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इंग्लैंड दौर पर हरमनप्रीत के लक्ष्य : झूलन की यादगार बिदाई, बेहतर फ़ील्डिंग और फ़िनिशिंग

भारत 10 सितंबर से तीन टी20 और तीन वनडे खेलेगा

झूलन की कप्‍तानी में वनडे डेब्‍यू करने वाली हरमनप्रीत कौर उन्‍हें विदाई देने के लिए तैयार हैं  •  Pal Pillai/ICC/Getty Images

झूलन की कप्‍तानी में वनडे डेब्‍यू करने वाली हरमनप्रीत कौर उन्‍हें विदाई देने के लिए तैयार हैं  •  Pal Pillai/ICC/Getty Images

जब 2009 में हरमनप्रीत कौर ने भारत के लिए अपना पहला वनडे अंतर्राष्ट्रीय खेला था तब उनकी कप्तान झूलन गोस्वामी थीं। 13 साल बाद जब झूलन अपनी आख़िरी सीरीज़ खेलने की तैयारी कर रहीं हैं तो वह हरमनप्रीत ही हैं जो बतौर कप्तान यह अनुभव अपने वरिष्ठ साथी के लिए यादगार बनाने की योजना बना रहीं हैं।
इंग्लैंड में तीन टी20 और तीन वनडे खेलने के लिए रवाना होने से पूर्व हरमनप्रीत ने कहा, "उनके टीम में रहने से समर्थन और संतुलन, दोनों अच्छी मात्रा में मिलते हैं। मेरे डेब्यू पर वह मेरी कप्तान थीं और उनके आख़िरी वनडे में उनकी कप्तानी कर पाना एक बेहतरीन मौक़ा है। हम पुरज़ोर कोशिश करेंगे कि हम उनके लिए कुछ यादगार पल बना सकें ताकि यह अवसर उन्हें हमेशा याद रहे।"
39-वर्षीय झूलन इस साल के शुरू में विश्व कप दल का हिस्सा रहीं थीं लेकिन उन्होंने श्रीलंका के दौरे में शिरकत नहीं की। अब इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीन वनडे की सीरीज़ के लिए उन्हें टीम में जगह मिली है और आख़िरी मैच लॉर्ड्स के मैदान पर खेला जाएगा।
हरमनप्रीत ने अपने सीनियर साथी की तारीफ़ में कहा, "उनका टीम के प्रति अप्रोच और हर गेम में बेहतर करने का जज़्बा शानदार है। जब मैं टीम में आई थी तब उदाहरण द्वारा नेतृत्व करना क्या होता है मैंने उन्हीं से सीखा। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। वह पहले भी सबसे ज़्यादा मेहनत करतीं थी और अभ्यास में आज भी मैंने उनमें कोई बदलाव नहीं देखा है।"
हरमनप्रीत ने आगे कहा, "वह दो-तीन घंटे तक गेंदबाज़ी करतीं हैं और यह सबके बस की बात नहीं। उनके जैसा जूनून और किसी में मैंने नहीं देखा। बतौर क्रिकेटर और एक इंसान वह एक बड़ी प्रेरणास्रोत हैं। उनको देख कर कितने खिलाड़ियों ने बहुत कुछ सीखा है। मैंने भी उनक तैयारी और उनकी मानसिकता से इतना कुछ सीखा है। उनके साथ खेलना और उनको क़रीब से देख कर सीख पाना सौभाग्य की बात रही है।"
इसके साथ ही हरमनप्रीत ने एकादश में छह बल्लेबाज़ों की उपस्थिति पर ज़ोर दिया। साथ ही उन्होंने किरण नवगिरे और दयालन हेमलता का टी20 दल में चयन का मुख्य कारण उनकी फ़िनिशिंग को बताया। हरमनप्रीत ने कहा, "मुझे लगता है कि प्रारूप चाहिए कोई भी हो आपको छह बल्लेबाज़ों की ज़रूरत पड़ती है। (इसके अलावा) दो या तीन विशेषज्ञ गेंदबाज़ और दो-तीन ऑलराउंडर के साथ टीम का अच्छा संतुलन बैठता है। हम एक या दो जगहों में थोड़ा कमज़ोर थे, जैसे स्लॉग ओवरों में 10 रन प्रति ओवर या ज़्यादा से रन बनाने वाले खिलाड़ी, और हमने इन स्थानों को भरने के लिए कुक विशेष चयन किए हैं।"
