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आरसीबी के प्रमुख कोच बने संजय बांगर

पूर्व भारतीय ऑलराउंडर टीम के बल्लेबाज़ी सलाहकार की ​भूमिका निभा रहे थे

बांगर 2014 में किंग्‍स इलेवन पंजाब के भी रह चुके हैं कोच  •  BCCI

बांगर 2014 में किंग्‍स इलेवन पंजाब के भी रह चुके हैं कोच  •  BCCI

पूर्व भारतीय ऑलराउंडर संजय बांंगर को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का अगले दो आईपीएल सत्र के लिए मुख्‍य कोच नियुक्‍त किया गया है। अब तक टीम के बल्लेबाज़ी सलाहकार रहे बांगर, माइक हेसन की जगह लेंगे।
निजी कारणों से साइमन कैटिच के हटने के बाद यूएई लेग में हेसन ने ही उनकी ज़िम्मेदारी निभाई थी। हेसन अपने मुख्य रोल डायरेक्टर ऑफ़ क्रिकेट ऑपरेशंस जारी रखेंगे। वहीं आईपीएल 2021 के एलिमिनेटर में कोलकाता नाइटराइडर्स से हारने वाली आरसीबी को नए कप्तान की भी नियुक्ति करनी होगी, क्योंकि सत्र के अंत में विराट कोहली ने कप्तानी से इस्तीफ़ा दे दिया था।
2019 में विक्रम राठौर के टीम इंडिया का सलाहकार बनने से पहले बांगर ही 2014 से टीम के बल्लेबाज़ी कोच रहे थे। उनके पास किंग्स इलेवन पंजाब में कोचिंग का भी अनुभव है। वह 2014 में टीम के असिस्टेंट कोच रहे और सत्र के दौरान ही उन्हें पदोन्नति मिली और प्रमुख कोच बन गए, लेकिन उन्होंने दिसंबर 2016 में इस्तीफ़ा दे दिया था। वह कोची टस्कर्स केरला के भी बल्लेबाज़ी कोच रहे हैं।
2001 से 2004 के बीच भारत के लिए 12 टेस्ट और 15 वनडे खेलने वाले बांगर ने 2008 और 2009 के आईपीएल सत्र में डेक्कन चार्जर्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए भी खेला है। 2013 में संन्यास लेने से पहले उन्होंने 33 टी20 खेले।
बांगर ने कहा, "मैंने टीम में कुछ असाधारण और प्रतिभाशाली सदस्यों के साथ काम किया है और इस टीम को अगले स्तर तक ले जाने के लिए और इंतज़ार नहीं कर सकता। अभी काफ़ी काम बचा है, बड़ी नीलामी और उसके बाद का सत्र, लेकिन मुझे यकीन है कि प्रबंधन और सहयोगी स्टाफ़ के निरंतर समर्थन के साथ, हम अच्छा कर सकते हैं और दुनिया भर में अपने प्रशंसकों को ख़ुश कर सकते हैं।"
"हमारा काम नीलामी और रिटेंशन की रणनीति से पहले ही शुरू हो चुका है। इसलिए हमारी सभी स्काउटिंग टीम, सभी कोच एकजुट हो गए हैं और सही तरीक़े से काम करना शुरू कर दिया है। मैं आरसीबी के प्रत्येक प्रशंसक को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम एक मज़बूत फ्रेंचाइज़ी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और हम आईपीएल चैंपियनशिप जीतने के आरसीबी के सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
हेसन ने कहा कि जिन्होंने भी फ्रेंचाइज़ी का कोच बनने के लिए इंटरव्यू दिए, उनमें बांगर ही पहली पसंद थे।
उन्होंने कहा, "आईपीएल के समापन के बाद से, यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से हम काम कर रहे हैं। ज़ाहिर है, हम साक्षात्कार ले रहे थे। मैं वास्तव में उन लोगों से ख़ुश हूं जिन्होंने इंटरव्यू दिए और हमने उनसे बात की, लेकिन अंत में संजय एक असाधारण उम्मीदवार थे। उन्हें एक कोच के रूप में वास्तव में बहुत सम्मान मिलता है। उन्हें मुख्य रूप से बल्लेबाज़ी कोच के रूप में जाना जाता है, लेकिन निश्चित रूप से उनके पास इससे अधिक विशेषता है।"
"संजय खिलाड़ियों के साथ संबंध बनाने में बहुत अच्छे हैं। वह अपने विशेष ज्ञान के माध्यम से ऐसा करते हैं और खिलाड़ियों और सहयोगी कर्मचारियों के साथ समय के साथ उन संबंधों को बनाए रखते हैं। हमारा मक़सद आरसीबी को ख़िताब का दावेदार लगातार साल दर साल बनाना है।"
आरसीबी को अब उन खिलाड़ियों पर फ़ैसला करने की ज़रूरत है जिन्हें वे बड़ी नीलामी से पहले रिटेन करना चाहते हैं। टीम अपने चार खिलाड़ियों को रिटेन करते समय दो अलग-अलग संयोजनों को देख सकती है। तीन भारतीय और एक विदेशी, या दो भारतीय और दो विदेशी। हेसन ने कहा कि इसके बारे में आंतरिक चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी है।

अनुवाद ESPNcricinfo हिंंदी में सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।