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विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी : अपराजित और धवन की पारियों से तमिलनाडु और हिमाचल फ़ाइनल में

जैक्सन के 134 रन और साकरिया के पांच विकेट गए बेकार, सौराष्ट्र और सर्विसेज़ हारे

B Aparajith knocks the ball to the leg side, Bihar v Tamil Nadu, Vijay Hazare Trophy 2019-20, Jaipur, September 28, 2019

ऐक्शन में बाबा अपराजित (फ़ाइल फ़ोटो)  •  NurPhoto/Getty Images

तमिलनाडु 314/8 (अपराजित 122, सुंदर 70, इंद्रजीत 50, साकरिया 5-62) ने सौराष्ट्र 310/8 (जैक्सन 134, वसावड़ा 57, विश्वराज 52, विजय 4-72, सिलंबरासन 3-54) को दो विकेट से हराया
बाबा अपराजित का 122, शेल्डन जैक्सन के 134 और चेतन साकरिया के पांच विकेट पर भारी पड़ा और तमिलनाडु ने आख़िरी गेंद तक चले रोमांचक मुक़ाबले में सौराष्ट्र को दो विकेट से हरा दिया।
अपराजित ने 124 गेंद की इस पारी में 12 चौके और तीन छक्के जड़े और 311 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी तमिलनाडु के लिए सुनिश्चित किया कि वे बाद में अधिक रन रेट के दबाव का शिकार ना हो जाए। अपराजित को अपने भाई बाबा इंद्रजीत (50) से भी भरपूर सहयोग मिला और दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 107 गेंदों में 97 रन जोड़े। इसके बाद अपराजित ने वाशिंगटन सुंदर (70) के साथ भी पांचवें विकेट के लिए 79 गेंदों में तेज़ 76 रन जोड़े।
अपराजित जब 43वें ओवर में आउट हुए तब तमिलनाडु को 44 गेंदों में 67 रन की ज़रूरत थी और उसके पांच विकेट शेष थे। सुंदर का साथ देने आए शाहरूख़ ख़ान ने जयदेव उनादकट पर छक्का और चौका जड़कर आवश्यक रन को चार ओवर में 32 रन कर दिया।
लगातार ओवरों में साकरिया ने शाहरूख़ और सुंदर दोनों को आउट कर मैच को रोमांचक बनाना चाहा। उन्होंने 49वें ओवर की आख़िरी गेंद पर मनीमारन सिद्धार्थ का विकेट लेकर अपना पांच विकेट भी पूरा किया। इससे पहले वह नई गेंद से नारायण जगदीशन और विजय शंकर को आउट कर तमिलनाडु का स्कोर पहले चार ओवर में 23 रन पर दो विकेट कर चुके थे।
आख़िरी ओवर में तमिलनाडु को सात रन की ज़रूरत थी, जबकि उसके सिर्फ़ दो विकेट ही शेष थे। चिराग जानी ने अपनी पहली चार गेंदों पर सिर्फ़ चार रन दिए, लेकिन अगला गेंद वाइड फेंककर उन्होंने मैच को फिर से तमिलनाडु के पक्ष में झुका दिया। पांचवीं गेंद पर एक और सिंगल से स्कोर बराबरी पर आया और अंतिम गेंद पर जब एक रन की ज़रूरत थी तो साई किशोर ने चौका जड़कर तमिलनाडु को फ़ाइनल में पहुंचा दिया।
इससे पहले टॉस जीतकर तमिलनाडु ने पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया था। सौराष्ट्र को हार्विक देसाई (9) के रूप में पहला झटका बहुत ज़ल्द ही लग गया, जब उन्हें सिलंबरासन ने आठवें ओवर में पगबाधा आउट किया। लेकिन इसके बाद नंबर तीन पर आए जैक्सन ने सलामी बल्लेबाज़ विश्वराज जाडेजा (52) के साथ पारी को संभालने की कोशिश की और 92 रन जोड़े।
इसके बाद प्रेरक मांकड़ (32 गेंद में 37 रन) और अर्पित वसावड़ा (40 गेंद में 57 रन) ने तेज़ पारियां खेलकर सौराष्ट्र के स्कोर को 300 के ऊपर पहुंचा दिया। दूसरी तरफ़ जैक्सन ने अपनी 134 रन की पारी के दौरान 11 चौके और चार छक्के जड़े, हालांकि उनका यह शतक बेकार रह गया।
हिमाचल प्रदेश 281/6 (धवन 84, चोपड़ा 78, बहादुर 2-52) ने सर्विसेज़ 204 (पालीवाल 55, चौहान 45, धवन 4-27) को 77 रन से हराया
दूसरे सेमीफ़ाइनल में कप्तान ऋषि धवन के हरफ़नमौला खेल की बदौलत हिमाचल प्रदेश ने सर्विसेज़ को 77 रन से हराकर अपने पहले विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी फ़ाइनल में प्रवेश किया। 77 गेंदों में 84 रन की आतिशी पारी खेलने के बाद धवन ने चार विकेट झटके और 46.1 ओवर में ही सर्विसेज़ की पारी को 204 रन पर समेट दिया। वहीं दिन की शुरुआत में प्रशांत चोपड़ा और दिग्विजय रंगी ने दूसरे विकेट के लिए 74 रन जोड़ एक अच्छी शुरुआत दी, लेकिन सर्विसेज़ ने दो ज़ल्द विकेट झटककर हिमाचल प्रदेश के स्कोर को 25वें ओवर में 106 रन पर चार विकेट कर दिया।
इसके बाद धवन, चोपड़ा का साथ देने आए। इस बीच चोपड़ा ने इस टूर्नामेंट का अपना लगातार पांचवां अर्धशतक ठोका। वह 109 गेंदों में 78 रन बनाकर आउट हुए। जहां धवन और चोपड़ा की साझेदारी ने हिमाचल की पारी को स्थायित्व दिया, वहीं धवन और आकाश वसिष्ठ की सिर्फ़ 48 गेंदों में 83 रन की साझेदारी ने पारी को गति देने का काम किया। इस साझेदारी की बदौलत हिमाचल ने अंतिम 10 ओवर में 101 रन बनाए। धवन ने अपनी पारी के दौरान नौ चौके और एक छक्का ठोका, वहीं वसिष्ठ ने अपनी 29 गेंदों की 45 रन की पारी के दौरान चार चौके और दो छक्के जड़े।
बल्ले से कमाल दिखाने के बाद धवन ने गेंद से भी कमाल दिखाया। उन्होंने लखन सिंह और मोहित अहलावत को नई गेंद से चलता कर सर्विसेज़ के स्कोर को 36 रन पर दो विकेट कर दिया। रवि चौहान ( 70 गेंद में 45) और कप्तान रजत पालिवाल (66 गेंद में 55) ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन बड़े स्कोर के दबाव में लगातार विकेट गिरते रहे। अंत में सर्विसेज़ की टीम सिर्फ़ 204 रनों पर ही सिमट गई।

हेमंत बराड़ ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं, अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के सब एडिटर दया सागर ने किया है