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हैदराबाद के आक्रमण के जय और वीरू हैं भुवनेश्वर और उमरान

बेजोड़ अनुभव और तेज़ गति वाली इस जोड़ी ने पंजाब किंग्स की पारी को पटरी से उतारने का काम किया

पंजाब किंग्स की पारी में चार ओवर बचे होते हैं और भुवनेश्वर कुमार अपना दूसरा स्पेल डालने आते हैं। स्कोर चार विकेट पर 132 रन है और पंजाब सोचती है कि वे यहां से 24 गेंद में कम से कम 40 से 50 रन जोड़ लेगी। क्रीज़ पर लियम लिविंगस्टन और शाहरुख ख़ान की पावर हिटिंग जोड़ी होती है।
भुवनेश्वर भागते हुए आते हैं और पहली गेंद धीमी शॉर्ट लेंथ पर फेंकते हैं। शाहरुख इसको पढ़ ही नहीं पाते हैं। वह अगली गेंद को लांग ऑफ़ पर उठाकर मारने का प्रयास करते हैं, लेकिन गेंद सीधा कवर पर केन विलियमसन के हाथों में पहुंच जाती है।
भुवनेश्वर अपने बचे ओवर में केवल दो ही रन देते हैं और लिविंगस्टन, ओडीन स्मिथ झुंझला जाते हैं।
पंजाब की पारी में अब भुवनेश्वर अपना अंतिम ओवर करने के लिए आते हैं। भुवनेश्वर को एक अच्छी गेंद पर सजा मिलती है, जब स्मिथ रूम बनाकर शॉर्ट लेंथ गेंद पर गेंदबाज़ के सिर के ऊपर से छक्का जड़ देते हैं।
लेकिन भुवनेश्वर इस शॉट से अपनी योजनाओं में कोई बदलाव नहीं करते हैं। वह गति में बदलाव करते हुए हार्ड लेंथ गेंदबाज़ी करते रहते हैं। आख़िरी गेंद शॉर्ट लेंथ लेग कटर होती है और लिविंगस्टन भी शाहरुख की ही तरह इसको पढ़ नहीं पाते हैं। अनियंत्रित शॉट खेलते हुए वह कवर में विलियमसन को एक नीचा कैच दे बैठते हैं।
17वेंओवर की शुरुआत में ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो का फ़ॉरकास्टर पंजाब का अनुमानित स्कोर 172 बता रहा था। 20वें ओवर की शुरुआत तक यह 162 रन पर आ गया। इसके बाद पंजाब 151 रनों पर पवेलियन लौट गई। मैच के बाद उनके कार्यकारी कप्तान शिखर धवन ने कहा भी कि उनकी टीम 30-40 रन कम रह गई।
धवन भी भुवनेश्वर के जाल में पारी की शुरुआत में नई गेंद से फंसे थे। धवन क्रीज़ से आगे निकलकर उन पर पहले ही ओवर में प्रहार करना चाहते थे, लेकिन यह गेंद शिखर की जांघ के ऊपरी हिस्‍से में लगी। इसके बाद दूसरे ओवर में भी उन्होंने क्रीज़ से बाहर निकलने का मन बनाया लेकिन भुवनेश्वर ने अपनी लेंथ को पीछे खींचा और शिखर बिना पॉजिशन में आए शॉट को खेल दिए और मिडऑन पर लपके गए।
जीत के बाद रविवार को स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि उन्होंने पहली ही गेंद डालने के बाद समझ लिया था कि यहां पर उन्हें स्विंग नहीं मिलने जा रही है। ऐसे में उन्होंने बैक ऑफ़ लेंथ गेंदबाज़ी करना शुरू कर दिया, क्योंकि इस पिच पर अतिरिक्त उछाल भी मिल रहा था।
वह​ शिखर के ​विकेट के पीछे की सोच बताते हुए कहते हैं, "मैं आमतौर पर जानता था कि वह कैसे मुझ पर आक्रमण करने जाएगा। मैं जानता था कि वह कदम आगे निकालेगा और बाउंड्री को देखेगा। लेकिन मैंने बस हार्ड लेंथ हिट करने की सोची, यह देखने के लिए कि क्या कोई बल्ले का ऊपरी किनारा लगता है या नहीं और किस्मत से ऐसा हो गया।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं हमेशा बल्लेबाज़ की कमजोरी पर गेंदबाज़ी करना चाहता हूं या यह मैदान के आकार पर निर्भर करता है। यह मेरे लिए बेसिक और सीधी चीज़ है। बल्लेबाज़ की कमजोरी के साथ जाओ या अपनी ताक़त के साथ और यह विकेट पर भी निर्भर करता है। यही वे चीज़ें हैं जो मैं करना चाहता हूं।"
