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रेटिंग्स : हार्दिक रहे 10 नंबरी, अद्भुत अक्षर चमके

ऑस्ट्रेलिया से मिली हार में डेथ गेंदबाज़ों ने किया निराश

एशिया कप की निराशा के बाद टी20 विश्व कप की तैयारियों में भारत की शुरुआत कुछ खास नहीं रही और ऑस्ट्रेलिया ने 209 रनों के लक्ष्य को हासिल करते हुए मेज़बान टीम को मोहाली में हार का स्वाद चखाया। मेज़बान टीम कई मौक़ों पर मैच में आगे थी लेकिन बल्लेबाज़ी के लिए अनुकूल परिस्थितियों में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों ने संयम और ताक़त दोनों का परिचय दिया और सीरीज़ में 1-0 की बढ़त ली। इस हार में भारतीय खिलाड़ियों को 10 में से कितने अंक मिले? इसका जबाव आपको यहां मिल जाएगा।

क्या सही और क्या ग़लत?


इस बार हम शुरुआत ग़लत पहलुओं से करते हैं। एक चीज़ जो इस टीम की चिंता का विषय बनती जा रही है, वह है डेथ ओवरों में गेंदबाज़ी। अंतिम पांच ओवरों में भारतीय गेंदबाज़ 61 रनों का बचाव नहीं कर पाए और अनुभवी भुवनेश्वर कुमार के साथ-साथ टीम में वापसी कर रहे डेथ ओवर विशेषज्ञ हर्षल पटेल ने रन खाए और मैच भारत के हाथ से फिसल गया।
अगर कुछ अच्छा रहा तो वह केएल राहुल का फ़ॉर्म में वापस आना और वह भी अच्छे स्ट्राइक रेट के साथ। दूसरे छोर पर दो शुरुआती विकेट गंवाने के बावजूद राहुल ने आक्रामक रवैया अपनाया और तूफ़ानी पारी खेली। अक्षर पटेल की गेंदबाज़ी अद्भुत रही।

प्लेयर रेटिंग्स (1 से 10, 10 सर्वाधिक)


