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प्लेऑफ़ की सांप सीढ़ी : क्यों मुंबई को छोड़कर सबका सपना ज़िंदा है

लखनऊ बनाम गुजरात के विजेता का टिकट है पक्का लेकिन श्रेयस और धोनी की उम्मीदों को नहीं मिला है अंतिम धक्का

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आरसीबी 14 अंक के साथ क्वालीफाई भी कर सकती है, या 16 अंक के साथ वह नॉकआउट भी हो सकती है  •  BCCI

लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस के मंगलवार को मुक़ाबले के बाद हमें आईपीएल 2022 प्लेऑफ़ की पहली टीम का नाम पता चल जाएगा। अब तक हुए 56 लीग मैचों के आधार पर सिर्फ़ मुंबई इंडियंस के प्लेऑफ़ के सपने चकनाचूर हुए हैं। आप की पसंदीदा टीम को प्लेऑफ़ में जगह बनाने के लिए क्या करना होगा? जानने के लिए पढ़ते रहिए।
लखनऊ सुपर जायंट्स: मैच 11, अंक 16, नेट रन रेट 0.703
बाक़ी मुक़ाबले: गुजरात, राजस्थान, कोलकाता के विरुद्ध
लखनऊ ने ना सिर्फ़ पिछले चार मैच जीतकर अंक तालिका के शीर्ष स्थान पर सिक्का जमा लिया है बल्कि 0.703 का उनका नेट रन रेट भी इस सीज़न सभी टीमों में श्रेष्ठ है। एक और जीत उनके लिए प्लेऑफ़ में जगह सुनिश्चित तो कर ही देगी लेकिन उनमें टॉप के दो स्थान में फ़िनिश करने की चाह भी होगी। फ़िलहाल गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स दोनों के पास 18 से अधिक अंक हासिल करने का मौक़ा है।
अगर लखनऊ यहां से एक भी मैच नहीं जीतती तो ऐसा हो सकता है पांच और टीमें 16 अंकों पर ख़त्म करें। एक अच्छे नेट रन रेट के बावजूद यह स्थिति लखनऊ के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।
गुजरात टाइटंस: मैच 11, अंक 16, नेट रन रेट 0.120
बाक़ी मुक़ाबले: लखनऊ, चेन्नई, बेंगलुरु के विरुद्ध
दो लगातार हार के चलते गुजरात भले ही अंक तालिका में दूसरे स्थान पर आ गएं हों लेकिन लखनऊ की ही तरह अपने डेब्यू सीज़न में अंतिम चार का हिस्सा होने के लिए उन्हें केवल एक जीत की ज़रूरत है।
हालांकि अगर उनके लिए हार का सिलसिला तीन और मैच तक बढ़ जाता है तो यह संभावना है कि छह टीमें 16 अंकों पर पहुंच जाएं और क्वालिफ़ाई होने का सवाल फिर से नेट रन रेट पर आकर अटक जाए।
राजस्थान रॉयल्स: मैच 11, अंक 14, नेट रन रेट 0.326
बाक़ी मुक़ाबले: दिल्ली, लखनऊ, चेन्नई के विरुद्ध
फ़िलहाल राजस्थान को प्लेऑफ़ में पहुंचने के लिए दो मैच जीतने होंगे हालांकि ऐसा भी हो सकता है कि एक मैच जीतने से भी उनके लिए बात बन जाए। उनका नेट रन रेट है 0.326 जो कि लखनऊ के बाद किसी भी टीम का सर्वाधिक है हालांकि इन आंकड़ों में भी आने वाले दो सप्ताह में काफ़ी उतार चढ़ाव हो सकते हैं।
वैसे राजस्थान ऐसे स्थान पर है कि अगर वह अपने तीनों मैच हारें तो भी वह नेट रन रेट के आधार पर चौथे टीम के रूप में प्लेऑफ़ में होंगे। ऐसा होने के लिए उनके पक्ष में कई नतीजों को जाना होगा।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: मैच 12, अंक 14, नेट रन रेट -0.115
