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ऑस्‍ट्रेलिया को वापसी कराने में कुनमन ने जाडेजा के रास्‍ते को चुना

बाएं हाथ के स्पिनर अपनी टीम के लिए तब चमके जब उनकी टीम को सबसे अधिक ज़रूरत थी

कुनमन ने इंदौर में अपने प्रथम श्रेणी करियर का सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन किया  •  BCCI

कुनमन ने इंदौर में अपने प्रथम श्रेणी करियर का सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन किया  •  BCCI

मैथ्यू कुनमन का टेस्ट करियर यहां से कहीं भी जाए उनके पास कई अच्छी कहानियां बताने को होंगी।
जब इस सीरीज़ का पहला टेस्ट हो रहा था तब वह शेफ़ील्ड शील्ड में क्वींसलैंड के लिए खेल रहे थे। फिर वह एक हवाई जहाज़ पर आते हैं और कुछ दिनों बाद नई गेंद हाथ में लेते हुए दिल्ली में टेस्‍ट पदार्पण कर रहे होते हैं और विराट कोहली को अपना पहला शिकार बनाते हैं।
इंदौर में पहले दिन उन्होंने मैदान में आते हुए गेंद को लेंथ पर रखा, भारत की पारी शुरू होने के बमुश्किल ढाई घंटे बाद नौ ओवरों में 16 रन देकर पांच के असाधारण आंकड़े के साथ वह लौटे, जो उनका प्रथम श्रेणी करियर सर्वश्रेष्‍ठ भी था। उनके पिता पहले सत्र से चूक गए थे और लंच के बाद पांचवें विकेट को देखने के लिए समय से पहले ही मैदान पर पहुंच गए थे।
कभी-कभी ऑस्ट्रेलिया ने बाएं हाथ के स्पिनर को अपनी टीम में रखने की इच्छा के कारण खु़द को उलझा लिया है और ऐश्टन एगार को संभालना उनकी दिक्‍कतों का एक क्रम था। जब मिचेल स्वेप्‍सन क्वींसलैंड के लिए उपलब्‍ध रहते हैं तो कुनमन शेफ़ील्‍ड शील्‍ड टीम में जगह नहीं बना सकते हैं, लेकिन वह पहले दिन ही टर्न लेती ख़तरनाक पिच के लिए बेहतरीन थे और उन्‍होंने अपने प्रदर्शन से दायें हाथ के बल्‍लेबाज़ों की मुश्किलें बढ़ा दी।
कुनमन ने कहा, "यह तो बवंडर है। हर रात की तरह मैं बस अपने आप को चिकोटी काट रहा हूं। आज भी सिर्फ़ चेंजिंग रूम में बैठे हुए, बस चारों ओर देख कर स्टार्क और नेथन लायन से बात कर रह रहा हूं और सोच रहा हूं कि यह सच नहीं है। यहां तक ​​कि वहां जाकर स्टीव स्मिथ और अन्य सभी खिलाड़ियों के साथ खेलना और टीम में योगदान देना वाकई शानदार है।"
सीरीज़ में पिछड़ने के बाद ऑस्ट्रेलिया को इस खेल में लाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। वे एक सूखी पिच पर टॉस हार गए, फिर रोहित शर्मा पहली गेंद पर चूक गए, लेकिन रिव्‍यू नहीं लिया गया। रिप्ले ने दिखाया कुछ हद तक आश्चर्यजनक रूप से भारत के कप्तान भी उसी ओवर में एलबीडब्लू से बचे थे, तो स्टीव स्मिथ को यह चिंता करने के लिए माफ़ किया जा सकता था कि आगे क्‍या होने जा रहा है।
यह भी ऑस्‍ट्रेलिया के लिए शांति की बात थी कि उन्‍होंने रोहित को कुछ देर बार आउट कर दिया। मिचेल स्‍टार्क और कैमरन ग्रीन को नई गेंद से रोकते हुए उन्‍होंने छठे ओवर से ही स्पिन को दोनों एंड से गेंद थमा दी थी।
