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श्रीसंत ने क्रिकेट को कहा अलविदा

वह भारत की ओर से दो विश्व कप जीतने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में एक हैं

Sreesanth takes part in a Kerala training session ahead of the Syed Mushtaq Ali Trophy 2020-21, Mumbai, January 8, 2021

सात वर्षों के प्रतिबंध के बाद श्रीसंत ने पिछले साल घरेलू क्रिकेट में वापसी की थी  •  AFP via Getty Images

विवादास्पद दाएं हाथ के स्विंग गेंदबाज़ एस श्रीसंत ने अपने क्रिकेट करियर से संन्यास लेने का निर्णय लिया है। भारत की ओर से 2007 का टी20 विश्व कप और 2011 का वनडे विश्व कप जीतने वाले श्रीसंत ने तीनों प्रारूपों में कुल मिलाकर 90 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 169 विकेट झटके हैं।
ट्विटर पर अपने संन्यास की घोषणा करते हुए श्रीसंत ने लिखा, "बिना किसी अफ़सोस और बहुत दुख के साथ मैं भारी मन से भारतीय घरेलू क्रिकेट (प्रथम श्रेणी और सभी प्रारूपों) से संन्यास ले रहा हूं। क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी के लिए मैंने अपने प्रथम श्रेणी करियर को ख़त्म करने का निर्णय लिया हैं। यह मेरा निर्णय हैं और जीवन के इस पड़ाव पर लिया जाने वाला यही सही फ़ैसला है, बावजूद इसके कि इससे मुझे कोई ख़ुशी नहीं मिल रही हैं।"
इस घोषणा ने हाल ही में दोबारा शुरू हुए उनके करियर पर पूर्णविराम लगा दिया है। 2013 आईपीएल स्पॉट-फ़िक्सिंग प्रकरण के बाद लगभग आठ वर्षों तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद श्रीसंत ने वापसी की थी।
राजस्थान रॉयल्स का प्रतिनिधित्व करते समय दो अन्य साथियों के साथ श्रीसंत को गिरफ़्तार किया गया था, जिसके बाद बीसीसीआई ने उसी साल उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाया था। 2015 में दिल्ली के एक न्यायालय ने श्रीसंत के ख़िलाफ़ सारे इल्ज़ामों को खारिज किया, जिसके बाद 2017 में केरला उच्च न्यायालय ने पुनः उनपर प्रतिबंध लगाया। हालांकि 2019 में सर्वोच्च न्यायालय ने आजीवन प्रतिबंध को हटाने का फ़ैसला किया जिसके पश्चात बीसीसीआई ने उनके प्रतिबंध के समय को कम करने का फ़ैसला सुनाया। सात सालों का यह प्रतिबंध सितंबर 2020 में समाप्त हुआ।
इसने श्रीसंत को एक बार फिर घरेलू क्रिकेट खेलने की अनुमति दी और उन्होंने जनवरी 2021 में करेला टीम के साथ अपनी वापसी की। पिछले सीज़न में केरला के लिए अधिकांश सीमित ओवर मुक़ाबले खेलने वाले श्रीसंत ने वर्तमान सीज़न में एक प्रथम श्रेणी मैच खेलने के बाद खेल को अलविदा कहा।
श्रीसंत एक आक्रामक तेज़ गेंदबाज़ थे जो विकेट झटकने की क़ाबिलियत रखते थे। 2006 के वेस्टइंडीज़ दौरे पर सभी को प्रभावित करने के बाद उन्हें साउथ अफ़्रीका दौरे के लिए टीम में जगह मिली थी। यह वही दौरा था जहां श्रीसंत ने आंद्रे नेल के सिर के ऊपर से छक्का लगाने के बाद बल्ला घुमाकर जश्न मनाया था। यह अद्भुत लम्हा भारतीय समर्थकों के दिमाग़ में बस चुका है। 2007 के टी20 विश्व कप में उन्होंने छह सफलताएं अर्जित की और फ़ाइनल मुक़ाबले में सबसे महत्वपूर्ण कैच लपका। 2011 वनडे विश्व कप में उन्होंने फ़ाइनल समेत दो मुक़ाबले खेले और दो विश्व कप ट्रॉफ़ी के साथ अपना करियर समाप्त किया - ऐसी उपलब्धि जो कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों को ही नसीब हुई हैं।
ट्विटर पर अपने बयान में उन्होंने आगे कहा, "आज का दिन मेरे लिए मुश्किल है, लेकिन यह चिंतन और आभार का भी दिन है। एर्नाकुलम जिले, लीग और टूर्नामेंट टीमों, केरला राज्य क्रिकेट संघ, बीसीसीआई, वॉरविकशायर काउंटी, भारतीय एयरलाइंस, बीपीसीएल और आईसीसी के लिए खेलना एक सौभाग्य रहा है।"
"क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में अपने 25 साल के करियर के दौरान, मैंने हमेशा प्रतिस्पर्धा, जुनून और दृढ़ता के उच्चतम मानकों के साथ तैयारी की और मैच जीतने का प्रयास किया है। मेरे परिवार, मेरे साथियों और मेरे देशवासियों का प्रतिनिधित्व करना सम्मान की बात हैं।"
टेस्ट मैचों में श्रीसंत ने 87 विकेट झटके। पारी में तीन में से दो बार पांच विकेट लेने का कारनामा उन्होंने घर से दूर साउथ अफ़्रीका में किया। वनडे में उन्होंने 6.05 की इकॉनमी से 75 शिकार किए। 10 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 12 सफलताएं उनके हाथ लगी।
2010 के दशक में बीसीसीआई के ख़िलाफ़ अपने प्रतिबंध को हटाने की लड़ाई के दौरान श्रीसंत ने क्षेत्रीय सिनेमा, रियलिटी टीवी शो और नृत्य कार्यक्रमों में भी काम किया। 2016 में उन्होंने केरला विधान सभा चुनाव भी लड़ा लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हाल ही में 2022 आईपीएल नीलामी में आवेदन करने के बावजूद उन्हें अंतिम सूची में स्थान नहीं दिया गया था।