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आपको अपना खेल बदलने के लिए तैयार रहना होगा: वोक्स

वोक्स के अनुसार गेंद को साइडवेज़ मूव कराना शायद सबसे बड़ी चुनौती है

Chris Woakes walks back to his mark, England vs India, 4th Test, The Oval, London, 3rd day, September 4, 2021

ऑलराउंडर क्रिस वोक्स 2017-18 ऐशेज़ सीरीज़ में संघर्ष करते हुए नज़र आए थे  •  PA Photos/Getty Images

प्रत्येक ऐशेज़ दौरे से पहले इंग्लैंड से एक सवाल रहता है: क्या उनका गेंदबाज़ी आक्रमण कूकाबुरा गेंद से वह कमाल कर पाएगा जो वे घर में ड्यूक गेंद से करते हैं। यूके में उपयोग किए जाने वाले ड्यूक की तुलना में कूकाबुरा काफ़ी कम स्विंग करता है। बल्लेबाज़ी के मुफिद ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर कूकाबुरा ने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों को हमेशा परेशान किया है। आमतौर पर ऑस्ट्रेलिया की पिच सख़्त और उछाल भरी होती है।
इंग्लैंड ने 2010-11 की प्रसिद्ध ऐशेज़ जीत के बाद से ऑस्ट्रेलिया में एक भी टेस्ट नहीं जीता है। उन्हें इस सूखे को ख़त्म करने के लिए स्टीवन स्मिथ और डेविड वॉर्नर के नेतृत्व वाले ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम को जल्दी आउट करना होगा, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में मेहमान टीम की गेंदबाज़ी आक्रमण को साधारण गेंदबाज़ी आक्रमण में तब्दील किया है। उभरते हुए सितारे मार्नस लाबुशेन से भी इंग्लिश गेंदबाज़ों को निपटना होगा।
ऑलराउंडर क्रिस वोक्स 2017-18 ऐशेज़ सीरीज़ में संघर्ष करते नजर आए जिसमें इंग्लैंड को 4-0 से हार का सामना करना पड़ा। वोक्स इस सीरीज में 49.50 के बेहद साधारण औसत से 10 विकेट ही हासिल कर पाए थे। 8 दिसंबर को गाबा में ऐशेज़ की शुरुआत होगी। इससे पहले ऐशेज़ दौरे के बॉलिंग हिरो रहे इंग्लैंड के दिग्गजों से वोक्स और उनके साथी तेज गेंदबाज़ ब्रॉड और एंडरसन सलाह ले सकते हैं।
ब्रिस्बेन में बारिश छुटने के कारण इंग्लैंड को आखिरकार मैदान में समय बिताने का मौका मिल गया। वोक्स ने गुरुवार को कहा, "कूकाबुरा, ड्यूक से बहुत अलग है जिससे हम घर में खेलने के आदी हैं। हमें उन लोगों से अच्छा अनुभव मिला है जो पहले से ब्रिस्बेन में हैं। पूर्व में क्या कारगर रहा है यह देखने के लिए हम उन लोगों के साथ छोटी सी छोटी चीजों पर काम कर रहे हैं।"
पारंपरिक रूप से कूकाबुरा की अनिश्चितताओं को कंट्रोल करना इंग्लैंड के गेंदबाज़ों के लिए मुश्किल रही है। इस दौरे पर ब्रिस्बेन के खराब मौसम के कारण मैच प्रैक्टिस की कमी से इंग्लैंड की मुश्किलें और बढ़ गई है।
वोक्स ने कहा, "गेंद को साइडवेज मूव कराना शायद सबसे बड़ी चुनौती है।" "यह प्रयोग करने की कोशिश है। "हम अलग-अलग चीज़ों पर काम करने की कोशिश कर रहै हैं, जैसे गेंद को कैसे पकड़ते हैं। गेंद को स्ट्रेट से मुव कराने की कोशिश करना काफ़ी महत्वपूर्ण है।"
वोक्स ने एक साल के बाद टेस्ट क्रिकेट मेें वापसी करते हुए ओवल में भारत के ख़िलाफ़ शानदार गेंदबाज़ी की थी। उन्होंने कहा पारंपरिक रूप से गाबा में अतिरिक्त उछाल होती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए स्विंग कराने वाले गेंदबाज़ों को सामंजस्य बैठाने के लिए तैयार रहना पड़ता था। वोक्स के अनुसार, शॉर्ट-पिच गेंदबाज़ी पर ही निर्भर नहीं रहना होगा। जिसने ऑस्ट्रेलिया में अति उत्साही गेंदबाज़ों को हमेशा असफ़ल किया है।
उन्होंने कहा, "आपको अपना खेल बदलने के लिए तैयार रहना होगा ... अलग गेंद, अलग परिस्थितियां (इंग्लैंड के लिए)," वोक्स के अनुसार "आपको यहां अच्छी उछाल मिलती है। जितना संभव हो सके इसे इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकते हैं। स्वाभाविक रूप से आप यहां थोड़ी छोटी गेंदबाज़ी करते हैं लेकिन आप ज्यादा छोटी गेंदबाज़ी नहीं कर सकते। आप इस उछाल का उपयोग करने की कोशिश कर सकते हैं।"

ट्रिस्टन होम एक स्वतंत्र क्रिकेट लेखक हैं जो दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे में खेल को कवर करते हैं। अनुवाद Espncricinfo हिंदी के एडिटोरियल फ्रीलांसर कुणाल किशोर ने किया है।