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रेटिंग्स : शेफ़ाली और दीप्ति के परफेक्ट टेन ने दिलाया भारत को फ़ाइनल का टिकट

शेफ़ाली वर्मा को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया

Deepti Sharma picked up three wickets for just seven runs off her four overs, India vs Thailand, 1st semi-final, Women's T20 Asia Cup, Sylhet, October 13, 2022

दीप्ति ने चार ओवर में तीन विकेट अपने नाम किए  •  Asian Cricket Council

एशिया कप टी20 के नॉक आउट मुक़ाबले में भारतीय टीम ने थाईलैंड पर 74 रनों की बड़ी जीत हासिल करने के साथ ही फ़ाइनल में प्रवेश पा लिया। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम अब एक और खिताबी जीत से सिर्फ़ एक कदम दूर है।
क्या सही क्या ग़लत?
इस मुक़ाबले में शुरू से लेकर अंत तक सब कुछ भारत के पक्ष में ही गया। शुरुआत में जहां भारतीय बैटरों को जीवनदान मिले तो थाईलैंड की लचर फ़ील्डिंग ने उनका काम और भी आसान कर दिया। गेंदबाज़ी में भी भारतीय टीम ने थाईलैंड को हाथ खोलने का ज़रा भी मौक़ा नहीं दिया। यही वजह रही थाईलैंड की टीम पूरे 20 ओवर खेलने के बाद भी महज़ 74 रन ही बना पाई।
इस मुक़ाबले में कोई एक घटनाक्रम जो भारतीय टीम के पक्ष में नहीं गया, वह था टीम की पारी को बड़े स्कोर तक ना पहुंचा पाना। शेफ़ाली वर्मा के आउट होने के बाद जेमिमाह रॉड्रिग्स और हरमनप्रीत कौर ने अच्छी बल्लेबाज़ी तो की लेकिन 13वें ओवर में ही 100 का आंकड़ा पार कर चुकी भारतीय टीम को थाईलैंड ने 148 पर ही रोक दिया।
रेटिंग्स (1 से 10, 10 सर्वाधिक)
शेफ़ाली वर्मा, 10 : शेफ़ाली ने 42 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर भारतीय टीम की जीत की आधारशिला तो रखी लेकिन शुरुआत में शेफ़ाली को काफ़ी संघर्ष से गुज़रना पड़ा। शेफ़ाली को सबसे पहला जीवनदान पारी के तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर कवर्स पर मिला, जिसके बाद वह एक बार रन आउट होने से भी बचीं। अगले ही ओवर की दूसरी गेंद पर समय रहते हुए स्मृति ने उन्हें दोबारा नॉन स्ट्राइकर एंड पर भेज दिया अन्यथा अगर प्वाइंट से थ्रो सही समय पर पहुंच जाता तो शेफ़ाली के खाते में इतने रन नहीं होते। बल्लेबाज़ी में शेफ़ाली को जहां जीवनदान मिले तो उन्होंने फ़ील्डिंग के दौरान भी एक जीवनदान दिया। तीसरे ओवर में उन्होंने नान्नापात कोंचारोएंकाई का कैच टपका दिया लेकिन ठीक अगली गेंद पर उनके पास स्क्वायर लेग पर दोबारा मौक़ा आया जिसे उन्होंने नहीं गंवाया। वहीं गेंदबाज़ी में भी उन्होंने अपने इकलौते ओवर में एक विकेट भी झटका। कुल मिलाकर शेफ़ाली ने है क्षेत्र में उम्दा प्रदर्शन किया, जिसके फलस्वरूप उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच भी चुना गया।
स्मृति मांधना, 6 : सलामी बल्लेबाज़ स्मृति मांधना इस मुक़ाबले में कोई खास करिश्‍मा नहीं दिखा पाईं। हालांकि उन्होंने अपनी पारी में तीन दिलकश चौके ज़रूर लगाए लेकिन पांचवे ओवर में वह बेहद ख़राब फुल टॉस गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठीं।
