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कोलकाता में दिखी 'पुराने कोहली' की झलक

वनडे सीरीज़ में ख़राब दौर के बाद पूर्व कप्तान ने की अर्धशतक के साथ वापसी

यह पारी का सिर्फ़ दूसरा ओवर ही था। इशान किशन आउट होकर पवेलियन में थे और क्रीज़ पर विराट कोहली आ रहे थे। हर बार की तरह उनसे एक बड़ी पारी की अपेक्षा थी।
वनडे सीरीज़ कोहली के लिए कुछ ख़ास नहीं गया था। तीन पारियों में वह क्रमशः 8,18 और शून्य पर आउट हुए थे। पहले टी20 में भी वह सिर्फ़ 17 रन बना पाए थे। चर्चा चल पड़ी थी कि क्या कोहली थक चुके हैं? क्या उनमें रनों की भूख ख़त्म हो चुकी है? हालांकि इसके जवाब में प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कप्तान रोहित शर्मा ने मुस्कुराते हुए कहा था कि हम इस बारे में बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं।
उन्होंने कहा था, "विराट कोहली को मोटिवेशन की ज़रूरत है? क्या बात कर रहे हो यार?" इसके बाद रोहित हंस देते हैं।
टी20 सीरीज़ से पहले जब रोहित से फिर से पूछा गया कि कोहली के ख़राब फ़ॉर्म को देखते हुए क्या कप्तान, कोच और टीम प्रबंधन उनके बारे में कुछ सोच रहा है?
रोहित ने तब कहा, "अगर आप लोग (मीडिया) चुप रहेंगे, तब सब कुछ अच्छा होगा। वह एक दशक से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं। उन्हें पता है कि कैसे दबाव झेला जाता है।"
हमे नहीं पता कि कोहली इन बातों से कितने जाने या अनजाने थे लेकिन उन्होंने दूसरी गेंद से ही अपनी कलाइयों का जादू दिखाना शुरू किया। अकील हुसैन की पैरों पर आती लेंथ गेंद को उन्होंने स्क्वायर लेग पर फ़्लिक कर दिया।
पोलार्ड ने इसके बाद लॉन्ग लेग को डीप स्क्वायर लेग पर कर दिया। तीन गेंद बाद कोहली ने हुसैन को फ़ाइन लेग से ऊपर लैप करके चार रन के लिए भेजा। कोहली फ़ील्ड के साथ खेल रहे थे।
पांचवें ओवर में वह जेसन होल्डर की एक गेंद पर आगे निकले और एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से जबरदस्त चौका लगाया। इसके बाद दिन का सबसे बेहतरीन शॉट आया जब रोमारियो शेफ़र्ड की गेंद को उन्होंने मिड ऑन के ऊपर से भेजा। इस शॉट की तुलना सोशल मीडिया पर तुरंत सचिन तेंदुलकर से की जाने लगी।
कोहली ने जब 2016 आईपीएल में 973 रन बनाए थे तब भी उन्होंने 15 गेंदों के भीतर छह चौके नहीं लगाए थे। 2012 में उन्होंने श्रीलंका दौरे पर अंतिम बार ऐसा किया था। वह अपने शॉट की प्रशंसा कर रहे थे, ख़ुद से बातें कर रहे थे, अपने साथी से भी बात कर रहे थे।
हालांकि इसके बाद उनकी पारी थोड़ी सी धीमी हुई। थोड़े ही अंतराल में दो विकेट गिरे और कोहली अब थोड़ा सा रुक कर बल्लेबाज़ी करने लगे। उन्हें मैच की परिस्थिति और अपने विकेट के मूल्य का भान था। हालांकि जब भी उन्हें ख़राब गेंदें मिली, उन्होंने उसको उचित दंड भी दिया।
ओडीन स्मिथ की एक ख़राब गेंद को वह उचित सजा नहीं दे पाए तो उन्होंने ख़ुद से ही कहा, "यार चीक्स, क्या है ये?" कोहली लगातार ख़ुद से बातें कर रहे थे।
मैच के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैं सकारात्मक सोच के साथ मैदान पर उतरा था। जब रोहित और सूर्या आउट हुए तब भी मैं उसी सोच के साथ बल्लेबाज़ी कर रहा था। मैं ख़ुश था कि मैं जिस सोच के साथ उतरा था, उसे मैदान पर लागू कर पाया।"

शशांक किशोर ESPNcricinfo में सीनियर सब एडिटर हैं, अनुवाद ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो हिंदी के दया सागर ने किया है