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वॉर्नर और राशिद के जाने के बाद क्या उम्मीदों पर खरी उतरेगी सनराइज़र्स हैदराबाद ?

गेंदबाज़ी में पैनापन और विविधता है लेकिन चोट टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय है

Kane Williamson in action at training, Sunrisers Hyderabad vs Punjab Kings, IPL 2021, Sharjah, September 25, 2021

क्या कप्तान केन विलियमसन पिछले सीज़न के निराशा के बाद सनराइज़र्स को चैंपियन बना सकते हैं ?  •  BCCI

कैसा रहा पिछला सत्र

पिछले सीज़न में सनराइज़र्स हैदराबाद अंतिम स्थान पर रही थी जहां बहुत कम चीज़े उनके लिए सही रहीं। डेविड वॉर्नर ने टूर्नामेंट के बीच में ही अपना स्थान खो दिया, और केन विलियमसन ने कप्तानी संभाली। फिर वॉर्नर के मामले को लेकर और टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद भी युवाओं की मौक़ा देने को लेकर ऑफ़ फ़ील्ड चर्चा थी। इन सब मामलों ने ट्रेवर बेलिस का साथ छोड़ने के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ़ में कई अन्य बदलावों की नींव रखी। इस सीज़न की शुरुआत एक विवादास्पद चीज़ पर हुई जब साइमन कैटिच ने नीलामी रणनीति से नाख़ुश होने के बाद सहायक कोच के पद से इस्तीफ़ा दे दिया।

सशक्त एकादश

1 राहुल त्रिपाठी, 2 अभिषेक शर्मा, 3 केन विलियमसन (कप्तान), 4 निकोलस पूरन(विकेटकीपर), 5 एडन मारक्रम, 6 अब्दुल समद, 7 वॉशिंगटन सुंदर, 8 मार्को यानसन, 9 भुवनेश्वर कुमार, 10 टी नटराजन, 11 उमरान मलिक

खिलाड़ियों की उपलब्धता

खिलाड़ियों की उपलब्धता से ज़्यादा चोट प्रबंधन बड़ी चिंता है। विलियमसन की कोहनी में लंबे समय से चोट है। नटराजन घुटने की परेशानी के कारण लंबे समय के बाद लौट रहे हैं। वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ फ़रवरी में घरेलू वनडे में लगी हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरकर वॉशिंगटन सुंदर वापसी कर रहे हैं। भुवनेश्वर कुमार दो साल से कई तरह की चोटों से जूझ रहे हैं।

बल्लेबाज़ी

सनराइज़र्स में कई नामी-गिनामी बल्लेबाज़ों के होते हुए भी वॉर्नर और विलियमसन से हमेशा निरंतरता की उम्मीद रहती थी। उन्होंने अब्दुल समद को रिटेन करके और उनके साथ प्रियम गर्ग और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों को वापस ख़रीदकर उनका काफ़ी हौसला बढ़ाया है। युवा खिलाड़ियों को उनकी भूमिका स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा क्योंकि वे एक नए टेम्पलेट की तलाश करना चाहते हैं, जो उन्हें 20221 की निराशा को पीछे छोड़ने में मदद करेगा। राहुल त्रिपाठी के शामिल किए जाने से इसमें मदद मिलेगी।
एडन मारक्रम और वॉशिंगटन सुंदर टीम को ऑलराउंड क्षमता प्रदान करते हैं। जबकि निकोलस पूरन से विकेटकीपिंग और मध्य क्रम को मज़बूती प्रदान करने की उम्मीद है। इन्हें हाल ही में, भारत में वेस्टइंडीज़ की सीमित ओवरों की श्रृंखला के दौरान भारतीय विकेटों पर खेलने का अनुभव भी है। सनराइज़र्स के पास विशिष्ट रूप से भिन्न ग्लेन फ़िलिप्स भी हैं। एक बढ़िया विकेट कीपर और दमदार बल्लेबाज़ होने के अलावा वह नई गेंद से या किसी भी समय ऑफ़स्पिन गेंदबाज़ी कर सकते हैं। उन्होंने न्यूज़ीलैंड के लिए ऐसा करके दिखाया है।

गेंदबाज़ी

भुवनेश्वर कुमार नई गेंद के विशेषज्ञ हैं, टी नटराजन डेथ ओवरों के बादशाह हैं। उमरान मलिक की तेज़ रफ़्तार रोमांचक रूप से विविधता में इजाफ़ा करती है। सनराइज़र्स के पास फ़ायदा उठाने के लिए सुंदर, समद और मारक्रम की हरफ़नमौला क्षमता है। मार्को यानसन अपने पहले घरेलू सत्र में प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में आ रहे हैं, और अपने प्रारंभ को और अच्छा करना चाहेंगे। रोमारियो शेफ़र्ड को भी आज़माया जा सकता हैं। शेफ़र्ड तेज़ गेंदबाज़ी विकल्प और निचले क्रम में निपुण हिटिंग प्रदान करते है।
याद रखने योग्य है कि राशिद ख़ान की अनुपस्थिति सनराइज़र्स के लिए थोड़ा सा समस्या हो सकता है। उनके पास लाइन अप में श्रेयस गोपाल हैं, लेकिन इनका फ़ॉर्म ऊपर-नीचे रहा है। कुछ साल पहले वह राजस्थान रॉयल्स के साथ उतने प्रभावशाली नहीं थे। हालांकि यह उनके लिए ख़ुद का नाम बनाने का मौक़ा हो सकता है।

युवा खिलाड़ी जिनपर रहेगी नज़र

उमरान मलिक को जब पिछले सीज़न के अंत में मौक़ा मिला तो वे अपरिपक्व नज़र आए। तब से वह अपने शरीर, अपने एक्शन की तकनीकी, लोड अप, फ़ॉलोथ्रू और अन्य क्षेत्रों के बारे में अधिक जागरूक हो गए हैं। उन्होंने पिछले तीन महीनों में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के कोचों से बेहतर प्रशिक्षण लिया है। उमरान, भारतीय टीम के साथ नेट गेंदबाज़ भी रहे हैं, और साथ में घरेलू क्रिकेट में जम्मू कश्मीर टीम का हिस्सा रह चुके हैं।
अभिषेक शर्मा 2018 अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा थे। लेकिन इन्होंने हमेशा उस तरह का ध्यान आकर्षित नहीं किया, जैसा कि शुभमन गिल या पृथ्वी शॉ ने किया। अपनी हिटिंग पर काम करने के बाद युवराज सिंह की नज़रों में वह हमेशा एक क्लीन स्ट्राइकर थे। अभिषेक नई उम्मीद और प्रभावित करने का भरोसा दिलाते हैं। जैसा कि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में पंजाब के लिए किया है।

कोचिंग स्टाफ़

टॉम मूडी (प्रमुख कोच), डेल स्टेन (गेंदबाज़ी कोच), ब्रायन लारा (बल्लेबाज़ी कोच), मुथैया मुरलीधरन (स्पिन गेंदबाज़ी कोच), हेमंग बदानी (फ़ील्डींग कोच)

शशांक किशोर ESPNcricinfo में सीनियर सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo हिंदी के एडिटोरियल फ़्रीलांसर कुणाल किशोर ने किया है।