बाक़ी मुक़ाबले: पंजाब और गुजरात के विरुद्ध
अंकों के मामले में बेंगलुरु का हाल राजस्थान जैसा भले हो लेकिन उल्लेखनीय बात यह है कि इस टीम ने एक अतिरिक्त मैच खेला है और उनका नेट रन रेट भी काफ़ी ख़राब है। फलस्वरूप उनके पास ग़लती की गुंजाइश और भी कम है। लीग के इस आख़िरी चरण में भी ऐसी संभावनाएं बनी हुई हैं कि बेंगलूरु 16 अंकों पर भी आगे नहीं पढ़ पाएं और वहीं 14 प्वाइंट के साथ भी उनका काम बन जाए। ऐसे में सुरक्षित होने के लिए उनके लिए दोनों मैच जीतकर 18 अंकों तक पहुंचना अच्छा होगा।
दिल्ली कैपिटल्स: मैच 11, अंक 10, नेट रन रेट 0.150
बाक़ी मुक़ाबले: राजस्थान, पंजाब, मुंबई के विरुद्ध
सनराइज़र्स हैदराबाद: मैच 11, अंक 10, नेट रन रेट -0.031
बाक़ी मुक़ाबले: कोलकाता, मुंबई, पंजाब के विरुद्ध
पंजाब किंग्स: मैच 11, अंक 10, नेट रन रेट -0.231
बाक़ी मुक़ाबले: बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद के विरुद्ध
तीनों टीमों ने 11 मैचों में 10 अंक अर्जित किए हैं और आगे बढ़ने के लिए तीनों को अपने सारे बचे मुक़ाबले जीतने पड़ सकते हैं हालांकि ऐसे में भी नेट रन रेट का प्रश्न निर्णायक बन सकता है। अगर किसी टीम ने तीन में दो मैच भी जीते तो भी क्वालिफ़िकेशन असंभव नहीं है लेकिन उसके लिए राजस्थान और बेंगलुरु को अपने सारे मैच हारने होंगे और बाक़ी के इन दो टीमों को भी अधिकतम 14 अंकों पर रुकना होगा।
फ़िलहाल इनमें केवल दिल्ली का नेट रन रेट पॉज़िटिव है जबकि सिर्फ़ पंजाब के पास एक मुक़ाबला मुंबई के ख़िलाफ़ नहीं है जो प्लेऑफ़ की रेस से बाहर है। हैदराबाद का फ़ॉर्म सबसे ख़राब चल रहा है क्योंकि उन्होंने लगातार चार मैच हारे हैं।
कोलकाता नाइट राइडर्स: मैच 12, अंक 10, नेट रन रेट -0.057
बाक़ी मुक़ाबले: हैदराबाद और लखनऊ के विरुद्ध
चेन्नई सुपर किंग्स: मैच 11, अंक 8, नेट रन रेट 0.028
बाक़ी मुक़ाबले: मुंबई, गुजरात, राजस्थान के विरुद्ध
कोलकाता और चेन्नई दोनों के लिए अंतिम चार में पहुंचने के दो ही उपाय हैं। उन्हें अपने बाक़ी मैच जीतने ही होंगे और क्योंकि चार टीमें 14 या उससे अधिक अंकों पर पहुंच चुकीं हैं, यह उम्मीद रखनी है कि कुछ अन्य टीमों के साथ 14 अंक पर नेट रन रेट की लड़ाई में वह जीतें। चेन्नई ने 11 में सिर्फ़ चार मैच जीतें हैं लेकिन दिल्ली पर बड़ी जीत के चलते उनका नेट रन रेट काफ़ी अच्छा है और यह उनके पक्ष में जा सकता है। संभावनाओं के घेरे में यह भी एक मज़ेदार स्थिति हो सकती है कि लखनऊ, गुजरात और मुंबई को छोड़ बाक़ी के सातों टीमें एक साथ 14 अंकों पर फ़िनिश करें। नेट रन रेट की ऐसी लड़ाई आईपीएल इतिहास में अद्वितीय होगी।

एस राजेश ESPNcricinfo में स्‍टैटस एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo में स्‍थानीय भाषा प्रमुख देबायन सेन ने किया है।