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अजिंक्य रहाणे : मेरी बल्लेबाज़ी में कुछ भी ग़लत नहीं है

रहाणे ने सेमीफ़ाइनल के लिए मुंबई के अप्रोच के बारे में भी बताया

रहाणे इस सीज़न में सिर्फ़ एक अर्धशतक लगा पाए हैं  •  AFP/Getty Images

रहाणे इस सीज़न में सिर्फ़ एक अर्धशतक लगा पाए हैं  •  AFP/Getty Images

मुंबई के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने यह उम्मीद जताई है कि श्रेयस अय्यर शनिवार से तमिलनाडु के ख़िलाफ़ शुरु होने वाले रणजी ट्रॉफ़ी के सेमीफ़ाइनल में मुंबई के लिए बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
अय्यर और इशान किशन को हाल ही में BCCI ने केंद्रीय तौर पर अनुबंधित खिलाड़ियों की सूची से बाहर कर दिया था। अय्यर पीठ में शिकायत के चलते बड़ौदा के ख़िलाफ़ क्वार्टर फ़ाइनल नहीं खेल पाए थे लेकिन उन्होंने अब सेमीफ़ाइनल के लिए अपनी कमर कस ली है।
रहाणे ने कहा, "वह एक अनुभवी खिलाड़ी हैं और उन्होंने ज़रूरत पड़ने पर हर बार मुंबई के लिए बेहतर प्रदर्शन किया है। मुझे नहीं लगता कि उन्हें किसी तरह की सलाह की ज़रूरत है और ड्रेसिंग रूम में उनकी मौजूदगी से अन्य खिलाड़ियों को भी लाभ मिलेगा।"
हालांकि रहाणे ख़ुद भी इस सीज़न अपने बल्ले से संघर्ष करते हुए दिखाई दिए हैं और उन्होंने 12.77 की औसत और एक अर्धशतक के साथ 115 रन ही बनाए हैं। हालांकि 35 वर्षीय रहाणे इन आंकड़ों को उतना महत्व नहीं देते।
रहाणे ने कहा, "यह सिर्फ़ एक ख़राब दौर है और किसी खिलाड़ी को इसका भी सम्मान करना चाहिए। जब आप अच्छी बल्लेबाज़ी करते हैं तो निरंतरता के साथ रन भी बनाते हैं। मेरी बल्लेबाज़ी में कुछ भी ग़लत नहीं है और मैं सिर्फ़ अपने खेल का बचाव कर रहा हूं और अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन रहा हूं।"
रहाणे ने कहा कि उन्हें पुराने रंग में लौटने के लिए निर्भीकता के साथ बल्लेबाज़ी करनी चाहिए।
"मुझे सिर्फ़ मैदान में जाकर खुलकर खेलने की ज़रूरत है। एक खिलाड़ी के तौर पर आपको आत्मविश्वास से भरा होना चाहिए और किसी भी दौर का सम्मान करना चाहिए।"
रहाणे ने इस बात की पुष्टि भी की कि पृथ्वी शॉ अपनी उंगली की चोट से उबर चुके हैं और वह सेमीफ़ाइनल के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। रहाणे ने कहा कि शॉ आक्रामक शैली में खेलने में विश्वास रखते हैं और उनके अंदर रनों की भूख भी है।
शॉ ने अब तक इस सीज़न में खेले चार मैच में 64.83 की औसत से 389 रन बनाए हैं।
रहाणे ने तमिलनाडु के ख़िलाफ़ होने वाले सेमीफ़ाइनल से पहले कहा कि उनकी टीम किसी भी तरह के दबाव के बिना मैदान में उतरेगी।
"हमें सिर्फ़ अच्छा खेलना है, हम इसे सेमीफ़ाइनल के तौर पर नहीं देख रहे। अगर हम इस अप्रोच को मैदान में भी बरकरार रखने में सफल हो गए तो व्यक्तिगत तौर पर और एक टीम के रूप में हमारी मदद करेगा।"
रहाणे ने पिछले मैच में बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले तनुष कोटियान और तुषार देशपांडे की तारीफ़ करते हुए कहा, "हर कोई कड़ी मेहनत कर रहा है, विशेषकर गेंदबाज़ अपनी बल्लेबाज़ी पर भी ध्यान दे रहे हैं। अगर नंबर 8,9,10 और 11 बल्ले से भी योगदान देते हैं तो यह टीम के लिए और भी लाभदायक हो जाता है। वे नेट्स पर गेंदबाज़ी के बाद अतिरिक्त 15-20 मिनट तक बल्लेबाज़ी का अभ्यास करते हैं और इसका असर उनकी बल्लेबाज़ी पर भी दिखाई पड़ रहा है। तनुष के लिए मैं काफ़ी प्रसन्न हूं, उनके भीतर एक अच्छा ऑलराउंडर बनने की पूरी क्षमता है।"