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परिस्थितियों से तालमेल बिठाने के बाद कार्टर ने किया कमाल

विलियमसन और रहाणे को अपना आदर्श मानने वाले इस बल्लेबाज़ ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना सर्वाधिक स्कोर बनाया

जो कार्टर ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया  •  Mallikarjuna/KSCA

जो कार्टर ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया  •  Mallikarjuna/KSCA

न्यूज़ीलैंड ए के दाएं हाथ के बल्लेबाज़ जो कार्टर जब पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद नाबाद वापस लौटे थे तो उनके नाम 160 गेंदों में 45.6 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ़ 73 रन थे। इंडिया ए के मध्यम तेज़ गेंदबाज़ पिच की नमी और स्विंग का फ़ायदा उठाकर कीवी बल्लेबाज़ों को लगातार परेशान कर रहे थे। हालांकि, विकेटों के पतझड़ के बीच कार्टर ने एक छोर को संभाले रखा था और बारिश से प्रभावित दिन में न्यूज़ीलैंड ए की टीम 156 रन पर पांच विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी।
लेकिन इस अनौपचारिक टेस्ट के दूसरे दिन कीवी बल्लेबाज़ों का यह संघर्ष नदारद दिखा और उन्होंने पहली पारी में 400 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। इसकी अगुवाई कार्टर ने की और दूसरे दिन उन्होंने सिर्फ़ 135 गेंदों में 16 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 124 रन ठोक डालें। उन्होंने 305 गेंदों में 197 रन की शानदार पारी खेली और कुल 26 चौके और तीन छक्के लगाए।
दिन के खेल के बाद कार्टर ने कहा, "पहले दिन मैं परिस्थितियों से तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहा था। भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों को स्विंग मिल रही थी तो हाथ खोलना भी मुश्किल था। इसलिए कल मैंने धैर्य के साथ बल्लेबाज़ी की। आज जब पिच बल्लेबाज़ी करने के लिए अनुकूल हुई और जब मुझे ख़राब गेंदें मिलने लगी तो मैंने भी अपने हाथ खोले। मुझे रक्षात्मक और आक्रामक दोनों तरह की बल्लेबाज़ी पसंद है लेकिन मैं परिस्थितियों के अनुसार ही बल्लेबाज़ी करता हूं।"
पिच पर 472 मिनट तक टिके रहने वाले कार्टर अगर तीन रन और बना लेते तो यह उनके प्रथम श्रेणी करियर का पहला दोहरा शतक होता। लेकिन वह कुलदीप यादव की एक अंदर आती गेंद को आगे निकलकर मारने में गच्चा खा गए और स्टंप आउट हुए। इसके पहली ही गेंद पर एक आक्रामक रिवर्स स्वीप मारने के चक्कर में वह स्टंप आउट होने से बाल-बाल बचे थे। कार्टर को इस बात की निराशा तो है कि वह अपना पहला दोहरा शतक लगाने से चूक गए लेकिन उन्हें संतुष्टि है कि उनकी टीम 400 के चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंच सकी।
वह कहते हैं, "ईमानदारी से कहूं तो अभी थोड़ी सी निराशा हो रही है लेकिन जब मैं आउट हुआ, तब ऐसा नहीं था। मैं तब अपने 200 के बारे में नहीं सोच रहा था। टीम प्रंबधन ने मुझे बताया था कि मेरे पास 20 मिनट है और उसके बाद पारी घोषित हो जाएगी। उस समय स्पिन गेंदबाज़ी भी हो रही थी तो मैं टी20 अंदाज़ में खेलने की कोशिश कर रहा था ताकि अपनी टीम के लिए अधिक से अधिक रन जोड़ सकूं।"
केन विलियमसन और अजिंक्य रहाणे को अपना आदर्श मानने वाले कार्टर ने भारत आने से पहले अपनी टीम की तैयारियों के बारे में बताया। न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ अक्सर भारतीय दौरों पर स्पिन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए दिखाई देते हैं। कार्टर ने बताया कि इस दौरे पर आने से एक महीने पहले सभी खिलाड़ी क्राइस्टचर्च में इकट्ठा हुए और स्पिन गेंदबाज़ी को खेलने का लगातार अभ्यास किया।
उन्होंने कहा, "हमने क्राइस्टचर्च में अलग-अलग तरह की पिच तैयार की। कुछ पिचें बहुत अधिक टर्न लेती थीं तो कुछ पिचें धीमी रहती थीं। इन पिचों पर हम घंटों तक नेट प्रैक्टिस किया करते थे। कुलदीप यादव बाएं हाथ से रिस्ट स्पिन करते हैं तो हमने भी माइकल रिपन को ख़ूब खेला, जो कुलदीप की तरह गेंदबाज़ी करते हैं। हां, हमें आश्चर्य हुआ जब भारत सिर्फ़ एक मुख्य स्पिनर के साथ मैदान में उतरा। हमें लगा था कि कम से कम दो स्पिनर खेलेंगे, एक जो गेंद को अंदर लाए और दूसरा जो गेंद को बाहर भेजे।"
29 वर्षीय कार्टर एक समय न्यूज़ीलैंड घरेलू क्रिकेट के प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ों में से एक माने जाते थे और उन्होंने 2012 के अंडर-19 विश्व कप में ईश सोढ़ी, विल यंग और जेकब डफ़ी जैसे वर्तमान न्यूज़ीलैंड खिलाड़ियों के साथ अपने देश का प्रतिनिधित्व किया था। लेकिन उसके बाद वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनसे कहीं पिछड़ते चले गए। उन्हें इसकी निराशा तो है लेकिन अब भी उम्मीद है कि न्यूज़ीलैंड ए टीम में अच्छा प्रदर्शन करके वह राष्ट्रीय टीम तक पहुंच सकते हैं।
उन्होंने कहा, "जब आप न्यूज़ीलैंड ए के लिए खेलते हैं तो एक निगाह आपकी राष्ट्रीय टीम की तरफ़ भी रहती है। लेकिन मैं इतना नहीं सोच रहा हूं। मैं भारत में कभी नहीं खेला हूं तो उसका भी अनुभव मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हां, मैं न्यूज़ीलैंड टीम में अब तक जगह नहीं बना पाया इसकी निराशा तो है लेकिन यह मेरी यात्रा है और फ़िलहाल मैं अपने क्रिकेट का आनंद लेने की कोशिश कर रहा हूं।"

दया सागर ESPNcricinfo हिंदी में सब एडिटर हैं @dayasagar95