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पोंटिंग: यदि रॉबिंसन ने अभी तक नहीं सीखा है, तो वह काफ़ी स्लो लर्नर हैं

ऐशेज़ के पहले टेस्ट के दौरान ख़्वाजा को आउट करने के बाद ऐसा प्रतीत हो रहा था कि रॉबिंसन ने अपशब्दों का प्रयोग किया है

Ollie Robinson and Usman Khawaja had a few run-ins, England vs Australia, 1st Ashes Test, Edgbaston, 5th day, June 20, 2023

रॉबिंसन इस घटना के बारे में सवाल पूछे जाने पर पोटिंग के नाम का जिक्र किया था  •  Getty Images

ऐशेज़ के पहले टेस्ट के दौरान इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ ऑली रॉबिंसन ने पहली पारी में उस्मान ख़्वाजा को आउट करने के बाद छींटाकशी की थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उनका लहजा काफ़ी आक्रामक था और उसमें अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया गया था।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने उस घटना के संदर्भ में कहा है कि इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ ऑली रॉबिंसन ने जिस तरह से एजबेस्टन टेस्ट के दौरान छींटाकशी की थी, ठीक उसी तरह से गेंदबाज़ी में भी उन्हें अपने कौशल को दिखाना चाहिए था। पोटिंग का मानना है कि रॉबिंसन को अपनी गेंदबाज़ी कौशल के साथ अपने शब्दों का समर्थन करने की ज़रूरत है।
अगर वीडियो में प्रतीत हो रहे शब्दों को सुना जाए तो ख़्वाजा को आउट करने के बाद रॉबिंसन ने "F** off, you f**ing prick" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। पोटिंग उस मैच के दौरान स्काई स्पोर्ट्स के लिए कॉमेंट्री कर रहे थे। उस दौरान उन्होंने पूरे मैच में इस घटना के संदर्भ में कुछ नहीं कहा था, लेकिन आईसीसी रिव्यू पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने इस मामले पर अपना मत रखा है।
पोंटिंग ने कहा, "मैंने ऑली रॉबिंसन द्वारा प्रयोग किए गए उन शब्दों के बाद कहा था कि इंग्लैंड की इस क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ अभी तक नहीं खेला है। वे बहुत जल्दी जान जाएंगे कि ऐशेज़ में एक अच्छी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के ख़िलाफ़ खेलने के क्या मायने होते हैं। अगर रॉबिंसन ने अभी तक यह नहीं सीखा है, तो वह काफ़ी स्लो लर्नर हैं।"
उन्हें बहुत जल्द इस बात का पता चल जाएगा कि यदि आप ऐशेज़ श्रृंखला में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों से इस तरह से बात करेंगे तो आपको अपने गेंदबाज़ी कौशल से भी अपनी बातों का समर्थन करना पड़ेगा।
पोटिंग
तीसरे दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान 29 वर्षीय तेज़ गेंदबाज़ से इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था कि उन्हें इस बात की कोई "परवाह नहीं है" कि ऑस्ट्रेलिया उनके इस आचरण को कैसे देखता है। रॉबिंसन ने उसी बातचीत के दौरान रिकी पोटिंग का भी उदाहरण दिया था।
रॉबिंसन ने कहा, "हम सभी ने रिकी पोंटिंग और अन्य ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को हमारे साथ ऐसा ही करते देखा है। इस बार वही काम अगर किसी और ने किया तो लोग बुरा मान गए।"
इसका जवाब देते हुए पोटिंग ने कहा, "उन्होंने इसमें मेरा नाम भी शामिल किया, जो मुझे थोड़ा असामान्य लगा। वह उसे लेकर चिंतित है कि मैंने 15 साल पहले क्या किया था। अगर वह अपनी गेंदबाज़ी को छोड़ मेरे द्वारा पूर्व में किए गए कामों के बारे में सोच रहे हैं तो आप समझ सकते हैं कि उनकी गेंदबाज़ी कैसी रही होगी। मैच में उनके गेंदबाज़ी आंकड़ों से ही यह बात समझा जा सकता है।"
पोंटिंग ने आगे कहा, "उन्हें बहुत जल्द इस बात का पता चल जाएगा कि यदि आप ऐशेज़ श्रृंखला में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों से इस तरह से बात करेंगे तो आपको अपने गेंदबाज़ी कौशल से भी अपनी बातों का समर्थन करना पड़ेगा।"
इन बातों का अलावा पोंटिंग ने यह भी कहा कि ऐसा नहीं है कि इंग्लैंड पर हार या जीत का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने बेन स्टोक्स के मैच के बाद के बयान का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसा लग रहा था कि वह इस हार से काफ़ी परेशान हैं।
पोंटिग ने कहा, " मैंने उन्हें यह कहते हुए सुना है कि उन पर मैच के परिणाम का कोई असर नहीं पड़ता। हालांकि मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगता। यह ऐशेज़ सीरीज़ है और बेन स्टोक्स के कप्तानी करियर के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती है। स्टोक्स ने यह कहा था कि 'मैच के अंतिम चरण में सभी खिलाड़ी एकजुट होकर प्रदर्शन करने में नाक़ाम रहे थे।' उसी कारण से मुझे ऐसा लगा कि निश्चित तौर पर उन पर मैच के परिणाम का प्रभाव पड़ता है और यही सही भी है। मैच के परिणाम का आप पर प्रभाव पड़ना चाहिए।"