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जॉनसन : टी20 विश्व कप के लिए सिर्फ़ चार तेज़ गेंदबाज़ चुनकर भारत ने बड़ा जोखिम लिया है

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाज़ का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचों पर दल में एक और तेज़ गेंदबाज़ होना चाहिए

Mitchell Johnson marks his run-up length before the match, Renegades v Scorchers, Big Bash League, Melbourne, December 29, 2016

जॉनसन का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया को सीमित ओवर कप्तान के लिए कुछ नए चेहरों को देखना चाहिए  •  Getty Images

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ मिचेल जॉनसन का मानना है कि टी20 विश्व कप के लिए भारत ने सिर्फ़ चार तेज़ गेंदबाज़ चुनकर जोखिम भरा काम किया है और ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी तेज़ पिचों पर उन्हें एक पेसर की कमी हो सकती है।
लेजेंड्स लीग क्रिकेट (एलएलसी) में भाग लेने भारत आए जॉनसन ने कहा, "शायद भारत दो स्पिनर, एक तेज़ गेंदबाज़ी ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और दो प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ों के साथ उतरना चाह रहा है, इसलिए उन्होंने अपने दल में एक तेज़ गेंदबाज़ कम रखा है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में आपको कम से कम तीन तेज़ गेंदबाज़ों के साथ उतारना चाहिए, वहीं अगर पर्थ जैसी पिच हो तो यह संख्या चार भी हो सकती है। हालांकि भारत की अपनी योजना हो सकती है लेकिन मुझे लगता है कि दल में सिर्फ़ चार तेज़ गेंदबाज़ रखना जोखिम भरा है।"
भारतीय टीम ने अपने विश्व कप दल की घोषणा करते हुए जसप्रीत बुमराह, हर्षल पटेल, भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह को जगह दी थी, वहीं अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी को रिज़र्व के रूप में रखा गया है। इन गेंदबाज़ों में सिर्फ़ बुमराह ही ऐसे हैं, जो लगातार 140 की गति से गेंदबाज़ी कर सकते हैं।
हालांकि जॉनसन का मानना है कि गति से कुछ ज़्यादा प्रभाव नहीं पड़ता है। वह कहते हैं, "यह हास्यास्पद है। अगर कोई गेंदबाज़ 145 की गति से गेंदबाज़ी करता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि सभी को ऐसा करना चाहिए। आपको टीम में ऐसे खिलाड़ियों की ज़रूरत होती है, जो एक दूसरे के पूरक हों और साथ मिलकर टीम के लिए योगदान करें।"
उन्होंने 2013-14 ऐशेज़ सीरीज़ से मध्यम गति के गेंदबाज़ों पीटर सिडल और रायन हैरिस का उदाहरण दिया, जिनकी गति जॉनसन जितनी नहीं थी, लेकिन तीनों ने मिलकर ऑस्ट्रेलिया के लिए ऐशेज़ जीती थी। "ऑस्ट्रेलिया में अगर आप पिच की उछाल और गति से संतुलन बनाकर अपनी लेंथ तय कर ले रहे हो तो आप वहां सफल हो सकते हैं," वह आगे कहते हैं।
ऑस्ट्रेलिया के नए सीमित ओवर कप्तान पर भी अपनी राय देते हुए जॉनसन ने कहा कि फ़िंच के जाने के बाद कोई भी हो लेकिन अगला कप्तान डेविड वॉर्नर या स्टीव स्मिथ को नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पुरानी बातें फिर से खुलेंगी और लोगों को एक और विवाद मिल जाएगा। गौरतलब है कि सैंड पेपरगेट के बाद स्मिथ को कप्तान और वॉर्नर को उपकप्तान के पद से हटा दिया गया था। जॉनसन का मानना है कि चयनकर्ताओं को भविष्य को देखते हुए ग्लेन मैक्सवेल, कैमरन ग्रीन या मिचेल मार्श को कप्तान बनाना चाहिए।