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कोहली जैसे लीडर और बल्लेबाज़ की टीम को हमेशा ज़रूरत : रोहित

'कप्तान का काम मैदान के अंदर से अधिक मैदान के बाहर का होता है'

'मैदान पर कप्तान का काम खिलाड़ियों के साथ कंधा मिलाकर चलना है'  •  BCCI

'मैदान पर कप्तान का काम खिलाड़ियों के साथ कंधा मिलाकर चलना है'  •  BCCI

भारत के सफ़ेद गेंद के नए कप्तान रोहित शर्मा ने कहा है कि टीम को विराट कोहली की क्षमता और नेतृत्व वाले खिलाड़ी की हमेशा ज़रूरत रहेगी। उन्होंने कहा कि मैदान पर कप्तान का काम सिर्फ़ 20 प्रतिशत ही होता है, बाक़ी 80 प्रतिशत काम मैदान से बाहर का होता है, जब योजनाएं बनती हैं।
उन्होंने कहा, "टीम को हमेशा से विराट जैसे बल्लेबाज़ की ज़रूरत होती है। टी20 में उनकी औसत 50 से अधिक है, जो कि आश्चर्यजनक है। उन्होंने अपनी बल्लेबाज़ी, अनुभव और कप्तानी से कई बार टीम को मुश्किलों से निकाला है।"
रोहित के मुताबिक़ एक कप्तान उतना ही अच्छा होता है, जितनी अच्छी उसकी टीम होती है। उन्होंने कहा, "कप्तान का काम यह सुनिश्चित करना होता है कि मैदान पर सही संयोजन के खिलाड़ी उतरे और बनाई गई रणनीति का पालन करे। जब कोई खिलाड़ी एकदम से ख़राब प्रदर्शन कर रहा हो तब जाकर उससे बात करे, नहीं तो वह टीम के अन्य खिलाड़ियों की ही तरह टीम के साथ कंधे से कंधा मिलाए। हां, जब ख़ुद के प्रदर्शन की बात हो तो वह आगे आकर प्रदर्शन करे।"
उन्होंने आगे कहा, "मेरी भूमिका मैदान के अंदर से अधिक मैदान के बाहर की होगी। मैदान पर एक पारी के दौरान आपके पास मुश्किल से तीन-साढ़े तीन घंटे का समय होता है और उस दौरान आप शायद ही कोई बड़ा बदलाव कर सकते हैं।"
आईसीसी टूर्नामेंटों में टीम इंडिया की रणनीति के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "हम हाल के कुछ आईसीसी इवेंट में इसलिए हारे क्योंकि हमारी ख़राब शुरुआत हुई। इसलिए अब नंबर चार से छह तक के बल्लेबाज़ों को भी ज़िम्मेदारी लेनी होगी और उन्हें उसी हिसाब से तैयारी करनी होगी। ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि आप 10 रन पर तीन विकेट खोने के बाद 190 का स्कोर नहीं कर सकते। हमारे पास आगामी टी20 विश्व कप से पहले ठीक-ठाक सीमित ओवर के मैच हैं, इस दौरान हम अपनी इस कमी पर काम करेंगे।"
उन्होंने कहा कि ऐसा पिछले कुछ आईसीसी टूर्नामेंट में दो से तीन बार हो चुका है कि जब हमने जल्दी विकेट गंवा दिए हैं और फिर पूरी टीम लड़खड़ा गई है, लेकिन चौथी बार भी ऐसा हो यह ज़रूरी नहीं है।