मैच (5)
विश्व कप लीग 2 (1)
PSL 2024 (1)
WPL (1)
रणजी ट्रॉफ़ी (1)
Nepal Tri-Nation (1)
फ़ीचर्स

आंकड़े झूठ नहीं बोलते : दो नई टीमों और दो दोस्त कप्तानों की जंग में शमी और राशिद छोड़ सकते हैं अपना प्रभाव

आंकड़ों की मानें तो लखनऊ को इस मैच में डिकॉक को ज़रूर मौक़ा देना चाहिए

केएल राहुल और हार्दिक पंड्या अच्छे दोस्त हैं  •  BCCI

केएल राहुल और हार्दिक पंड्या अच्छे दोस्त हैं  •  BCCI

शनिवार को डबल हेडर के पहले मुक़ाबले में आईपीएल की दो सबसे नई टीमें गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स एक दूसरे के आमने सामने होंगी। लखनऊ की टीम ने इस सीज़न अपने छह मुक़ाबले खेल लिए हैं, जिसमें उन्हें चार में जीत और दो में हार मिली है और वह अंक तालिका में दूसरे नंबर पर हैं। वहीं गत विजेता गुजरात की टीम के नाम पांच मैचों में तीन जीत और छह अंक हैं और वे अभी चौथे पायदान पर हैं। वे इस मुक़ाबले को जीतकर अंक तालिका में और ऊपर चढ़ना चाहेंगे। दोनों टीमों के बीच पिछले साल दो मुक़ाबले हुए थे और दोनों में गुजरात ने बड़ी जीत हासिल की थी। आइए डालते हैं इस मैच के कुछ प्रमुख आंकड़ों और मैच-अप्स पर नज़र।
आवेश ख़ान के पास है गुजरात के बल्लेबाज़ों का तोड़
गुजरात के पास एक मज़बूत बल्लेबाज़ी क्रम है। शीर्ष क्रम से लेकर नंबर आठ तक उनके सभी बल्लेबाज़ फ़ॉर्म में हैं। ऐसे में लखनऊ के लिए आवेश ख़ान सबसे कारगर हथियार साबित हो सकते हैं। उन्होंने फ़ॉर्म में चल रहे गुजरात के सलामी बल्लेबाज़ शुभमन गिल को टी20 मैचों में दो बार आउट किया है, जबकि शुभमन उनके ख़िलाफ़ सिर्फ़ 19.5 की औसत और 105 के स्ट्राइक रेट से ही रन बना पाते हैं। इसके अलावा आवेश ने गुजरात के कप्तान हार्दिक पंड्या और फ़िनिशर डेविड मिलर को भी ख़ासा परेशान किया है। हार्दिक तो उनके ख़िलाफ़ सिर्फ़ 46 के स्ट्राइक रेट और तीन की औसत से रन बना पाते हैं, जबकि आवेश ने हार्दिक को तीन पारियों में दो बार आउट किया है। मिलर ने आवेश के ख़िलाफ़ 150 के स्ट्राइक रेट और 30 की औसत से रन तो बनाया है, लेकिन वह भी दो बार आवेश का शिकार हुए हैं।
लखनऊ को रहना होगा शमी और राशिद से सवधान
जहां विपक्षी टीम के बल्लेबाज़ों को रोकने के लिए लखनऊ के पास आवेश हैं, वहीं गुजरात के पास सिर्फ़ राशिद ख़ान नहीं बल्कि मोहम्मद शमी भी हैं। इन दोनों गेंदबाज़ों का रिकॉर्ड लखनऊ के बल्लेबाज़ों के ख़िलाफ़ बहुत ही बेहतरीन रहा है। शमी ने विपक्षी कप्तान के एल राहुल, क्विंटन डिकॉक और क्रुणाल पंड्या को टी20 मैचों में तीन-तीन बार आउट किया है। वहीं राशिद का रिकॉर्ड तो और भी बेहतर है। उन्होंने राहुल, दीपक हुड्डा, क्रुणाल को तीन-तीन बार, मार्कस स्टॉयनिस को चार और निकोलस पूरन को दो बार टी20 मैचों में अपना शिकार बनाया है। ऐसे में अगर ये दोनों गेंदबाज़ लखनऊ के बल्लेबाज़ों पर हावी हों तो आश्चर्य मत होइएगा।
राहुल का इस मैच में भी तेज़ खेलना मुश्किल है
दिल्ली कैपिटल्स के ख़िलाफ़ पहले मैच को छोड़ दें तो लखनऊ के कप्तान राहुल ने हर मैच में कम से कम 20 रन ज़रूर बनाए हैं, लेकिन ये रन 115 के मामूली स्ट्राइक रेट से आए हैं। इस मैच में भी राहुल के स्ट्राइक रेट की सुधरने की संभावना बहुत कम नज़र आ रही है, कारण गुजरात के गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ उनका टी20 रिकॉर्ड है। वह राशिद ख़ान के ख़िलाफ़ सिर्फ़ 86 के स्ट्राइक रेट से रन बना पाते हैं, जबकि शमी के ख़िलाफ़ उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ़ 100 है। मोहित शर्मा भी प्लेयर ऑफ़ द मैच प्रदर्शन के बाद गुजरात के एकादश का मुख्य हिस्सा बन गए हैं और उन्होंने भी राहुल को ख़ूब परेशान किया है। राहुल, मोहित के ख़िलाफ़ सिर्फ़ 119 के स्ट्राइक रेट से रन बना पाते हैं, जबकि मोहित ने उन्हें पांच पारियों में दो बार आउट किया है।
क्या लखनऊ को डिकॉक को खिलाना चाहिए?
जी हां, आंकड़े तो यही कहते हैं। राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के कारण क्विंटन डिकॉक शुरुआती कुछ मैचों के लिए अनुपलब्ध थे। लेकिन जब वह टीम में आए, तब तक काइल मेयर्स ने अपने धाकड़ प्रदर्शन के आधार पर अपना स्थान पक्का कर लिया था। अब डिकॉक को बाहर बैठना पड़ रहा है। हालांकि लखनऊ चाहे तो उन्हें इस मैच में उतार सकता है। राशिद को छोड़ दें तो डिकॉक गुजरात के गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ तेज़ी से रन बनाते हैं। शमी के ख़िलाफ़ उनका स्ट्राइक रेट 147, हार्दिक के ख़िलाफ़ 168, जोश लिटिल के ख़िलाफ़ 189 और अल्ज़ारी जोसेफ़ के ख़िलाफ़ 133 है। शमी के अलावा उन्हें इनमें से कोई भी गेंदबाज़ एक से अधिक बार आउट नहीं कर पाया है।

दया सागर ESPNcricinfo हिंदी में सब एडिटर हैं. @dayasagar95