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भारतीय टेस्ट टीम में चयन की दावेदारी के लिए सरफ़राज़ को और क्या करना चाहिए?

पिछले तीन सीज़न से सरफ़राज़ का प्रथम श्रेणी औसत 100 से ऊपर का है

Sarfaraz Khan gestures after his hundred, Delhi vs Mumbai, Delhi, 1st day, Ranji Trophy 2022-23, January 17, 2023

सरफ़राज़ ख़ान मुंबई के लिए नंबर पांच पर बल्लेबाज़ी करते हैं  •  PTI

जब भारतीय टेस्ट टीम का वेस्टइंडीज़ दौरे के लिए चयन हुआ तो सबसे बड़ा सवाल उठा कि सरफ़राज़ ख़ान का चयन टीम में क्यों नहीं हुआ? पूर्व टेस्ट कप्तान सुनील गावस्कर ने सवाल उठाया कि क्या पिछले तीन सीज़न में प्रथम श्रेणी में 100 के औसत के बावज़ूद सरफ़राज़ चयन के लिए उपयुक्त नहीं हैं, उनको और क्या करना चाहिए? 2020 से सरफ़राज़ का प्रथम श्रेणी औसत 106.07 का है।
सरफ़राज़ के 3505 रन में से 3348 रन नंबर पांच पर आए हैं। 2006 से भारत के लिए 54 टेस्ट बल्लेबाज़ डेब्यू किए हैं और उनमें से सिर्फ़ करूण नायर ऐसे बल्लेबाज़ हैं, जो नंबर पांच या उससे नीचे बल्लेबाज़ी करते थे। भारतीय टीम में डेब्यू से पहले वह नंबर चार पर बल्लेबाज़ी करने लगे थे।
इसका मतलब यह है कि घरेलू क्रिकेट में नंबर पांच या उससे नीचे प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाज़ भारत के लिए विशेषज्ञ बल्लेबाज़ नहीं बन पाए हैं। सरफ़राज़ के अलावा इस सूची में मनीष पांडे (औसत 65) और अंबाती रायुडू (औसत 60) का भी नाम आता है। रवींद्र जाडेजा, ऋषभ पंत, ऋद्धिमान साहा और अक्षर पटेल ऐसे कुछ नाम हैं, लेकिन ये ऑलराउंडर्स या विकेटकीपर हैं।
साधारणतया यह माना जाता है कि अगर आप शीर्ष चार में बल्लेबाज़ी नहीं करते हैं तो आप अपनी घरेलू टीम के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ों में से एक नहीं हैं। आप नई गेंद का सामना नहीं करते हैं और आप जब बल्लेबाज़ी करने आते हैं, तब तक गेंदबाज़ थक जाते हैं। रणजी टीमों के गेंदबाज़ी क्रम में वो गहराई नहीं होती है कि आप बल्लेबाज़ों को अपने आक्रमण से चुनौती दे सकें।
भारत के लिए लंबे टेस्ट करियर वाले विशेषज्ञ बल्लेबाज़ शीर्ष चार में खेले हैं। 36 खिलाड़ियों ने शीर्ष सात में खेलते हुए भारत के लिए 2000 से अधिक रन बनाया है। इसमें तीन विकेटकीपर और चार ऑलराउंडर हैं। बाक़ी बचे 29 बल्लेबाज़ों में से सिर्फ़ एक ही बल्लेबाज़ ऐसा है, जो घरेलू क्रिकेट में नंबर चार से नीचे बल्लेबाज़ी करता था। उनका नाम मंसूर अली ख़ान पटौदी है, जो इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते थे।
अमोल मज़ूमदार ऐसा एक नाम है, जिनके नाम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ढेरो रन है, लेकिन वह कभी भी भारत के लिए नहीं खेल पाए। वह मुंबई के लिए अक्सर सचिन तेंदुलकर, संजय मांजरेकर और विनोद कांबली के बाद नंबर चार से नीचे आते थे।
सरफ़राज़ के मामले में भी ऐसा है कि उन्हें कई बार यशस्वी जायसवाल, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव और आजिंक्य रहाणे के बाद बल्लेबाज़ी करने के लिए आना पड़ता है। हालांकि हालिया कुछ सालों में ये नाम अब भारत की ड्यूटी पर अलग रहते हैं, तो सरफ़राज़ के लिए शीर्ष चार में जगह बनाने का प्रबल मौक़ा है।
हम यह नहीं कह रहे हैं कि सरफ़राज़ अच्छे बल्लेबाज़ नहीं हैं या उन्होंने नई गेंद या आक्रामक गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है, बल्कि उन्हें इनके ख़िलाफ़ अपना हुनर दिखाने का काफ़ी कम मौक़ा मिला है।
भारत में चयन एक क्रूर प्रक्रिया है। भारत में इतनी बल्लेबाज़ी प्रतिभा है कि आपको चयन के लिए कुछ अतिरिक्त करना पड़ता है। हमें नहीं पता कि सरफ़राज़ को चयनकर्ताओं से कुछ फ़ीडबैक मिला है या नहीं, लेकिन शायद गावस्कर के सवाल का यही जवाब है कि उन्हें घरेलू क्रिकेट में और ऊपर बल्लेबाज़ी के लिए आना चाहिए।

सिद्धार्थ मोंगा ESPNcricinfo में असिस्टेंट ए़़डिटर हैं