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गुनातिलका, डिकवेला और मेंडिस पर लगा प्रतिबंध हटा

इंग्लैंड दौरे पर बायो-बबल नियमों का उल्लंघन करने के बाद मिली थी सज़ा

निरोशन डिकवेला, दनुष्का गुनातिलका और कुसल मेंडिस ने पिछले महीने एलपीएल में हिस्सा लिया था  •  AFP/Getty Images

निरोशन डिकवेला, दनुष्का गुनातिलका और कुसल मेंडिस ने पिछले महीने एलपीएल में हिस्सा लिया था  •  AFP/Getty Images

श्रीलंका क्रिकेट से अनुरोध करने के बाद दनुष्का गुनातिलका, कुसल मेंडिस और निरोशन डिकवेला की तिकड़ी के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने पर लगाए गए एक वर्ष के प्रतिबंध को छह महीने बाद ही हटा दिया गया है। इससे पहले उनके घरेलू क्रिकेट खेलने पर लगे छह महीने के प्रतिबंध को हटाकर उन्हें दिसंबर में लंका प्रीमियर लीग (एलपीएल) में खेलने की अनुमति दी गई थी। साथ ही पिछले कुछ महीनों में उन्हें परामर्श (काउंसेलिंग) से गुज़रना पड़ा है।
एसएलसी ने एक बयान जारी करते हुए कहा, "यह नवीनतम निर्णय एलपीएल 2021 के समापन के बाद उन तीनों खिलाड़ियों द्वारा उन पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने के अनुरोध के बाद लिया गया है। इस अनुरोध के बाद श्रीलंका क्रिकेट ने निलंबन के दौरान खिलाड़ियों को परामर्श प्रदान करने के लिए नियुक्त किए गए डॉक्टर से एक रिपोर्ट प्राप्त की।"
इस निर्णय के बाद यह तीनों खिलाड़ी घरेलू प्रतियोगिताओं के साथ-साथ राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए उपलब्ध होंगे।
एसएलसी ने यह भी कहा कि अगर यह खिलाड़ी अगले दो वर्षों में किसी भी प्रकार का अनुशासनात्मक उल्लंघन करते हैं तो लगभग छह महीनों का शेष निलंबन लागू हो जाएगा। रिलीज़ में आगे कहा गया, "हटाया गया निलंबन दो वर्षों की अवधि के लिए निलंबित रहेगा। इस दौरान एसएलसी तीनों खिलाड़ियों के आचरण पर बारीक़ी से नज़र रखेगी।"
पिछले साल श्रीलंका के इंग्लैंड दौरे पर बायो-बबल नियमों का उल्लंघन करने के बाद इस तिकड़ी पर श्रीलंका क्रिकेट ने यह प्रतिबंध लगाया था। इस प्रतिबंध के कारण वह टी20 विश्व कप में हिस्सा नहीं ले पाए जहां पथुम निसंका और चरिथ असलंका जैसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों ने अपनी छाप छोड़ी।
एलपीएल से क्रिकेट में उनकी वापसी पर तीनों खिलाड़ियों को सफलता मिली। डिकवेला ने टूर्नामेंट की शुरुआत में विस्फोटक पारियां खेली लेकिन जैसे जैसे खेल आगे बढ़ता गया, उनका बल्ला शांत हो गया। गुनातिलका 2020 के पहले संस्करण में किए गए प्रदर्शन को दोहरा नहीं सके। हालांकि पिछले महीने खेल गए फ़ाइनल मुक़ाबले में जूझारू प्रदर्शन करते हुए उन्होंने अपनी क्षमता का परिचय दिया। वहीं मेंडिस ने 148.63 के स्ट्राइक रेट से 327 रन बनाए और टूर्नामेंट के शीर्ष रन स्कोरर बने।
रिलीज़ में आगे कहा गया, "तदनुसार, तीनों खिलाड़ी तत्काल प्रभाव से घरेलू क्रिकेट खेलने में सक्षम होंगे और अनिवार्य फ़िटनेस मानकों के अनुपालन के अधीन राष्ट्रीय टीम के चयन के लिए भी उपलब्ध होंगे।"
जहां डिकवेला और मेंडिस दोनों लाल और सफ़ेद गेंद की क्रिकेट में चयन के लिए उपलब्ध होंगे, वहीं गुनातिलका केवल सीमित ओवरों के अंतर्राष्ट्रीय मैचों के लिए उपलब्ध रहेंगे। 30 वर्षीय गुनातिलका ने एसएलसी को टेस्ट क्रिकेट से अपने संन्यास की जानकारी दी है। उन्होंने 2018 के बाद से टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला और आठ टेस्ट मैचों में 299 रन बनाए। इसी सप्ताह एक और श्रीलंकाई खिलाड़ी भानुका राजापक्षा ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा है।
16 जनवरी से श्रीलंका को घर पर ज़िम्बाब्वे के विरुद्ध तीन वनडे मैचों की सीरीज़ खेलनी है। यह सभी मैच आईसीसी विश्व कप सुपर लीग का हिस्सा होंगे।

अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर अफ़्ज़ल जिवानी ने किया है।