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ग्रीन और डेविड के प्रदर्शन ने बढ़ाई ऑस्ट्रेलियाई खेमे की दुविधा

हालांकि डेथ ओवरों में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ी भारत के ख़िलाफ़ दबाव में दिखी

Cameron Green took on the bowling right from the first ball, India vs Australia, 3rd T20I, Hyderabad, September 25, 2022

स्लॉग करते कैमरन ग्रीन  •  BCCI

क्या ग्रीन को मिलेगा विश्व कप के लिए ग्रीन सिग्नल?
कैमरन ग्रीन को लेकर ऑस्ट्रेलियाई खेमा काफ़ी आश्वस्त और आशावान था कि वह निकट भविष्य में टी20 के उम्दा खिलाड़ी बनकर उभरेंगे। हालांकि किसी ने सोचा नहीं होगा कि कम अनुभवी ग्रीन इतनी जल्दी मैदान पर अपना जलवा बिखेर देंगे।
इस सीरीज़ के आरंभ से पहले सिर्फ़ 14 पेशेवर टी20 और एक अंतर्राष्ट्रीय टी20 खेलने वाले ग्रीन से चयनकर्ताओं ने पारी की शुरुआत करने के लिए कहा और उन्होंने इस अवसर का भरपूर उपयोग करते हुए 214.54 की स्ट्राइक रेट से दो ताबड़तोड़ अर्धशतक जड़ डाले।
हैदराबाद में खेले गए अंतिम टी20 मुक़ाबले के बाद ऑस्ट्रेलियाई कोच ऐंड्रयू मक्डॉनल्ड ने ग्रीन के प्रदर्शन पर बात करते हुए कहा, "उन्होंने इस अवसर को भुनाया है। यहां आने से पहले जब हम रणनीति तैयार कर रहे थे तब हमें यह भरोसा था कि उनके पास ऐसी क्षमता है और उन्होंने दुनिया के कुछ सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ ख़ुद को साबित भी कर दिखाया। आप इस पर बहस कर सकते हैं कि जसप्रीत (बुमराह) टी20 में अब तक के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ हैं, इसलिए तीन में से दो बार ऐसा करने में सक्षम होना अच्छा और बहुत प्रभावशाली है।"
हालांकि ग्रीन अब तक टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के 15 सदस्यीय दल का हिस्सा नहीं हैं। अगले हफ़्ते क्वींसलैंड में जब ऑस्ट्रेलिया का टी20 दल वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ खेले जाने वाले मुक़ाबले के लिए एकत्रित होगा तब ग्रीन शेफ़ील्ड शील्ड में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व कर रहे होंगे। जो कुछ भी उन्होंने भारत के विरुद्ध किया इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ता गुप्त रूप से किसी बल्लेबाज़ के चोटिल होने की प्रार्थना कर रहे होंगे ताकि वे ग्रीन को ऑस्ट्रेलियाई दल में शामिल कर सकें। हालांकि डेविड वॉर्नर की वापसी और ऐरन फ़िंच की महफूज़ जगह को देखते हुए इसके बावजूद शीर्ष क्रम में ग्रीन के लिए जगह नहीं होगी।
उम्मीदों पर खरे उतरे डेविड
टिम डेविड ने भी मिले मौक़े को भरपूर तरीके से भुनाया। उन्होंने ठीक वैसी ही बल्लेबाज़ी की जैसा कि टीम उनसे उम्मीद कर रही थी। पहले मुक़ाबले में 14 गेंदों में उनकी 18 रनों की पारी मैथ्यू वेड के लिए ऑस्ट्रेलिया को जीत की दहलीज़ तक पहुंचाने में मददगार साबित हुई। वहीं तीसरे और अंतिम मुक़ाबले में उनकी 27 गेंदों पर 54 रनों की पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलियाई टीम 117 पर 6 से एक मैच जिताऊ स्कोर खड़ा कर पाने में सफल रही।
ऑस्ट्रेलिया के चयनकर्ता यह देखने के लिए उत्सुक थे कि डेविड कैसे मार्कस स्टॉयनिस की अनुपस्थिति में स्थापित मध्य-क्रम में फिट हुए। वेड, जिनके के लिए यह सीरीज़ अभूतपूर्व रही, उनके और डेनियल सैम्स के साथ साझेदारियां कर उन्होंने यह प्रदर्शित किया कि वह जूनियर और सीनियर दोनों ही तरह के साझेदारों के साथ परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाज़ी कर सकते हैं। अब उन्हें विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना हास्यास्पद प्रतीत होगा लेकिन सवाल वही है, आख़िर बाहर कौन बैठेगा?
