पूर्व भारतीय दिग्गज़ बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि मुंबई में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ चल रहे टेस्ट के पहले दो दिनों में मयंक अग्रवाल ने शतक तक पहुंचने के लिए पहले क्रीज़ पर सेट होने के लिए समय बिताया और फिर अच्छी गेंदों के ख़िलाफ़ भी रन बनाए। यही उनके पारी का हॉलमार्क था।

तेंदुलकर ने एक और सलामी बल्लेबाज़ शुभमन गिल से भी काफ़ी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि इस युवा खिलाड़ी के पास टेस्ट में किसी भी स्थान पर बल्लेबाज़ी करने के लिए आवश्यक तकनीक और स्वभाव है, लेकिन उन्हें अच्छी शुरुआत को बड़ी पारियों में बदलने की ज़रूरत है।

पिच में नमी थी। मयंक ने पहले अपनी पारी में थोड़ा समय लिया और एक बार जब वह जम गए तो स्पिनर्स के ख़िलाफ़ दबाव बनाते हुए, उन्होंने काफ़ी रन बटोरे। मयंक की पारी की असली पहचान यही थी कि उन्होंने अच्छी गेंदो को भी कई बार सीमा रेखा के बाहर पहुंचाया और रन बटोरे। जब एक गेंदबाज़ जानता है कि एक बल्लेबाज़ उनकी अच्छी गेंदों पर भी रन बना सकता है, तो उसमें संदेह का एक तत्व रहता है। ये सभी चीजें गेंदबाज़ के लय को बिगाड़ने का काम करता है।"

गिल ने कानपुर टेस्ट में 52 और एक का स्कोर बनाया था और उन्हें दोनों पारियों में काइल जेमीसन ने बोल्ड किया था। मुंबई में भी पहली पारी में उन्होंने 44 का स्कोर बनाया और एजाज़ पटेल का शिकार बने। एजाज़ ने आज इतिहास बनाते हुए एक पारी में 10 विकेट लिया।

तेंदुलकर ने कहा, "जब तकनीक की बात आती है, तो अलग-अलग पिचें आपको अलग तरह से परखती हैं। मुझे लगता है कि शुभमन को एक फायदा है क्योंकि उन्होंने ब्रिस्बेन में एक बहुत ही महत्वपूर्ण पारी (91 रन) खेली थी, जहां हमने टेस्ट मैच जीता था। उसे कठिन और उछाल भरी पिचों पर खेलने का अनुभव है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि उनकी बल्लेबाज़ी में कोई तकनीकी समस्या है।"

तेंदुलकर ने समझाया, "जब वह [ऑस्ट्रेलिया में] नई गेंद खेल रहा था, मुझे लगता है कि वह गेंद की लाइन के पीछे था और जब गेंद पुरानी हो गई, तो वह थोड़ा सा लाइन के बगल में था क्योंकि उसे पता चला था कि गेंद कितनी स्विंग कर रही थी और मैदान कैसे सेट किया गया है।"

"उसी के अनुसार आप तय करते हैं कि आपको ऑन-साइड में खेलने के लिए लाइन के पीछे रहने की आवश्यकता है या लाइन के बगल में रहने और ऑफ़ साइड पर हिट करने की आवश्यकता है।" हालांकि, तेंदुलकर चाहते हैं कि गिल अपनी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील करें।

उन्होंने कहा, "शुभमन ने अच्छी शुरुआत की है और उन्होंने दिखाया है कि उनसे एक बेहतरीन बल्लेबाज़ बनने उम्मीद की जा सकती है। बस उसे आगे जाकर उन 40-50 के स्कोर को बड़े स्कोर में बदलने की ज़रूरत है।"