जेमिमाह रॉड्रिग्स,7 : इस एशिया कप में जेमिमाह चोट के बाद वापसी कर रही थीं और उन्होंने बेहद अच्छी वापसी करते हुए टूर्नामेंट में दो अर्धशतक भी लगाए। मांधना के आउट होने के बाद बल्लेबाज़ी करने आईं जेमिमाह ने पहले तो संभल कर बल्लेबाज़ी की और आक्रामक बल्लेबाज़ी कर रहीं शेफ़ाली का दूसरे छोर से साथ भी दिया। शेफ़ाली के आउट होने के बाद जेमिमाह ने गियर तो बदला लेकिन 14 वें ओवर की पांचवीं गेंद पर वह धीमी गति से गच्चा खा गईं।
हरमनप्रीत कौर, 8 : हरमनप्रीत जब बल्लेबाज़ी करने आईं तो उनके ऊपर पारी को संभालने और उसे एक नया आकार देने की ज़िम्मेदारी थी। हरमनप्रीत ने कप्तानी पारी खेलते हुए पहले जेमिमाह के साथ साझेदारी पनपाई और फिर पूजा वस्त्रकर का भी उन्हें साथ मिला। हालांकि 18वें ओवर में जब उन्होंने हाथ खोलने की कोशिश की तब मिडविकेट पर उनका कैच लपक लिया गया।
ऋचा घोष,6 : ऋचा घोष के लिए आज का दिन अच्छा नहीं रहा। बल्लेबाज़ी में भी वह संघर्ष करती दिखीं और पिच पर महज़ नौ मिनट का समय बिता कर पगबाधा हो गईं। हालांकि विकेटों के पीछे उन्होंने एक कैच ज़रूर लपका और एक स्टंप भी किया।
पूजा वस्त्रकर, 8 : पूजा ने बल्लेबाज़ी के दौरान एक छक्का लगाने के साथ साथ भारतीय टीम को 149 के स्कोर तक ले जाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने क्षेत्ररक्षण के दौरान डीप मिडविकेट में चंथाम का कैच भी लपका।
दीप्ति शर्मा, 10 : दीप्ति शर्मा भले ही बल्लेबाज़ी में कुछ ख़ास कमाल नहीं दिखा पाईं लेकिन गेंदबाज़ी में उन्हीं बोलबाला रहा। घुमावदार पिच पर कप्तान हरमन से सबसे पहला ओवर उन्हें ही थमाया और उनकी गेंदों ने पहले ओवर से ही हरकत करना शुरू कर दिया। तीसरी गेंद टर्न लेती हुई विकेटों के ऊपर से निकल तो गई ही और साथ ही विकेटकीपर ऋचा भी गेंद की उछाल से चकमा खा गईं। बहरहाल दीप्ति को अपने दूसरे और पारी के तीसरे ओवर में सफलता भी मिल ही गई और उनकी उम्दा गेंदबाज़ी ही इस बात की प्रमुख वजह रही कि कप्तान हरमन ने उनसे लगातार चार ओवर करवाए। दीप्ति ने अपने स्पेल में थाईलैंड के तीन बल्लेबाज़ों को पवेलियन की राह पकड़ाई।
स्नेह राणा, 8 : भारतीय गेंदबाज़ स्नेह को भले ही चार ओवर में सिर्फ एक सफलता मिली, लेकिन उन्होंने सटीक लेंथ पर गेंद करते हुए थाईलैंड के बैटरों को मध्य ओवरों में बांधे रखा।
राधा यादव, 7 : वैसे तो भारत के तमाम गेंदबाज़ों ने अच्छी गेंदबाज़ी की लेकिन जिस अगर एक गेंदबाज़ को सफलता नहीं मिली, तो वह थीं राधा यादव। उन्होंने अपने कोटे के चारों ओवर किए लेकिन 23 रन खर्च करने पर भी उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला। मध्य ओवरों में उन्होंने अपने लगातार दो ओवरों के बीच तीन नो बॉल भी फेंकी।
रेणुका सिंह, 8 : पावरप्ले में जो दबाव दीप्ति और राजेश्वरी ने थाईलैंड के ऊपर बनाया था उसे रेणुका ने अपनी गेंदों से ज़ाया नहीं जाने दिया। आठवें ओवर में उन्होंने अपने एक सटीक यॉर्कर पर चानिदा सुथ्थीरुआंग को क्लीन बोल्ड कर दिया।
राजेश्वरी गायकवाड़, 9 : घुमावदार पिच पर कप्तान हरमन ने दीप्ति के अलावा राजेश्वरी पर भरोसा जताया। भले ही राजेश्वरी को पावरप्ले के दौरान कोई सफलता हाथ नहीं लगी लेकिन वह थाईलैंड की बैटरों पर दबाव बनाए रखने में सफल रहीं, जिसका फ़ायदा दीप्ति को भी मिला। हालांकि राजेश्वरी ने थाईलैंड की पारी के 19वें ओवर में दो विकेट ज़रूर अपने नाम किए।

नवनीत झा ESPNcricinfo में एडिटोरियल फ्रीलांसर हैं।