स्मिथ का स्थान कितना सुरक्षित?
विश्व कप से पहले इंग्लैंड और वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ होने वाली सीरीज़ में वॉर्नर, मिचेल मार्श और स्टॉयनिस की वापसी तय मानी जा रही है, बशर्ते कि मार्श और स्टॉयनिस पूरी तरह से फ़िट हों। ग्रीन विश्व कप दल में अपनी जगह नहीं बना पाएंगे लेकिन ऑस्ट्रेलिया को डेविड के लिए सर्वश्रेष्ठ एकादश में जगह खोजनी होगी। भारत दौरे से पहले टी20 दल में स्टीव स्मिथ की जगह सुरक्षित नहीं थी लेकिन मार्श की अनुपस्थिति में उन्हें नंबर तीन पर खेलने का अवसर दिया गया। उन्होंने मोहाली में अच्छी बल्लेबाज़ी भी करते हुए 24 गेंदों में 35 रन भी बनाए। हालांकि उनका स्ट्राईक रेट 145.83 का रहा जो कि एक हाई स्कोरिंग मुक़ाबले में दोनों टीमों द्वारा 177.54 के स्ट्राईक रेट से बनाए गए रनों की तुलना में काफ़ी कम था।
बड़े शॉट्स लगाने की स्मिथ की क्षमता को लेकर ऑस्ट्रेलिया टीम का नज़रिया नागपुर में सामने भी आ गया जब आठ ओवर के मुक़ाबले में स्मिथ को तीसरे नंबर से छठवें नंबर पर भेजा गया। हैदराबाद में भी स्मिथ ने दस गेंदों में नौ रन ही बनाए, जबकि बैकवर्ड प्वाइंट पर उनका कैच भी छोड़ा गया था। अगर स्मिथ विश्व कप खेलते हैं तो इसके लिए डेविड की कीमत चुकानी होगी, जबकि ग्रीन शील्ड क्रिकेट खेल रहे होंगे। ऐसा करना ऑस्टेलियाई चयनकर्ताओं के द्वारा विश्वास का एक असाधारण प्रदर्शन होगा।
डेथ गेंदबाज़ी की अबूझ पहेली
डेथ ओवरों में भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई दोनों ही टीमों के गेंदबाज़ों को जूझते देखा गया। हालांकि मैकडोनाल्ड का मानना है कि यह सीरीज़ वैसे भी गेंदबाज़ों के लिए कठिन थी।
उन्होंने कहा, "गेंदबाज़ों के लिए डेथ ओवरों में हार्दिक के ख़िलाफ़ बचने के लिए कोई जगह नहीं थी। हालांकि मुझे लगता है कि हमने कुछ योजनाओं के माध्यम से अपनी रणनीति पर अमल किया। हमें कुछ योजनाओं के बेहतर परिणाम भी मिले जो कि विश्व कप में भी देखने को मिल सकता है। ऑस्ट्रेलिया में यहां के मुक़ाबले अधिक उछाल होगी। मिचेल स्टार्क दोबारा परिदृश्य में आएंगे जो कि डेथ में हमारे सबसे उम्दा गेंदबाज़ों में से एक रहे हैं। हालांकि आज के वक्त में बल्लेबाज़ों की क्षमता को देखते हुए मुझे यह भी लगता है कि अधिकतर डेथ गेंदबाज़ी आक्रमण दबाव में रहती है। क्या हम डेथ गेंदबाज़ी में बेहतर करना चाहते हैं। जवाब है, हां। लेकिन हम अपने लोगों को सिर्फ़ अच्छा निर्णय लेने और उस पर अमल करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।"
स्टार्क की वापसी बहुत हद तक डेथ गेंदबाज़ी की समस्या से निजात तो दिला देगी लेकिन एक तथ्य यह भी है कि इस सीरीज़ में जॉश हेज़लवुड और पैट कमिंस के बजाय ग्रीन, सैम्स और नैथन एलिस से हर मुक़ाबले में अंतिम दो ओवर डलवाए गए। जबकि वे तीनों ही आगामी विश्व कप का हिस्सा नहीं हैं। ज़ाहिर तौर पर इससे मैकडोनाल्ड की डेथ गेंदबाज़ी की पहेली पर जवाबों से ज़्यादा सवाल खड़े होते हैं। विश्व कप टीम में ऑस्ट्रेलिया के अन्य संभावित विकल्प, केन रिचर्डसन, एक साइड इंज़री के कारण सीरीज़ में एक भी मुक़ाबला नहीं खेल पाए, जो उन्हें पहले मुक़ाबले के अभ्यास के दौरान झेलनी पड़ी थी।

ऐलेक्स मैल्कम ESPNcricinfo में एसोसिएट एडिटर हैं, अनुवाद ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो हिंदी के एडिटोरियल फ़्रीलांस नवनीत झा ने किया है