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आंकड़े झूठ नहीं बोलते: अपने पसंदीदा प्रारूप में ख़ूब गरजते हैं गब्बर

एशिया में मिलर का 'वनडे टेस्ट' बाक़ी

Shikhar Dhawan lines up for the pull, Zimbabwe vs India, 1st ODI, Harare, August 18, 2022

शिखर धवन ने 2019 विश्व कप के बाद सबसे ज़्यादा अर्धशतक जड़े हैं  •  Getty Images

साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ की समाप्ति के बाद अब बारी है वनडे सीरीज़ की। बुधवार को एक ओर जहां भारत का टी20 विश्व कप दल ऑस्ट्रेलिया के लिए उड़ान भरेगा, वहीं दूसरी ओर अगर बारिश नहीं हुई, तो मौक़े की तलाश में बैठे अन्य भारतीय खिलाड़ी लखनऊ में साउथ अफ़्रीका से दो-दो हाथ करेंगे। कई प्रमुख खिलाड़ियों की ग़ैरमौजूदगी में टीम की कमान है शिखर धवन के हाथों में, जो पहले भी ऐसी टीम की सफलतापूर्वक अगुवाई करते आए हैं। दूसरी ओर 2-1 की सीरीज़ हार के दौरान आख़िरी टी20 में फ़ॉर्म में दिखी साउथ अफ़्रीकी टीम वनडे सीरीज़ पर नज़र लगाई होगी। आइए देखते हैं आंकड़े किसके पक्ष में हैं।
अपने पसंदीदा प्रारूप में ख़ूब गरजते हैं गब्बर
वनडे में शिखर धवन निरंतर अच्छा प्रदर्शन करते आए हैं। हालिया समय में भी उन्होंने अपनी निरंतरता को बरक़रार रखा है। 2019 विश्व कप के बाद बात करें तो शिखर सबसे ज़्यादा वनडे रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ हैं। 26 पारियों में गब्बर ने 1167 रन बनाए हैं और 11 अर्धशतक जड़े है, जो दुनिया भर में सर्वाधिक है। साउथ अफ़्रीका में भारत की पिछली वनडे सीरीज़ में 3-0 की हार में भी शिखर ने अपनी लय दिखाई थी और तीन पारियों में दो अर्धशतकों समेत 169 रन बनाए थे। शिखर के सामने एकमात्र ख़तरा पहले दिल्ली कैपिटल्स और अब पंजाब किंग्स के साथी कगिसो रबाडा हैं, जो हर तीसरी वनडे पारी में शिखर का शिकार करते हैं।
तेज़ गेंदबाज़ी के सामने श्रेयस का संघर्ष
इस सीरीज़ के लिए भारतीय टीम के उपकप्तान बनाए गए श्रेयस को भी वनडे प्रारूप काफ़ी पसंद है। उन्होंने अब तक 27 मुक़ाबलों में 42 की औसत और 97 के स्ट्राइक रेट से 1108 रन बनाए हैं। लेकिन श्रेयस में कुछ कमियां हैं, वह तेज़ गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़ संघर्ष करते नज़र आए हैं। वनडे में जहां वह स्पिन के ख़िलाफ़ 70 की ऊपर की औसत से बल्लेबाज़ी करते हैं तो तेज़ गेंदबाज़ के सामने यह गिरकर 33.9 पर आ जाता है।
श्रेयस ने वेस्टइंडीज़, श्रीलंका और न्यूज़ीलैंड जैसी टीमों के ख़िलाफ़ अच्छा प्रदर्शन किया है, जिन टीमों के पास वैसे तेज़ गेंदबाज़ नहीं हैं जो अपनी गति से किसी को परेशान कर सकें। साउथ अफ़्रीका और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ उनका औसत 20 से थोड़ा ही ऊपर है। श्रेयस के लिए यह सीरीज़ भी आसान नहीं रहने वाली है क्योंकि उनके आते ही साउथ अफ़्रीकी तेज़ गेंदबाज़ छोटी या हार्ड लेंथ गेंदबाज़ी शुरू कर दते हैं। अब तक उन्होंने वनडे में श्रेयस को 79 गेंदों में से सिर्फ़ 14 फ़ुल गेंद फेंकी हैं, जबकि अन्य सभी गेंदे छोटी ही हैं। साउथ अफ़्रीकी तेज़ गेंदबाज़ लुंगीसानी एनगिडी तो हर पांचवीं गेंद में उन्हें पवेलियन की राह दिखाते हैं।
डिकॉक को पसंद है भारतीय आक्रमण
क्विंटन डिकॉक ने जब भारत के ख़िलाफ़ अपनी पहली वनडे सीरीज़ 2013 में खेली थी तो तीन मैचों की सीरीज़ के हर मैच में शतक जड़ दिया था। उन्होंने अब तक भारत के ख़िलाफ़ 16 पारियों में 63 से ज़्यादा की औसत से 1013 रन बनाए हैं, जिनमें छह शतक शामिल है। भारत के ख़िलाफ़ अपनी सरज़मीं पर खेले पिछली वनडे सीरीज़ के आख़िरी दो मैचों में उन्होंने 66 गेंदों में 78 और 130 गेंदों में 124 रन बनाकर वह प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़ रहे थे।
एशिया में मिलर का 'वनडे टेस्ट' बाक़ी
डेविड मिलर को ऐसा बल्लेबाज़ माना जाता था जो पेस को अच्छा खेलता है। लेकिन पिछले कुछ समय से मिलर ने स्पिनरों को अपनी रडार पर लेना शुरू कर दिया है। हालांकि मिलर के टी20 अंतर्राष्ट्रीय के आंकड़े और वनडे के आंकड़े कुछ और बयां करते हैं। डेविड मिलर का एशिया में टी20 अंतर्राष्ट्रीय में अच्छा रिकॉर्ड है, लेकिन उनका वनडे औसत सिर्फ़ 22.4 और स्ट्राइकरेट 86 का है। उनका एशिया में 22.4 का वनडे औसत किसी भी साउथ अफ़्रीकी बल्लेबाज़ का दूसरा सबसे ख़राब औसत है। भारत के ख़िलाफ़ मिलर के प्रदर्शन की बात करें तो वह दस बार सिंगल डिजिट में आउट हुए हैं, जिसमें चार बार वह शून्य पर आउट हुए हैं।

कुणाल किशोर ESPNcricinfo हिंदों में एडिटोरियल फ़्रीलंसर हैं।