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तिलक : सिर्फ़ 19 साल की उम्र में इंडिया ए के लिए खेलना मेरे लिए गर्व की बात

"आईपीएल में खेलने के बाद से मेरा आत्मविश्वास बहुत बढ़ गया है"

शतक जमाने के बाद तिलक  •  Manoj Bookanakere/KSCA

शतक जमाने के बाद तिलक  •  Manoj Bookanakere/KSCA

न्यूज़ीलैंड ए के ख़िलाफ़ पहले अनाधिकृत टेस्ट में खेलने से पहले तिलक वर्मा ने सिर्फ़ चार प्रथम श्रेणी मैच खेले थे, जिसमें उनके नाम आठ पारियों में बिना किसी शतक के 31.9 की औसत से 255 रन दर्ज थे। हालांकि इस दौरान वह सीमित ओवर क्रिकेट में लगातार धूम मचा रहे थे।
हैदराबाद के लिए सिर्फ़ 17 साल की उम्र से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले इस युवा बल्लेबाज़ के नाम 16 लिस्ट ए मैचों में तीन शतकों और तीन अर्धशतकों की मदद से 784 रन दर्ज हैं, जबकि 29 टी20 मैचौं में उनके नाम लगभग 140 के स्ट्राइक रेट से 778 रन हैं। इसमें आईपीएल 2022 में मुंबई इंडियंस के लिए किया गया धमाकेदार प्रदर्शन भी शामिल है, जब उन्होंने डेब्यू करते हुए 36 की औसत और 131 के स्ट्राइक रेट से 397 रन बनाए।
लेकिन तिलक का सपना भारत के लिए सफ़ेद जर्सी में खेलना है और वह इतने कम उम्र में ही इसके सबसे क़रीब आकर बहुत ख़ुश हैं। एक विदेशी टीम के ख़िलाफ़ अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक बनाने के बाद उन्होंने कहा, "मेरा हमेशा से यह लक्ष्य रहा है कि मैं भारत के लिए सफ़ेद जर्सी में खेलूं। यह मेरा सपना है। भारत में इतनी प्रतिभाएं है, इतने क्रिकेटर हैं, उन सबके बीच 19 साल की उम्र में इंडिया ए के लिए खेलना और शतक बनाना निश्चित रूप से मेरे लिए गर्व की बात है। मैं अपने इस प्रदर्शन से बहुत ख़ुश हूं और इसमें आगे और भी बेहतर करना चाहता हूं।"
मध्यक्रम के इस बल्लेबाज़ ने न्यूज़ीलैंड ए के ख़िलाफ़ बेंगलुरू में ड्रॉ हुए इस मैच में 183 गेंदों में नौ चौकों और छह छक्कों की मदद से 121 रन बनाए। उन्होंने रजत पाटीदार (176) के साथ पांचवें विकेट के लिए 186 रन जोड़े और अपनी टीम को पहली पारी की बढ़त दिलाई। तिलक ने अपने इस प्रदर्शन का श्रेय आईपीएल को दिया।
वह कहते हैं, "आईपीएल के प्रदर्शन के बाद से मेरा आत्मविश्वास बहुत बढ़ गया है और मैं एक आत्‍मविश्‍वास से भरा खिलाड़ी बन गया हूं। इस आत्‍मविश्‍वास से मुझे यहां भी अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिली। वहां पर सचिन (तेंदुलकर) सर, रोहित (शर्मा) भैय्या जैसे बड़े-बड़े नाम थे। उन्हें देखकर तो मैं एक समय नर्वस हो गया था और ऐसा लगा कि मैं यहां पर अपनी जगह डिज़र्व ही नहीं करता। लेकिन आस-पास के सहज माहौल ने मुझे भी सहज किया। रोहित भैया भारत के कप्तान और बहुत ही सीनियर खिलाड़ी हैं लेकिन उनसे बात करने से कभी ऐसा नहीं लगा। वह मैदान के अंदर और बाहर आपकी हमेशा मदद के लिए तैयार रहते हैं।"
आईपीएल के प्रदर्शन के बाद से सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर सहित तमाम दिग्गज तिलक से बहुत प्रभावित हुए थे। जहां तेंदुलकर ने उनकी क्लास और टेंपरामेंट की तारीफ़ करते हुए उन्हें भविष्य का सितारा बताया था, वहीं गावस्कर और रोहित ने कहा था कि वह जल्द ही भारत के लिए तीनों फ़ॉर्मेट में खेलते हुए दिखाई दे सकते हैं। तिलक इन सभी प्रशंसाओं से अभिभूत हैं, लेकिन इससे दबाव में नहीं आना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "अगर आपकी तारीफ़ रोहित, गावस्कर, सचिन करते हैं तो आपके आत्मविश्वास को बहुत बढ़ावा मिलता है। यह सब मेरे लिए बहुत अच्छे संकेत हैं। लेकिन तब आपको यह भी ध्यान रखना होता है कि आप उस तारीफ़ को कैसे लेते हैं। कई बार युवा खिलाड़ी इससे दबाव में भी आ जाते हैं और कई बार अतिउत्साहित भी हो सकते हैं। लेकिन एक खिलाड़ी के रूप में आपको संतुलन रखना पड़ता है। आप उस तारीफ़ को कैसे लेते हो, यह आपके प्रदर्शन में भी दिखना चाहिए।"
नए सीज़न के लक्ष्य के बारे में पूछने पर तिलक ने कहा, "मैं हर दिन का लक्ष्य बनाकर चलता हूं और अधिक दूर का नहीं सोचता। मेरी कोशिश होती है कि मैं हर दिन अपने आपको और कैसे बेहतर करूं। मेरी प्रतिस्पर्धा, लड़ाई किसी और के साथ नहीं बल्कि ख़ुद से है कि मैं अपने खेल और फ़िटनेस को कितना और अच्छा कर सकता हूं। मैं अपना दिमाग़ इन सब बातों में लगाता हूं और मुझे इसका परिणाम भी मिल रहा है।"

दया सागर ESPNcricinfo हिंदी में सब एडिटर हैं @dayasagar95