शिखर का विकेट लेने के साथ ही भुवनेश्वर आईपीएल इतिहास में पावरप्ले में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बन गए।
अगर भुवनेश्वर सनराइज़र्स के तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण के जय हैं तो उमरान मलिक वीरू हैं। अगर 150 किमी प्रति घंटा की गति छूने की बात आती है तो आईपीएल में उनके बराबर केवल लॉकी फ़र्ग्‍युसन ही पहुंच पाते हैं।
उमरान जम्मू का कच्चा ​हीरा हैं, जिसका सनराइज़र्स ने आईपीएल 2021 में पता लगाया और 2022 नीलामी से पहले रिटेन कर लिया। वह हर मैच में अपनी गति से प्रभावित करते हैं और यहां तक की वह डेल स्टेन को भी पीछे छोड़ देते हैं। कोलकाता नाइटराइडर्स के ख़िलाफ़ जब उमरान ने 140किमी प्रति घंटा की गति वाली यॉर्कर पर उनके कप्तान श्रेयस अय्यर को आउट किया तो सनराइज़र्स के तेज़ गेंदबाज़ी कोच स्टेन ख़ुशी से झूम उठे।
मैच के बाद सनराइज़र्स के डायरेक्टर ऑफ़ क्रिकेट टॉम मूडी ने कहा कि फ़्रेंचाइज़ी ने उमरान को ख़ुद को व्यक्त करने की आज़ादी दी है, यह जानते हुए कि गति की तलाश करते हुए उन पर रन भी बन सकते हैं, ख़ासतौर पर विकेट के पीछे।
उमरान की पंजाब के ख़िलाफ़ अलग ही लड़ाई देखने को मिली, एक ऐसी टीम जो हर गेंद पर प्रहार करने के लिए जानी जाती है, फ‍़िर चाहे गेंदबाज़ कोई भी क्यों ना हो, परिस्थिति कोई भी क्यों ना हो।
उमरान पावरप्ले के बाद दूसरा ओवर करने के लिए आए। जितेश शर्मा ने गति का इस्तेमाल किया और पहली गेंद पर स्लैश लगा दिया। अगली चार गेंद उमरान ने फ़ुलर की, एक पर वह लाइन से भटके और जितेश ने इसको फ़्लिक करके चौका निकाल लिया।
उमरान ने इसके बाद अगली गेंद पर अपनी रणनीति बदली। पहली रणनीति थी- फ़ील्ड को बदलना, जहां पर तीन फ़ील्डर स्क्वायर के पीछे ऑफ़ साइड पर रखे। फ़ाइन लेग सर्कल में थी, उमरान ने 148 किमी प्रति घंटा की गति वाली शॉर्ट लेंथ की, जो तेज़ी से जितेश की ओर आई, जितेश पुल की पॉजिशन में भी नहीं आ पाए और गेंद उनके बल्ले का किनारा लेती हुई खड़ी हो गई और उमरान ने आसान सा कैच लेकर उन्हें पवेलियन भेज दिया।
उमरान इतनी गति से गेंदबाज़ी करते हैं कि उनकी हर गेंद देखने वाली होती है। जब वह इसमें विफल होते हैं तो यह बाउंड्री के लिए निकल जाती है। लिविंगस्टन का अपर कट और पुल ऐसे थे जिन पर उमरान ने छक्के खाए। लेकिन जब यह काम करती है तो स्टंप्स हवा में होते हैं। जैसा उमरान ने दो बार आख़िरी ओवर में पंजाब के निचले क्रम के बल्लेबाज़ों के साथ किया, जहां पर उन्होंने आख़िरी ओवर में तीन विकेट निकाले और यह ओवर मेडन भी था।
जब भुवनेश्वर से पूछा गया कि क्या उमरान का दूसरे छोर पर रहना मदद करता है तो भुवनेश्वर ने जोक मारा और कहा, "मुझे नहीं लगता कि यह मदद करता है, मुझे लगता है कि बल्लेबाज़ कहीं ना कहीं यह सोचता होगा कि देखो भुवनेश्वर धीमी गेंद कर रहा है, तो इस पर रन बनाओ। लेकिन उसकी ओर देखिए, यह अक़्सर आपको ख़ुशी देता है कि जब कोई बल्लेबाज़ों को डरा रहा होता है और विकेट लेता है। उसको हमेशा गेंदबाज़ी करते देखना सुखद है। उम्मीद है वह आगे भी विकेट लेते रहेंगे।"
उमरान ने प्लेयर ऑफ़ द मैच का पुरस्कार जीता। कुल मिलाकर भुवनेश्वर और उमरान ने पंजाब के बल्लेबाज़ों को फंसाए रखा।

नागराज गोलापुड़ी ESPNcricinfo में न्यूज़ एडिटर हैं, अनुवाद ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो हिंदी के सीनियर सब एडिटर निखिल शर्मा ने किया है