रोहित शर्मा, 6.5 : रोहित का स्कोर आपको ज़रूर बताएगा कि उन्होंने 11 रन बनाए। हालांकि इस पारी में उनके दो शॉट की क्लास या फिर उन्हें मिले जीवनदान का कोई उल्लेख नहीं होगा। भारतीय कप्तान अच्छी लय में नज़र आ रहे थे लेकिन आक्रामक होने के प्रयास में वह जल्दी आउट हुए। इसके अलावा कप्तान ने दो मौक़ों पर सही रिव्यू लिया जिसका टीम को लाभ भी हुआ लेकिन एक बार टीम ने पगबाधा की अपील तक नहीं की।
केएल राहुल, 9 : ख़राब स्ट्राइक रेट के लिए हो रही आलोचनाओं को पीछे छोड़ते हुए राहुल ने बढ़िया बल्लेबाज़ी की। कमाल के शॉट खेलते हुए उन्होंने दर्शाया कि क्यों उन्हें इस टीम में एक महत्वपूर्ण सदस्य माना जाता है। सूर्यकुमार के साथ हुई उनकी साझेदारी टीम के बड़े स्कोर की नींव रखने में काफ़ी अहम थी।
विराट कोहली, 5 : पिछले मैच में शतक के बाद सभी को उम्मीद थी कि कोहली उस लय को बरक़रार रखेंगे। हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें पारी की शुरुआत में गति नहीं दी और फिर वह शॉट खेलने के चक्कर में आउट हुए। उनकी गाड़ी पहले गियर में भी नहीं जा पाई। फ़ील्डिंग में उन्होंने जमकर मेहनत की और टीम के लिए रन बचाए।
सूर्यकुमार यादव, 8 : सूर्यकुमार ने वही किया जिसके लिए वह जाने जाते हैं। मैदान के चारों तरफ़ शॉट लगाते हुए उन्होंने मध्य क्रम में वह तेज़ी प्रदान की जिसकी टीम को आवश्यकता थी। 184 के स्ट्राइक रेट वाली उनकी पारी में चार शानदार छक्के शामिल थे।
हार्दिक पंड्या, 10 : मेरा बस चले तो मैं हार्दिक को 10 में से 11 नंबर दे दूं। बल्ले के साथ 30 गेंदों पर नाबाद 71 रन और गेंद के साथ दो ओवर। और क्या ही मांग सकते हैं आप अपने ऑलराउंडर खिलाड़ी से? हार्दिक की ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी ने भारत को 200 के पार पहुंचाया।
दिनेश कार्तिक, 5.5 : एशिया कप में केवल एक गेंद खेलने के बाद कार्तिक की एकादश में वापसी हुई। हालांकि टीम ने आज फिर अक्षर को उनसे आगे भेजा और यह बात हज़म नहीं हुई। ख़ैर कार्तिक ने ज़्यादा प्रभाव नहीं डाला लेकिन अच्छी विकेटकीपिंग उन्हें अतिरिक्त आधा अंक दिला गई।
अक्षर पटेल, 9.5 : हार्दिक के बाद अक्षर ही हैं जिन्हें 10 में से पूरे 10 अंक मिलने चाहिए थे। बल्ले के साथ तो वह चल नहीं पाए लेकिन वह इकलौते गेंदबाज़ थे जिन्होंने भारत को इस मैच में बनाए रखा। सवा चार की इकॉनमी से रन देते हुए उन्होंने तीन विकेट निकाले। फ़ील्डिंग में छोड़ा गया एक कैच उनका आधा नंबर अपने साथ ले गया।
हर्षल पटेल, 6 : चोट से ठीक होने के बाद टीम में वापसी कर रहे हर्षल के लिए यह मैच भूलने लायक था। पहले दो ओवरों में महंगे साबित होने के बाद उन्होंने अपने तीसरे ओवर में केवल छह रन दिए। हालांकि अंतिम ओवर में उनका 22 रन खाना टीम की हार का एक कारण बना। वह इस टीम के डेथ ओवर विशेषज्ञ हैं और टीम को उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
भुवनेश्वर कुमार, 5 : ना तो भुवनेश्वर ने पावरप्ले में विकेट दिलाए और ना ही डेथ में रन बचाए। विशेषकर डेथ ओवरों में उनकी गेंदबाज़ी कारगर साबित नहीं हुई है और हर्षल के ओवर के बाद बाक़ी रह गई कसर को भुवनेश्वर ने पूरा कर दिया। वह अब भी नई गेंद के साथ एक घातक गेंदबाज़ हैं और ऐसे दिन जितने कम आएंगे उतना बेहतर होगा। पहली ही गेंद पर विकेटकीपर को स्टंप्स पर रखना पता नहीं उनका फ़ैसला था या टीम प्रबंधन का। फ़िंच को अंदर आती गेंद से दिक़्क़त है और भुवनेश्वर इसके माहिर। ऐसे में लगा कि भारत ने फ़िंच को क्रीज़ पर आने से पहले ही एक जीवनदान दे दिया।
उमेश यादव, 7 : 2019 के बाद अपना पहला टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल रहे उमेश ने दो विकेट झटके। इन दो विकेटों ने मध्य क्रम में टीम की वापसी करवाई। उन्होंने दो ओवरों में 27 रन भी दिए जो चिंता का विषय रहा।
युज़वेंद्र चहल, 6.5 : आज चहल का दिन नहीं था। वह अपनी फिरकी अथवा गति में मिश्रण से बल्लेबाज़ों को परेशान नहीं कर पाए। इस टीम को मध्य ओवरों में विकेटों की तलाश होती है और चहल उसे पूरा करते हैं। इस मैच में वह विफल रहे और अंतिम ओवर में डेविड के रूप में उन्हें एक विकेट मिला।

अफ़्ज़ल जिवानी (@jiwani_afzal) ESPNcricinfo हिंदी में सब एडिटर हैं।