सीनियर महिला टी20 ट्रॉफ़ी में नागालैंड के लिए मेहमान खिलाड़ी के तौर पर नवगिरे ने अपने 525 रन सलामी बल्लेबाज़ी करते हुए बनाए थे। इस प्रदर्शन में उनका सर्वाधिक स्कोर एक रिकॉर्ड 162 नाबाद था। मई में महिला टी20 चैलेंज में उन्होंने सबसे तेज़ अर्धशतक तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हुए जड़ा था। वहीं हेमलता ने रेलवे के लिए ख़ासतौर पर निचले क्रम में खेलते हुए 272 रन बनाए थे। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों सीमित ओवर की टीम में फ़िनिशर की भूमिका के लिए प्रबल दावेदार हैं।
हरमनप्रीत ने कहा, "मैं टी20 चैलेंज में केपी [नवगिरे] से काफ़ी प्रभावित हुई थी। हम देखेंगे कि हम ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को कैसे विकसित कर सकते हैं। यह हमारी एक ख़ामि रही है। ऐसे खिलाड़ी शक्ति और कौशल लाते हैं। अगर हम उनके साथ काम करते है और उनके प्रतिभा को और बेहतर बना सकते हैं तो यह टीम के लिए बहुत मददगार होगा। मैंने उन्हें घरेलू क्रिकेट में खेलते हुए देखा है और उनके आने से टीम में मज़बूती आएगी।"
विश्व कप के बाद भारत ने विकेटकीपिंग विभाग में भी कुछ प्रयोग किए थे। तानिया भाटिया को दो सफ़ेद-गेंद प्रारूपों में वापस बुलाया गया था। राष्ट्रमंडल खेलों के लिए यास्तिका भाटिया को ऋचा घोष के आगे चुना गया था। इंग्लैंड दौरे पर ऋचा टी20 टीम में लौट रहीं हैं और जहां यास्तिका केवल वनडे दल में होंगीं, वहीं तानिया का चयन दोनों टीमों के लिए हुआ है।
हरमनप्रीत ने कहा, "दोनों फ़ॉर्मैट में देखा जाए तो कीपर की भूमिका अलग होती है। वनडे में आपको ऐसा खिलाड़ी चाहिए जो देर तक टिके और टी20 में कोई ऐसा जो तेज़ शुरुआत करे। हम इसी वजह से अलग खिलाड़ियों को मौक़ा देना चाहते हैं ताकि उन्हें भरपूर अवसर मिले अपने विश्वास को बढ़ाने का।"
भारत हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों के फ़ाइनल में एक क़रीबी मैच में ऑस्ट्रेलिया से हारा था और हरमनप्रीत ने कहा कि इस वैश्विक टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन का राज़ है टीम के फ़ील्डिंग और फ़िटनेस के स्तर में उत्थान।
उन्होंने कहा, "हम इन दोनों चीज़ों पर काम कर रहे हैं क्योंकि हम जानते हैं अगर हम इनमें सुधार लाते हैं तो हम करिश्माई खेल दिखा सकते हैं। राष्ट्रमंडल खेल में हमने अच्छी फ़ील्डिंग की लेकिन हम और बेहतर कर सकते हैं। एनसीए में एक छोटा कैंप भी हुआ जिसमें फ़ील्डिंग और अन्य कौशल पर ध्यान दिया गया। अगर इसका असर इंग्लैंड में दिखता है तो हमारे आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। विश्व कप और राष्ट्रमंडल खेल जैसे बड़े टूर्नामेंट में अगर आप अपनी कौशल के साथ अच्छी फ़ील्डिंग जोड़ सकते हैं तो यह टीम के लिए कारगर साबित होता है।" भारत इंग्लैंड के साथ पहले तीन टी20 खेलेगा और फिर आईसीसी महिला चैंपियनशिप के तहत तीन वनडे मुक़ाबले खेलेगा।

एस सुदर्शन ESPNcricinfo में सब एडिटर हैं। अनुवाद ESPNcricinfo में स्‍थानीय भाषा प्रमुख देबायन सेन ने किया है।