। मुझे उम्मीद है कि यह बस सिर्फ शुरुआत है जहां पर द्विपक्षीय सीरीज में तीनों प्रारुपों के मुकाबले खेले जाएंगे।
जबकि महिलाओं की डब्ल्यूटीसी अभी दूर की संभावना है, हो सकता है कि आने वाले सालों में अधिक टीम टेस्ट क्रिकेट लगातार खेलती हुई दिखें, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अप्रैल में ही महिला टीमों की फुल मेंबर सदस्यों को टेस्ट का दर्जा दिया है।
पिछले वर्ष सितंबर और अक्टूबर में इंग्लैंड के खिलाफ और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिंक बॉल टेस्ट की घोषणा हुई थी, जो भारतीय महिला क्रिकेट में एक बड़ा अप्रत्याशित विकास था। वहीं, अंतर्राष्ट्रीय सर्किट में वनडे विश्व कप और टी20 प्रारुप में कॉमनवेल्थ गेम्स दोनों अगले वर्ष होने है और 2023 टी20 अंतर्राष्ट्रीय विश्व कप पर भी भारत की नजरें हैं। घरेलू क्रिकेट में महिला क्रिकेटरों के लिए भारत में कोई टूर्नामेंट 2017-2018 से नहीं हुआ है।
प्रमुख कोच रमेश पवार और टेस्ट टीम की उप कप्तान हरमनप्रीत कौर पहले ही ब्रिस्टल में आयोजित होने वाले टेस्ट के लिए चुनौतियों को बता चुके हैं। राज ने अपने साथियों का समर्थन किया, लेकिन कहा कि मेरे और तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी जैसी वरिष्ठ खिलाड़ी और कोच पवार 18 सदस्यीय अनुभवहीन सदस्यों और वनडे टीम की सदस्यों को अच्छा करने में मदद कर रहे हैं।
राज ने कहा कि यहां हमने कुछ सत्र में सफेद किट में क्रिकेट खेला है, तो ल​ड़कियां जब बुधवार को मैदान पर उतरेंगी तो उन्हें कोई समस्या नहीं होगी, क्योंकि अधिकतर खिलाड़ी सफेद किट में मैदान पर उतर चुकी हैं। यही एक चीज पवार ने इन सत्रों में करने की कोशिश की है। यहां पर चार से पांच सत्र थे जहां पर सफेद किट में हमने आपस में एक टीम के तौर पर ट्रेनिंग की थी, तो हमने नेट सत्रों में इसका आदी होने की कोशिश की है। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि लड़कियां जब मैदान पर उतरेंगी तो यह उनके लिए नया होगा।
उन्होंने आगे कहा कि पवार ने सीनियर खिलाड़ियों को अनुभवहीन खिलाड़ियों से बात करने का मौका दिया है, जिसमें उन्होंने इस प्रारुप में अपने पुराने अनुभव साझा किए हैं, तो झूलन ने तेज गेंदबाजों से बहुत बातचीत की है और मैंने बल्लेबाजों से बात की है। ऐसे में मुझे लगता है कि जब आप इस तरह की बातचीत करते हो तो टीम टेस्ट मैच के लिए तैयार हो सकती है।
अगस्त 2006 से नवंबर 2014 के बीच भारतीय टीम ने तीन टेस्ट खेलकर सभी में जीत हासिल की है। ऐसा करके उन्होंने सबसे ज्यादा लगातार जीत में ऑस्‍ट्रेलिया के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली, लेकिन राज का कहना है कि टीम अभी रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोच रही है, लेकिन उम्मीद है कि खिलाड़ी मजबूत प्रदर्शन करेंगे।
राज ने आगे कहा कि जहां तक खेल की मा​केर्टिंग की बात है तो मुझे लगता है कि टेस्ट मैच का टेलीविजन पर लाइव आना अच्दा है क्योंकि साफ तौर पर कई सारे लोग इसे देखेंगे, अब क्योंकि महामारी है और ज्यादातर लोग लॉकडाउन के कारण घरों में बंद हैं, तो काफी सारे लोग मैच को देखेंगे। जहां तक खिलाड़ियों की बात है ता उनके लिए भी यह मैच उतना ही जरूरी है। सात साल पहले, महिला क्रिकेट का परिदृश्य कुछ और ही था।
उन्होंने कहा कि टीम यह कभी नहीं सोचती है कि मैच लाइव कवर हो रहा है या नहीं, क्योंकि खिलाड़ी हमेशा ही अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं। फ‍िर चाहे मैच लाइव कवर हो रहा हो या नहीं, खिलाड़ी को इससे कोई मतलब नहीं होता है। हम बस वहां पर जाकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं और अगर यह लाइव कवर हो रहा है तो इससे बेहतर कुछ नहीं क्योंकि इसी तरह से खेल आगे बढ़ता है।

ऑन्‍नेशा घोष ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में एसोसिएट सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।