दिल्ली कैपिटल्स 161 पर 2 (मार्श 89, वॉर्नर नाबाद 52) ने राजस्थान रॉयल्स 160 पर 6 को (अश्विन 50, पड़िक्कल 48, साकरिया 2-23, मार्श 2-25) आठ विकेट से हराया
राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ जीत दर्ज करने के साथ ही दिल्ली कैपिटल्स अब 12 अंकों के साथ अंक तालिका में पांचवे पायदान पर पहुंच चुकी है। राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 14 अंकों के साथ क्रमशः तीसरे और चौथे पायदान पर हैं। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स को 160 रन के स्कोर पर रोकने में क़ामयाबी हासिल कर ली।
मिचेल मार्श ने दो विकेट लेने के बाद 62 गेंदों पर 89 रनों की पारी खेलते हुए चेज़ का नेतृत्व किया। इस वज़ह से
डेविड वॉर्नर को पारी में एंकर का रोल अदा करने का मौक़ा मिला।
पारी के ब्रेक के दौरान मार्श ने कहा था कि यह पिच बल्लेबाज़ी के लिए काफ़ी कठिन है। अग़र गेंदबाज़ लंबी बाउंड्री का उपयोग करते हुए गेंदबाज़ी करते हैं तो बल्लेबाज़ों को बाउंड्री निकालने में काफ़ी समस्या करनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि बल्लेबाज़ों को सिंगल और डबल निकालने पर ध्यान देना होगा। हालांकि मार्श ने ख़ुद अपनी पारी में 62 रन बाउंड्री से बानए, जिसमें सात छक्के शामिल थे।
एक तरफ़ दिल्ली ने जहां चेज़ के लिए पारंपरिक तरीका अपनाया तो वहीं राजस्थान रॉयल्स ने अपनी बल्लेबाज़ी के दौरान आर अंश्विन को नंबर तीन पर भेजकर एक प्रयोग किया। हालांकि अश्विन ने पहला अर्धशतक ज़रूर लगाया लेकिन उनके सिक्स हिटर्स संजू सैमसन और रियान पराग पारी को फ़िनिश नहीं कर पाए।
इस सीज़न 12 में से 11 टॉस हार चुकी राजस्थान रॉयल्स की छोटी बैटिंग लाइन अप का सारा भारा जॉस बटलर के ही कंधों पर है। हालांकि बटलर इस सीज़न के अपने सबसे कम स्कोर पर
चेतन साकरिया की गेंद पर आउट हो गए। साकरिया यह मुक़ाबला ख़लील अहमद के चोटिल होने की वजह से यह मुक़ाबला खेल रहे थे और उन्होंने बटलर को ज़रा भी रूम नहीं दिया। तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर बटलर को फुल लेंथ की गेंद मिली जिसे वह सीधे मिड ऑन के हाथों में खेल बैठे और सात रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट चले।
पिच पर बल्लेबाज़ी करने में कठिनाई को देखते हुए राजस्थान ने अश्विन को तीन नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए भेजा। संभवतः वह पावरप्ले में कोई जोखिम नहीं लेना चाहते थे वह भी तब जब शिमरॉन हेटमायर यह मैच नहीं खेल रहे थे। अश्विन दो बार बीच में फंस भी गए लेकिन वह बाहर निकल आए। सबसे पहले छठे ओवर में उन्होंने अक्षर पटेल को एक छक्का और एक चौका लगाया, इसके बाद उन्होंने कुलदीप यादव और साकरिया की गेंदों पर प्रहार किया।
वह इतनी लंबी बल्लेबाज़ी करने के इरादे से नहीं आए थे, लेकिन आठवें ओवर में मार्श की गेंद पर यशस्वी जायसवाल के आउट होने के बाद उन्होंने हर गेंद पर प्रहार करने का प्रयास छोड़ दिया। ऐसा इसलिए क्योंकि राजस्थान दो मैदान में दो नए बल्लेबाज़ों की मौजूदगी नहीं चाहती थी। अश्विन ने 38 गेंदों में 50 रनों की पारी खेली। जिसके बाद संजू सैमसन और पराग के सामने में 35 गेंदें बची हुई थीं।
अनरिख़ नॉर्खिये और साकरिया ने डेथ ओवर्स में दो बेहतरीन ओवर डाले जिसमें उन्होंने सैमसन और पराग को पवेलियन चलता कर दिया। सैमसन नॉर्खिये की हार्ड लेंथ जबकि पराग साकरिया की बैक ऑफ़ द हैंड स्लोअर गेंद का शिकार बन गए। चार नंबर पर बल्लेबाज़ी करने आए
देवदत्त पड़िक्कल ने 30 गेंदों में 48 रनों की पारी की बदौलत राजस्थान को गेम में बनाए रखा, लेकिन 19वें ओवर में वह भी नॉर्खिये की गेंद पर आउट हो गए। रासी वान दर दुसें और ट्रेंट बोल्ट आख़िरी दो ओवरों में सिर्फ़ 14 रन ही बना सके।
राजस्थान को इस लक्ष्य का बचाव करने के लिए एक बेहतरीन शुरुआत की दरकार थी और बोल्ट ने दूसरी ही गेंद पर श्रीकर भरत को पवेलियन भी चलता कर दिया। इसके बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने भी इस आईपीएल में अपना तीसरा मेडन ओवर डाला। बोल्ट ने मार्श के विरुद्ध एक क़रीबी लेग बिफ़ोर की ज़ोरदार अपील की जिसे अंपायर ने नकार दिया। सैमसन और बोल्ट को लगा कि गेंद पहले मार्श के बल्ले से लगी है, लेकिन रिप्ले से साफ ज़ाहिर हुआ कि गेंद पहले बल्ले पर नहीं लगी थी।
अश्विन की कैरम गेंद को मार्श ने कवर के ऊपर से सीमारेखा के पार भेज दिया। सातवें ओवर में उन्होंने कुलदीप सेन की गेंदों पर दो स्ट्रेट छक्के लगाए। वॉर्नर अभी 12 गेंदों पर 12 रन बनाकर खेल रहे थे, लेकिन मार्श तब तक 28 गेंदों में 39 के निजी स्कोर पर पहुचं चुके थे।
राजस्थान रॉयल्स के पास मैच में मौक़ा तब आया जब वॉर्नर ने युज़वेंद्र चहल की गेंद को लांग ऑफ़ की तरफ़ हवा में खेल दिया, लेकिन बटलर उस कैच को लपक नहीं पाए। इसके बाद चहल की गेंद वॉर्नर के लेग स्टंप पर जा लगी लेकिन गिल्लियां नहीं गिरीं। वॉर्नर जूझ रहे थे और मार्श आसानी से गेंदों को बाउंड्री पार पहुंचा रहे थे।
दिल्ली की पूरी पारी में सबसे अधिक आवश्यक रन रेट 9.4 तक गया, वह भी तब जब पारी में पांच ओवर बचे हुए थे। हालांकि मार्श ने अश्विन की गेंदों पर एक चौका और छक्का जड़ कर इसे और भी कम कर दिया। मार्श अपने शतक से सिर्फ़ 11 रन दूर रह गए, लेकिन ऋषभ पंत ने चार गेंदों में दो छक्के लगाकर दिल्ली को जीत तक पहुंचा दिया। वहीं वॉर्नर ने 41 गेंदों पर 52 रनों की पारी खेली।