कुनमन की तीसरी गेंद रोहित के बल्‍ले के क़रीब से निकली और अगली गेंद पर वह बाउंस की वजह से स्‍लॉग स्‍वीप से चूक गए। होल्‍कर स्‍टेडियम में स्‍ट्रेट बाउंड्री छोटी हैं और इसी दिशा में आगे निकलकर शॉट खेलने के चक्‍कर में वह स्‍टंपिंग हो गए।
इसके अगले ओवर में कुनमन ने बाएं हाथ के स्पिनर की एक बेहतरीन गेंद पर शुभमन गिल को आगे निकले के लिए मजबूर किया और गेंद बल्‍ले का बाहरी किनारा लेकर पहली स्लिप में चली गई। ऐसा लगा कि हर गेंद पर विकेट के मौक़े हैं। दो गेंद बाद उन्‍होंने कोहली को लेग स्‍टंप पर गेंद की और यह टर्न के साथ बाहर निकल गई।
ऐसी पिच पर जहां पहले दिन से ही अधिक टर्न हो रही थी उन्‍होंने चीज़ों को साधारण रखा।
कुनमन ने कहा, "नेथन लायन वहां पर बेहतरीन थे। यहां तक कि कुछ विकेट के बाद भी उन्‍होंने मुझसे कहा कि बस अपनी गेंदबाज़ी के बारे में सोचते रहो, वह मेरे लिए शानदार थे। हर बार तुम्‍हें इस तरह के विकेट नहीं मिल सकते हैं जहां तुम लुत्‍फ़ ले सकते हो। जब हम ऑस्‍ट्रेलिया लौटेंगे तो वहां बहुत कुछ अलग होगा।"
इस बीच, चेतेश्वर पुजारा लायन की एक तेज़ी से टर्न लेकर अंदर आती गेंद पर चूक गए और बोल्ड हो गए। सीरीज़ में तीसरी बार टॉड मर्फ़ी द्वारा आउट होने से पहले कोहली परिस्थितियों को देखते हुए एक शानदार पारी का निर्माण कर रहे थे।
यह कुछ अजीब लगा कि 5-0-13-3 के आंकड़ों के बाद भी कुनमन को आक्रमण से हटाया गया। दायें और बायें हाथ के बल्‍लेबाज़ों को देखते हुए स्मिथ भी उसी संयोजन के साथ स्पिनरों को बदलते दिखे। वहीं जब उन्‍होंने श्रेयस अय्यर को बोल्‍ड किया था। हालांकि लंच के बाद वह वापस लौटे और आर अश्विन के रूप में अपना चौथा और उमेश यादव को प्‍लंब करके अपना पांचवां विकेट लिया।
यहां तक कि 33.2 ओवर में पारी की समाप्ति तक कुनमन ने नौ ही ओवर किए और उन्‍होंने कहा कि वह तो गेंद के पुराने होने का इंतज़ार कर रहे थे और जिस तरह से जाडेजा ने दिल्‍ली में गेंदबाज़ी की थी उसको देख रहे थे।
उन्‍होंने कहा, "मैं जाडेजा का बड़ा प्रशंसक हूं और अश्विन का भी, जिस तरह से दोनों ने पिछले कुछ सालों में गेंदबाज़ी की है। जिस तरह से जाडेजा क्रीज़ का इस्‍तेमाल करते हैं और सबसे बड़ी चीज़ जिस तरह से जाडेजा ने दिल्‍ली में गेंद के पुराने होने के बाद अपनी लेंथ को थोड़ा पीछे ख़ींंचा। यही मैं इस मैच में करना चाहता था। मैं ख़ासकर ऐसे विकेट पर जहां गेंद नीची रह रही थी, फुलर नहीं करना चाहता था।"
स्‍टंप्‍स तक जाडेजा के खु़द के भी नाम चार विकेट थे और उन्‍होंने ही ऑस्‍ट्रेलिया के सभी विकेट लिए थे। 21 रन देकर चार विकेट ने दिखाया कि इस मैच में बाएं हाथ के स्पिनर क्‍या कमाल कर सकते हैं। हालांकि ऑस्‍ट्रेलिया अभी भी अच्‍छी स्थिति में है और अगर कुछ बदलता है तो कुनमन एक बड़ी स्‍टोरी बन सकते हैं।

ऐंड्रयू मक्‍ग्‍लैशन ESPNcricinfo में डिप्‍टी एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी में सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है।